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जेल जाने से के डर से आरोपी ने की आत्महत्या, कहा मुझे जेल नहीं जाना

सोनीपत की इंडियन कालोनी में हत्या के मामले में सजायाफ्ता युवक ने पेरोल पर आकर अवैध देशी कट्टे से गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। युवक कई दिनों से परिजनों को पेरोल पूरी होने पर जेल न जाने की बात कह रहा था।

मुझे जेल नहीं जाना, कहकर अवैध हथियार से गोली मारकर कर ली आत्महत्याआत्महत्या(प्रतीकात्मक फोटो)

सोनीपत शहर के थाना क्षेत्र की इंडियन कालोनी में हत्या के मामले में सजायाफ्त युवक ने पेरोल पर आकर अवैध देशी कट्टे से गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

युवक कई दिनों से परिजनों को पेरोल पूरी होने पर जेल न जाने की बात कह रहा था। जिसके बाद परिजनों ने उसे समझाया। शुक्रवार सुबह खुद को कमरे में बंद कर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची शहर थाना पुलिस ने एफएसएल की टीम को बुलाया। नमूने एकत्रित करने के बाद शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। उसके बाद शव को महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल खानपुर में लेकर पहुंचे जहां शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर मृतक के खिलाफ अवैध हथियार रखने का मुकदमा दर्ज किया हैं।

शहर की इंडियन कालोनी के रहने वाले पंकज (22)ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अपने कमरे में देशी पिस्तौल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पंकज हत्या के मामले में उम्रकैद का सजायाफ्ता है और वह 21 दिन पहले पैरोल लेकर घर आया था। उसे शुक्रवार को ही वापस जेल जाना था। उसने वापस जेल जाने से चंद घंटे पहले ही आत्महत्या कर ली। घटना से पहले पंकज ने अपने परिजनों से जेल वापस जाने से मना किया था। उसके परिजनों ने उसे समझाने का प्रयास किया तो वह कमरे में घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर आत्महत्या कर ली। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची शहर थाना पुलिस व एफएसएल की टीम ने मौके से नमूने एकत्रित किये। उसके बाद शव को नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। जहां शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मृृतक के पिता के बयान पर मृतक के खिलाफ अवैध हथियार रखने का मुकदमा दर्ज कर लिया हैं।

पापा मैं नहीं जाउंगा वापिस जेल

पंकज के परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह 21 दिन पहले पैरोल लेकर भौंडसी जेल से वापस आया था। कई दिनों से जेल में वापिस नहीं जाने की जिद लगा रहा था। रिश्तेदारों को बुलाकर समझाया। उसे शुक्रवार को वापस जाना था। उसने सुबह परिजनों से कहा था कि वह जेल में नहीं जाना था। वह परिजनों को मना कर कमरे में घुस गया था। उसने अंदर जाकर आत्महत्या कर ली थी।

घर में मातम का माहौल

मृतक पंकज का पिता परिवार का पालन-पोषण करने के लिए प्राइवेट एम्बुलेंस चलाता था। पंकज भी दो बहनों का इकलौता भाई था। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और छोटी बहन उसके माता-पिता के पास रहती है। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल हैं।

जैसी करनी, वैसी भरनी

तीन दिन से जेल में वापिस न जाने की जिद पर परिजनों को रिश्तेदारों को घर बुलाया। उसके बाद पंकज को सभी ने समझाने की कोशिश की भी। लेकिन शुक्रवार को सुबह करीब 8 बजे खुद को कमरे में बंद कर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक बहन पिता को गले लगाकर बोली की पापा जैसी करनी वैसी भरनी, उसने भी तो किसी की इकलौती औलाद को मारा है। मैं हूं तुम्हारे साथ मैं तुम्हारी सेवा करूंगी। मुझे अपना बेटा ही समझा लो। पिता के गले लगकर बेटी रोने लगी।

जवान के बेटे की हत्या में हुई थी उम्रकैद

अपने घर के अंदर आत्महत्या करने वाला पंकज दिल्ली पुलिस के जवान जोगिंद्र सिंह के बेटे की हत्या में दोषी था। पंकज को मालवीय नगर गली नंबर 1 निवासी दिल्ली पुलिस के जवान जोगिंद्र सिंह के इकलौते बेटे मोहित (22) की हत्या का आरोप था। उसने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर 29 अक्तूबर 2016 को द्वितीय वर्ष के छात्र मोहित की हत्या की थी। पंकज व उसके तीन साथी पंकज कुमार निवासी गढ़ी ब्राह्मणान, नवीन व अनिल निवासी मयूर विहार पर आरोप था कि वह घटना के दिन किसी अंगद नाम के युवक को पीट रहे थे। मोहित उसे बचाने लगा तो उन्होंने उसकी हत्या कर दी थी। चारों को अदालत ने 16 फरवरी, 2018 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिसके बाद से पंकज भौंडसी जेल में सजा काट रहा था।

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