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हरियाणा: स्टेट विजिलेंस चीफ की दौड़ में तीन अफसर

पैनल में किसी एक अफसर की नियुक्ति मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनी है।

हरियाणा: स्टेट विजिलेंस चीफ की दौड़ में तीन अफसर

चंडीगढ़. हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के मुखिया की तैनाती के लिए सिर्फ तीन अफसर दौड़ में रह गए हैं। ब्यूरो मुखिया की तैनाती के लिए मुख्य सचिव और गृह सचिव की कमेटी ने पैनल तैयार कर लिया है। ब्यूरो मुखिया तैनात करने के लिए कांग्रेस सरकार ने चयन प्रक्रिया बनाई थी।

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इसी प्रक्रिया को अपनाते हुए कमेटी ने 14 अफसरों का सर्विस रिकार्ड खंगाला और तीन अफसरों परमिंदर राय, डॉ. केपी सिंह और डॉ. बीके सिन्हा के नाम का पैनल तैयार किया है। पैनल में किसी एक अफसर की नियुक्ति मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने करनी है। यह पैनल मुख्यमंत्री के पास पहुंच चुका है। अभी ब्यूरो का चार्ज डीजीपी सिंगल के पास है।

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परमिंदर राय
1982 बैच के आईपीएस परमिंदर राय इस समय हरियाणा पुलिस के सीनियरमोस्ट अफसर हैं। उनसे ऊपर 1979 बैच के शरद कुमार हैं। हालांकि उनकी रिटायरमेंट 31 अक्टूबर, 2015 को थी मगर वे एनआईए महानिदेशक हैं इसलिए केंद्र सरकार ने उन्हें एक्सटेंशन दे रखी है। वैसे भी वे केंद्र में हैं। परमिंदर राय पहले भी लंबे समय तक ब्यूरो में कई पदों पर रह चुके हैं। इस समय सरकार ने उन्हें महानिदेशक जेल तैनात कर रखा है। उनकी रिटायरमेंट 31 जनवरी, 2019 को होगी। यानी उनके पास तीन साल का कार्यकाल है।
डॉ.केपी सिंह
1985 बैच के आईपीएस डॉ. केपी सिंह इनेलो सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के समय सीआईडी प्रमुख रहे हैं। वे कई किताबें लिख चुके हैं और पुलिस प्रशासन के बारे अभी भी लिख रहे हैं। वे इस समय महानिदेशक क्राइम पद पर हैं। यह पद पुलिस महानिदेशक के नीचे होता है और डीजीपी क्राइम सीधे डीजीपी को रिपोर्ट करते हैं। उनकी रिटायरमेंट 30 जून, 2020 को होगी। यानी उनके पास साढ़े चार साल का कार्यकाल बकाया है। केपी सिंह प्रदेश में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके है।
बीके सिन्हा
1986 बैच के आईपीएस डॉ. बीके सिन्हा कई साल केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर रहे हैं। पंचकूला इंडस्ट्रियल प्लाट आवंटन मामले की प्रारंभिक जांच भी उनकी देखरेख में हुई थी। उनकी जांच रिपोर्ट को हालांकि तत्कालीन महानिदेशक एसएन वशिष्ट ने पूरी तरह नहीं माना था मगर एडवोकेट जनरल और सीएम ने उनकी सिफारिश को स्वीकार करते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। गत एक जनवरी को उनकी प्रमोशन डीजीपी के लिए देय हो गई है। उनकी रिटायरमेंट 30 सितंबर, 2019 को होगी।
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