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बुजुर्ग दर्शना ने दुनियां में किया भारत का नाम रोशन

पानीपत की दर्शना देवी ने 70 साल की उम्र में खेलकूद का अभ्यास किया और देश में पानीपत व हरियाणा का नाम रोशन किया।

बुजुर्ग दर्शना ने दुनियां में किया भारत का नाम रोशन
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हरिभूिम न्यूज: पानीपत। पानीपत की दर्शना देवी ने 70 साल की उम्र में खेलकूद का अभ्यास किया और देश में पानीपत व हरियाणा का नाम रोशन किया। दर्शना देवी ने 75 साल की उम्र में एशिया पैसेफिक मास्टर गेम्स में जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता, जबकि 1500 मीटर पैदल चाल में सिल्वर, 5000 पैदल चाल में कांस्य पदक, 100 मीटर रेस में कांस्य पदक, 400 मीटर रिले दौड में कांस्य पदक जीता।

पौती व दोहती का भी विवाह कर चुकी दर्शना देवी ने अपने पति मास्टर धर्मपाल देशवाल के कहने पर 70 साल की उम्र में खेलकूद में भाग लेने के लिए अड्टयास शुरू किया। दर्शना देवी ने बिना किसी कोचिंग के निरंतर अभ्यास शुरू किया और मास्टर देशवाल की सलाह के अनुसार पैदल चाल, 100 मीटर दौड, डिस्क थ्रो व जैवलिन थ्रो का अभ्यास घर के सामने पार्क में शुरू किया। दर्शना देवी अपने पारिवारिक जीवन में व्यस्त रहने के बाद भी हर रोज सुबह व शाम पांच-पांच किलोमीटर पैदल चाल व दौड़ लगाकर अभ्यास करती है।

वहीं दर्शना देवी खेलों में भाग लेने के लिए कोई खास खुराक के बजाए दाल-रोटी से ही काम चलाती है। गत वर्ष पानीपत में आयोजित पिंक मैराथन में 10 किलोमीटर रेस में भाग लेने पर जहां दर्शना को प्रदेश सरकार ने 11 हजार रूपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया था। वहीं जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित मास्टर्स खेल प्रतियोगिता में दर्शना देने ने पैदल चाल, जैवलिन थ्रो, डिस्क थ्रो में गोल्ड मेडल, सिल्वर व ब्रांच मेडल जीत चुकी है।

खेल कूद के साथ दर्शना देवी पर्यावरण को बढावा देने के लिए भी युवाओं को जागरूक करती है और मानसून के दौरान हुडा सेक्टर 13, 17, हाउसिंग बोर्ड कालोनी में पौधे रोपते हुए उनकी जवान होने तक देखभाल कराती है। दर्शना देवी की मेहनत का ही नजीजा है कि यह क्षेत्र पेड-पौधों से हरा भरा हो चुका है। दर्शना देवी का कहना है कि वे जीवन की अंतिम सांस तक खेलकूद में भाग लेती रहेगी।

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