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हरियाणा शीत सत्र: एसपी संगीता के मुद्दे पर हंगामा, विधानसभा में हाथापाई की नौबत

सदन में जमकर हंगामा, बाउंसरों ने किया बीच बचाव।

हरियाणा शीत सत्र: एसपी संगीता के मुद्दे पर हंगामा, विधानसभा में हाथापाई की नौबत
चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा का दो दिनी शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हो गया। पहले दिन सदन में फतेहाबाद एसपी संगीता कालिया के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। मामले को कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने उठाया। इसके बाद विधानसभा में हाथापाईकी नौबत आ गई। बाउंसरों को बीच में कूदना पड़ा। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद खड़े होकर सदस्यों को शांत किया और किसी अफसर की जाति व जेंडर को लेकर सवाल खड़े करने को गलत परंपरा करार दिया।
नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने दलित महिला अफसर की बात कहने वाले कांग्रेसियों से पिछली सरकार में उनके विधायक कृष्ण पंवार (वर्तमान मंत्री) के साथ में पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा के विरुद्ध उठाते हुए सदन से चंडीगढ़ पुलिस से मामले में कार्रवाई कराने की अपील की, तो हंगामा हो गया। अभय और शर्मा के बीच तू-तू, मैं-मैं हो गई। दोनों ही विधायक एक दूसरे भड़कते हुए आमने-सामने हो गए। इस बीच मार्शल पहुंचे और बीच-बचाव किया।
चेयरमैन होने के नाते आपत्ति की- अनिज विज
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सदन को बताया कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है, जिसमें एसपी फतेहाबाद के विरुद्ध नहीं बल्कि गैर कानूनी तौर शराब और मादक पदाथरें को बेचने वाले लोगों पर शिकंजा कसने व उनकी शिकायत करने वाले एनजीओ को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पत्र लिखा है। विज ने शीतकालीन सत्र में विपक्ष द्वारा उठाए सवाल के जवाब में बोले एक एनजीओ द्वारा गैर कानूनी तौर पर शराब बेचने की शिकायत पहले से सूचीबद्घ और दस नंबर पर थी, जिसके कारण एनजीओ के लोगों ने अपनी बात रखी। इस पर एसपी संगीता कालिया ने एनजीओ के कार्यकताओं को धमकाया। कष्ट निवारण समिति चेयरमैन होने के नाते इस पर आपत्ति की गई। वे एनजीओ से इस मामले को गहराई से समझना चाहते थे इसलिए उन्होंने एसपी को बाहर जाने को कहा था ताकि वे मामले को अच्छी प्रकार से समझ सकें। परन्तु एसपी ने उनकी बात नहीं सुनी।
विधानसभा में देर रात तक कार्यवाही चली, इस दौरान कांग्रेस और इनेलो विधायकों ने धान खरीद में घोटाले का आरोप लगाते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, रात को कांग्रेस और इनेलो विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन को आश्वस्त करने के लिए सीएम मनोहरलाल जब जवाब दे रहे थे, इस दौरान भी इनेलो व कांग्रेस ने नारेबाजी, शोरगुल किया। मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले में फिजिकल जांच के लिए पहले ही आदेश कर दिए गए हैं, अगर गड़बड़ी की बात मिली, तो बाहर की एजेंसी से जांच कराने से भी पीछे नहीं हटेंगे। सुबह से ही नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला इस पर काम रोको प्रस्ताव के तहत चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। इसे स्पीकर द्वारा ध्यानाकर्षण के तहत स्वीकार किया गया। साथ ही कांग्रेस विधायक दल की नेता अभय सिंह चौटाला, कर्ण दलाल, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, किरण चौधरी, सरदार जसविंद्र सिंह संधू, बलवान सिंह दौलतपुरिया, परमिंद्र ढुल, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, रघुबीर कादियान ने भी धान की खरीद घोटाले की निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराए जाने की मांग उठायी। इसके बाद विपक्ष ने वाकआउट कर दिया।
भाजपा की विधायक संतोष सारवान ने भी गोहाना कांड और मिर्चपुर जैसी घटनाओं को उठाते हुए कांग्रेसी नेताओं से सवाल पूछा जब वाल्मीकि परिवार की बच्ची से रेप व हत्या की घटना हुई उस समय उनकी आत्मा नहीं जागी। जिस पर सत्तापक्ष के विधायकों ने शेम-शेम के नारेबाजी करते हुए काफी देर तक शोरगुल किया। इस बीच अनिल विज खड़े हुए व पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीड़ित लोगों को धमकाने के चक्कर में एसपी पर भी केस दर्ज हो सकता है। विज जब इस बारे में जवाब देने लगे तो कर्णदलाल ने कईं बार चुटकी ली।
फतेहाबाद की महिला को दलित एसपी बताते हुए मुददा विधायक गीता भुक्कल ने उठाया और मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान सीएम ने कहा कि प्रशासनिक अफसरों को भी चेयर की र्मयादा रखनी होगी, सीएम ने नसीहत देते हुए कहा कि अफसरों, मंत्रियों, विधायकों को जातियों में नहीं बांटना चाहिए उन्हें सभी समाज के लोग वोट देकर सदन में भेजते हैं। इस दौरान जयप्रकाश ने भी अफसरशाही के हावी होने के पीछे राजनीति को कारण बताया उन्होंने इशारों ही इशारों में भाजपा सांसद राजकुमार सैनी द्वारा आए दिन की जा रही बयानबाजी पर भी बिना नाम लिये हमला किया।
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