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Rohtak PGI : कोरोना पॉजिटिव मां को वीडियो कॉल करके बच्ची दिखाई

रोहतक पीजीआई में गुरुवार को कोरोना संक्रमित मां और उसके नवजात बच्ची के बीच वीडियो कॉल करवाई। दरअसल, जन्म के बाद से ही मां अपने बच्ची को देख नहीं सकी थी। फिलहाल बच्ची और मां दोनों की हालत सामान्य है। नवजात को संक्रमण से बचाने के लिए दो सप्ताह फार्मूला फीडिंग पर रखा जाएगा।

Rohtak PGI : कोरोना पॉजिटिव मां को वीडियो कॉल करके बच्ची दिखाई
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गुरुवार को वीडियो कॉल के जरिए मां पहली बार नवजात बच्ची को देखते हुए।

पीजीआई रोहतक (PGI Rohtak) में गुरुवार को एक कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) मां को वीडियो कॉल करवाकर उसकी बच्ची काे दिखाया गया। कोरोना संक्रमित महिला ने 12 मई की देर रात सिजेरियन (Cesarean) के जरिए बच्ची काे जन्म दिया था। नवजात को मां से अलग रखा गया है जिससे वह कोरोना के संक्रमण से बची रहे। वहीं गुरुवार को पीजीआई के डाक्टरों ने वीडियो कॉल (video call) करवाकर मां को उसकी बच्ची का दीदार कराया है। वीडियो कॉल पर नवजात को देखकर मां (Mother) भावुक हो गई। मां ने चेहरे पर मास्क लगा रखा था और बच्ची को देखकर वह काफी खुश थी।

बता दें कि बहादुरगढ़ में कंटेनमेंट जॉन में सैंपलिंग की गई तो गर्भवती महिला कोरोना वायरस से संक्रमित मिली। उसे 11 मई को पीजीआई में भर्ती करवाया गया। 12 मई की रात 1 बजकर 48 मिनट पर महिला का ऑपरेशन किया गया, इसके बाद स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। बच्ची को नीकू में बने कोविड रूम में रखा गया है। प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव महिला द्वारा बच्ची को जन्म देने का यह पहला मामला है। इसलिए जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए पूरी एहतियात बरती जा रही है। बच्ची का सैंपल भी लिया गया था उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।

बच्ची को फार्मूला फीडिंग

फिलहाल बच्ची को फार्मूला फीडिंग करवाया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार 10 दिनों के बाद बच्ची को महिला के पास रखा जा सकता है, लेकिन कोरोना के कारण अभी इस पर विचार किया जाएगा। अगर महिला की रिपोर्ट निगेटिव नहीं आती है तो बच्ची को उसके परिवार के किसी स्वस्थ्य सदस्य को सौंप दिया जाएगा। चिकित्सक महिला के स्वास्थ्य पर पूरी नजर रख रहे है।

प्रदेश का पहला मामला

प्रदेश का यह पहला मामला है, जब वायरस से संक्रमित महिला ने बच्ची को जन्म दिया है। अमूमन नवजात की रिपोर्ट निगेटिव ही आती है। मां और बच्ची की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों को अलग-अलग रखा गया है। हमारे चिकित्सक दोनों पर नजर रख रहे है। -डॉ. ओपी कालरा, कुलपति, स्वास्थ्य विवि



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