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बिजली कर्मचारियों पर अंतरिम जांच में करीब 54 लाख रुपए का गबन के आरोप

2018 में कैशियर का कार्य संभाल रहे एएलएम के पद पर तैनात कर्मचारी पर बिजली बिल भरने के नाम पर उपभोक्ताओं के लाखों रुपए का गबन करने का मामला दर्ज करवाया गया था।

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कैथल के कलायत बिजली निगम कार्यालय में गबन के आरोप लगने से निलंबित किए गए कर्मचारी पर बिजली बिल भरने के नाम पर उपभोक्ताओं के लाखों रुपए का गबन करने की उगा अधिकारियों द्वारा अंतरिम जांच में साढ़े चार लाख रूपए से बढ़कर 53 लाख 86 हजार 500 रुपए का गबन करना बताया गया है।

बिजली निगम के एसडीओ भारत भूषण काला ने पुलिस का दी शिकायत में बताया कि सितंबर 2018 में कैशियर का कार्य संभाल रहे एएलएम के पद पर तैनात कर्मचारी पर बिजली बिल भरने के नाम पर उपभोक्ताओं के लाखों रुपए का गबन करने का मामला दर्ज करवाया गया था। जिसकी जांच स्थानीय विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई थी। नगर व आस पास के गांवों के कुछ उपभोक्ताओं ने बताया था कि उन्होंने बिजली बिल के रुपए तो जमा करवा दिए लेकिन उनके बिल के विभागीय कोष में रुपए जमा नहीं किए गए।

उन्होंने बताया था कि उपभोक्ताओं की शिकायत अनुसार अपै्रल व मई माह के बिलों की अपने स्तर के साथ साथ सीए धर्मपाल चुघ व हैड कैशियर द्वारा जांच की गई तो करीब 4 लाख 50 हजार 601 रुपए की गड़बड़ पाई गई थी। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि उक्त एएलएम उपभोक्ताओं द्वारा जमा करवाए गए रुपयों की कंप्यूटर से एंट्री कैंसिल कर देता था।

उन्होंने बताया कि हैड आफिस में आडिट के लिए लेटर भेज दिया गया था और गबन का आंकड़ा बढ़ने का आशंका जताई गई थी। अब उक्त अधिकारियों द्वारा करवाए आडिट के अनुसार पत्र क्रमांक संख्या 2260 के अनुसार कार्यालय में कार्यरत रहे कैशियर के पद पर गोबिंद के खिलाफ 53 लाख 86 हजार 500 रुपए गबन करना पाया गया है। जिसकी लिखित शिकायत स्थानीय पुलिस थाना में दी गई है। उन्होंने आरोपी को गिरफ्तार कर जल्द से जल्द पैसे की रिकवरी करने मांग की है।

बिजली विभाग से निलंबित किए गए गोविंद ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ साजिश रची गई है। उन्हें नहीं पता कि गबन कैसे हुआ। मेरे ऊपर लगाए सभी आरोप निराधार है।

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