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हरियाणा : पछुआ हवा चली, प्रदूषण से राहत मिली, 5 किसानों पर पराली जलाने का केस

बीते दो-तीन दिन से क्षेत्र में दस-बारह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुवा हवा चली। जिससे हवा में मौजूद खतरनाक कणों की संख्या कम हो गई।

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बीते दो-तीन दिन से क्षेत्र में दस-बारह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुवा हवा चली। जिससे आबोहवा में मौजूद खतरनाक कणों की संख्या कम हो गई। गत 14 नवम्बर को रोहतक में पीएम 2.5 की जो मात्रा 400 से अधिक पहुंच गई थी। वह रविवार शाम को पौने सात बजे 174 तक थी। जबकि सुबह एक्यूआई 350 के करीब था।

इधर, पराली जलाने के आरोप में प्रशासन ने विभिन्न गांव के पांच किसानों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। उधर गांव घुसकानी में किसानों ने पराली जला दी। पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाई। आग कैसे लगी पुलिस मामले की जांच कर रही है। जहां पर आग लगी हुई थी, उसके बिल्कुल साथ नवोदय विद्यालय का कैम्पस है।

इनके खिलाफ पुलिस में दी शिकायत

प्रशासन की टीम ने गांव मदीना गिंधराण के कर्मपाल और राजनारायण, खरकड़ा भिखलान के राजेंद्र सिंह और रामनिवास तथा मदीना कोरसान के सहदेव के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है कि इन्होंने अपने खेतों में पराली जलाई है। प्रशासन के पास लगने की सूचना हरसेक से मिली थी। इसके बाद ही टीम मौके पर पहुंची। टीम को किसानों ने बताया कि आग उन्होंने नहीं लगाई। बल्कि आग अज्ञात कारणों के चलते लगी है। हालांकि किसानों ने अज्ञात कारणों से आग लगने की शिकायत पुलिस को नहीं की है।

तेज हवा से लग सकती है आग

पराली में आग बीड़ी, सिगरेट के जलते टुकड़ों को फैंक देने से लग सकती है। क्योंकि क्षेत्र में हवा तेज गति से चल रही है। ऐसे हालात में एक छोटी सी चिंगारी आग को पूरी तरह से भड़का सकती है। बीते रबी के सीजन में जिले में कई स्थानों पर ऐसे ही आग लगने से सैकड़ों एकड़ गेहूं जलकर राख हो गई थी।

किसान दर्ज करवा सकता है केस

अगर आपकी पराली को कोई अज्ञात व्यक्ति जला देता है तो इसकी रिपोर्ट अपने पुलिस थाना में करवा सकते हैं। वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 में बकायदा यह प्रावधान है। आग की घटनाओं पर नजर रखने के लिए सरकार ने प्रत्येक गांव के लिए टीम गठित की हुई हैं। इनमें राजस्व विभाग का पटवारी, ग्राम सचिव और कृषि विकास अधिकारी को शामिल किया हुआ है।

70 फीसदी कटाई पूरी

धान की जिले में एक लाख एकड़ में बिजाई की गई थी। इसमें अभी तक 70 फीसदी की कटाई किसान कर चुके हैं। कृषि विभाग का कहना है कि खाली हुई जमीन में किसान तुरंत गेहूं की बिजाई कर दें। डॉ. राेहतास सिंह, उप निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग रोहतक

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