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जल्‍द शुरु होगी अटल खेतीबाड़ी खाता योजना, सीएम ने की कई महत्‍वपूर्ण घोषणाएं

किसानों की अतिरिक्त आय और आर्थिक प्रबंधन के लिए योजना शुरु की जाएगी।

जल्‍द शुरु होगी अटल खेतीबाड़ी खाता योजना, सीएम ने की कई महत्‍वपूर्ण घोषणाएं

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को कहा कि किसानों की अतिरिक्त आय सुनिश्चित करने और आर्थिक प्रबंधन के लिए ‘अटल खेतीबाड़ी खाता योजना’ लागू की जाएगी। इसके साथ-साथ सहकारी खेती व फसलों के विविधिकरण के माध्यम से केन्द्र सरकार के सहयोग से ऐसी योजनाएं तैयार की जा रही है, ताकि आने वाले समय में देश में ‘सतरंगी कृषि क्रांति’ का आगाज हो और इससे किसानों की आय बढ़ सके।

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रविवार यहां सेक्टर-27 स्थित प्रेस क्लव में ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह बात कही। सीएम ने कहा कि हाल ही में गेहूं और सरसों के फसलों को बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई का मुआवजा किसानों को एक महीने में दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विशेष गिरदावरी व केन्द्र सरकार से आकलन के लिए टीम भेजने का अनुरोध किया गया है, जो शीघ्र ही हरियाणा में काम आरम्भ करेगी।

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3600 एकड़ जमीन छोड़ी: सीएम भूमि अधिग्रहण को लेकर बोले कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार ने बावल में किसानों के कहे अनुसार जमीन छोड़ दी। भूमि अधिग्रहण पर मुआवजे की दर की एक व दो की गणना का फार्मूला निर्धारित करने का निर्णय कांग्रेस सरकार का था।

इस सम्बन्ध में प्रक्रिया जारी थी। 26 अक्तूबर 2014 को भाजपा सरकार बनी थी, जबकि भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना 28 अक्तूबर को हुई थी तथा 4 दिसम्बर को इसे प्रकाशित किया गया था। अधिसूचना के बाद सरकार ने बावल के किसानों की 3600 एकड़ जमीन छोड़ी है।

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यह निर्देश भी दिए: बैंकों को फसली ऋणों की किश्तों की समय सीमावधि में छूट देने तथा कृषि बीमा की राशि का प्रीमियम भी न काटने को कहा गया है, क्योंकि रबी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। राज्य में एक बागवानी विश्वविद्यालय खोलने की स्वीकृति केन्द्र ने दी है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना हालांकि केन्द्र का विषय है परंतु सरकार ने फसलों के न्यूनतम सर्मथन मूल्य में हर वर्ष 10 प्रतिशत वृद्घि करने सिफारिश की है और वर्ष 2019 तक स्वामीनाथन आयोग के फसल लागत जमा 50 प्रतिशत लाभ के न्यूनतम सर्मथन मूल्य के फार्मूले तक पहुंच जाएगा।

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