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Coronavirus : कैदियों की मुलाकात पर 18 मार्च से 31 मार्च तक रोक, ये है कारण

कोरोना वायरस को लेकर ऐतिहात के तौर पर जेल प्रशासन ने उठाए कदम। आईसोलेशन वार्ड बनाया, सैनेटाइजर, साबुन व स्वच्छता पर ध्यान। एक हजार के लगभग बंदी तथा कैदी है जिला कारागार मे।

Coronavirus : कैदियों की मुलाकात पर 18 मार्च से 31 मार्च तक  रोक, ये है कारण

हरिभूमि न्यूज. जींद। कोरोना वायरस को लेकर जिला कारागार में बंदियों के स्वास्थ्य के मध्यनजर ऐतिहातिक तौर पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से 18 मार्च से 31 मार्च तक कैदियों व बंदियों की मुलाकात पर रोक लगा दी गई है। जबकि नए हवालातियों को इस दौरान दो मुलाकात की छुट दी गई है। जेल में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है तो साथ ही सीएमओ को पत्र लिखकर स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा सैशन जज को भी पत्र लिखकर वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी भुगतने की अपील की गई है।

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए भीड़ एकत्रित होने पर रोक लगाई गई है। जिन स्थानों पर भीड़ ज्यादा होती है उन पर सतर्कता भी बढ़ाई गई है। कोरोना वायरस को लेकर एक हजार बंदियों व कैदियों वाले जिला कारागार में जींद जेल प्रशासन द्वारा पुख्ता कदम उठाए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से 18 मार्च से 31 मार्च तक कैदियों की मुलाकात पर रोक लगा दी गई है। इसी प्रकार जो नए हवालाती जेल में बंद है उन्हें सिर्फ दो मुलाकातों की छुट दी गई है। 14 ब्लॉकों वाली जेल में आइसोलेशन वार्ड की स्थापना की गई है। जिसमें खांसी, जुकाम वाले बंदियों तथा कैदियों को रखा जाएगा।

जबकि स्वस्थ कैदियों व बंदियों को अलग से बैरक में रखा गया है। सभी बैरकों में साफ कम्बल, डस्टबीन, साबुन रखा गया है और सभी कैदियों तथा बंदियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर घंटे हाथों को धोएंगे। जेल में इंट्री के दौरान आगुंतक पर सैनेटाइजर का छिड़काव किया जा रहा है। बैरकों से बाहर आने तथा कैंटीन के लिए भी कैदियों तथा बंदियों के लिए टाइम टेबल निर्धारित किया गया है। निश्चित संख्या में ही एक बैरक के बंदी तथा कैदी निर्धारित समय के लिए प्रांगण में आ सकते हैं। इसी प्रकार कैदियों तथा बंदियों को दी गई टेलीफोन की सुविधा पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। जेल प्रशासन ने जेल में स्थायी चिकित्सक की डयूटी लगाए जाने को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसी प्रकार सैशन जज को भी पेशी वीडियो कांफे्रसिंग के जरिए किए जाने की अपील की है। विशेष चौकसी के पीछे मुख्य वजह कोरोना वायरस के संपर्क संक्रमण को रोकना है।

जेल उपाधीक्षक राकेश लोहचब ने बताया कि जेल में बंदी तथा कैदियों के स्वास्थ्य के मध्यनजर कोरोना वायरस को देखते हुए विशेष कदम उठाए गए हैं। ताकि संपर्क संक्रमण न बढ़े। कैदियों की मुलाकात पर रोक लगाई गई है। आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था की गई है। सैनेटाइजर, साबुन तथा साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही बंदियों तथा कैदियों को जागरूक भी किया गया है।

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