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दहेज केस में परिवार का नाम हटाने के लिए ASI ने लिए 10 हजार, विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों दबोचा

गिरफ्तारी से बचने के लिए एएसआई (ASI) ने महिला थाना परिसर (Women Police Station) में ही खूब हंगामा (Rucks) किया। थाने के कुछ कर्मचारी भी उसके बचाव में आगे आए, लेकिन विजिलेंस ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। विजिलेेंस रेड के समय महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अपने कमरे में मौजूद थी।

कम राशि का एस्टीमेंट बनाने के लिए 10 हजार मांगने के आरोपी जेई को किया चार्जशीट
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जेई को रिश्वत मांगना पड़ा भारी (सांकेतिक फोटो)

विजिलेंस (Vigilence) ने महिला थाना (Rohtak Women Police Station) में कार्यरत एएसआई (ASI) रेखा को शुक्रवार की शाम दहेज के केस से परिवार के नाम एफआईआर (FIR) सेे हटाने के नाम पर आरोपित पक्ष से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। रिश्वत लेने के बाद आरोेपित स्कूटी (Scooty) पर भागने की फिराक मेंं थी, उससे पहले ही भागकर टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी से बचने के लिए एएसआई ने महिला थाना परिसर में ही खूब हंगामा किया। थाने के कुछ कर्मचारी भी उसके बचाव में आगे आए, लेकिन विजिलेंस ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। विजिलेेंस रेड के समय महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अपने कमरे में मौजूद थी।

भाई और मां को दे रहे थे धमकी

विजिलेंस को दी शिकायत में कबूलपुर निवासी हरीश ने बताया कि वह अपने माता पिता के साथ सुनारियां रोड स्थित श्रीराम काॅलोनी में रहता है। वह पहले निजी बैंक में नौकरी करता था। उसकी शादी किलोई की सुमील से हुई थी। सुुमील उसे कई माह से परेशान कर रही थी। उसके भाई उसे और उसकी मां को धमकी दे रहे थे।

जिसकी शिकायत उसने शिवाजी काॅलोनी थाना में दी हुई है। इस दौरान अप्रैल माह में सुमील ने महिला थाना में उसकेे और परिवार के खिलाफ दहेज का केस नम्बर 31/19 दर्ज करवा दिया। इस केस में उसने कोर्ट से जमानत ले ली।

इस केस में उसके माता पिता, दो बहने, चाचा और मामा के नाम लिखवाए गए थे। केस की जांच एएसआई रेखा के पास थी। वह उसे परेशान करने लगी कि परिवार के नाम हटाने हैं तो 10 हजार रुपये दे दोे। नहीं तो हर पेशी पर पूरेे परिवार को थाने में बुलाएंगे।

हरीश ने बताया कि उसने गुजारिश की कि उसके पास रुपये नहीं है। इसके बाद भी रेखा नहीं मानी। जिसके बाद दस हजार रुपये देने के लिए हरीश थाने में गया। इसके बाद विजिलेंस ने उपायुुक्त से अनुमति लेकर तहसीलदार कनब सिंह लाकड़ा रोहतक को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट व उनके प्रवाचक नवीन कुमार को छाया गवाह नियुक्त करवाकर रेडिंग टीम में शामिल किया। इंस्पेक्टर मंजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने हरीश को पाउडर लगे हुए नोट देकर एएसआई रेखा के पास भेजा और उसके इशारे का इंतजार करने लगी।

कमरा नम्बर आठ में ली रिश्वत

हरीश ने बताया कि जब वह थाने में पहुंंचा तो एएसआई रेखा अपने कमरा नम्बर आठ में बैैठी थी। इससे पहले ही गेट पर उसने रजिस्ट्रर में इंटरी की कि उसे एएसआई रेेखा सेे मिलना है। गेट पर बैठी चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने उसका मोबााइल जब्त कर लिया। वह अंदर कमरे में गया और उसने रेखा को दो-दो हजार के दस नोट थमा दिए। जो उसने मोबाइल के बैग क्वर मेें रख लिए। वह बाहर आ गया और रेखा स्कूटी उठाकर जाने लगी। इसी दौरान विजिलेंस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

रेेखा ने रोना शुरू कर दिया। उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। विजिलेेंस आरोेपित से पूछताछ कर रही है। महिला का पति भी सोेनीपत पुलिस में बतौर एसपीओ कार्यरत है। महिला को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

विजिलेंस इंस्पेक्टर जगत सिंह ने कहा कि हरीश की शिकायत पर महिला थाना की एएसआई रेखा पर केस दर्ज किया गया है। इंस्पेेक्टर मंजीत सिंह के नेतृृत्व में टीम ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।


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