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गुरुग्रामः 41 स्कूलों को चला रहे हैं सिर्फ एक-एक टीचर

स्कूल में कुल 83 स्टूडेंट्स हैं, जिन्हे टीचर सुनीता पार्क एक साथ दो क्लास के बीच बैठकर पढ़ाती हैं।

गुरुग्रामः 41 स्कूलों को चला रहे हैं सिर्फ एक-एक टीचर
गुरूग्राम. सर्व शिक्षा अभियान के सहयोग से शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एक वार्षिक सर्वे में गुरूग्राम के एक सरकारी स्कूल का चौंकाने वाला सच सामने आया है। यू-डाइस की रिपोर्ट में बताया गया है कि गुरूग्राम के 41 प्राइमरी और मिडिल स्कूल सिर्फ एक टीचर के भरोसे चल रहा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, गुड़गांव के सुशांत लोक गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल में लगभग 2 साल से एक ही टीचर हैं जिनका नाम सुनीता पार्क है। स्कूल में कुल 83 स्टूडेंट्स हैं, जिन्हे टीचर सुनीता पार्क एक साथ दो क्लास के बीच बैठकर पढ़ाती हैं। स्कूल टीचर सुनीता का कहना है कि वह पिछले 2 साल से यहां अकेले सब काम देख रही हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के जिला प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर मुकेश कुमार ने बताया कि आरटीइ के नियम के अनुसार प्रत्येक 30-35 स्टुडेंट पर एक टीचर होना चाहिए। हमें मालूम है कि सुशांत लोक गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल में सिर्फ एक ही टीचर है। मुकेश कुमार मे बताया कि हमारा काम बस सूची तैयार कर शिक्षा निदेशालय को भेजना है। जिससे वह सही निर्णय ले सकें।
रिपोर्ट के मुताबिक, सुनीता ने बताया कि 2 साल पहले यहां एक और टीचर थीं, जिनकी मृत्यु होने के बाद से पूरे स्कूल की जिम्मेदारी मुझ पर है। तब से यह पोस्ट खाली है। सुनीता ने बताया कि यहां एक हेल्पर है जो बच्चों को मीड डे मील देती हैं और साफ सफाई करती हैं। हालांकि मैंने अन्य कर्मचारियों को यहां भेजने के लिए कहा है और विभाग ने जल्द ही दूसरे स्टॉफ को यहां पर भेजने का आश्वासन भी दिया है।
गुरुग्राम में शिक्षा व्यवस्था का केंद्र यहां के प्राइवेट स्कूल बन गए हैं। इन स्कूल को कॉर्पोरेट बिजनेस की तरह चलाया जा रहा है। पैसे कमाने के लिए इन प्राइवेट स्कूल में आए दिन नए-नए तरीके की चीजें करवाई जाती हैं, जिनका हल निकालना बहुत ही कठिन है। दूसरी तरफ देखा जाए तो राज्य सरकार का शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का कोई खास इरादा या जोर दिखाई नहीं पता है। बता दें कि इस साल हरियाणा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 51% छात्र फेल हुए थे। इस तरह सी ब्लॉक के सुशांत लोक सरकारी प्राइमरी स्कूल में 239 छात्रों पर एक ही टीचर की नियुक्ति है जबकि मौजूद टीचर के मुताबिक दो और टीचरों की जरूर है।
यू-डाइस की रिपोर्ट में बताया गया है कि गुरुग्राम ब्लॉक के 7 स्कूल, पटौदी के 9, सोहना के 18 और फर्रुखनगर के 7 स्कूलों में सिर्फ एक-एक टीचर हैं। दरबारीपुर के प्राइमरी स्कूल के टीचर रविंद्र का कहना है कि यहां परमानेंट टीचर सिर्फ मैं हूं। हालांकि ब्लॉक ऑफिस से मदद के लिए अस्थाई रूप से एक टीचर की नियुक्ति की गई जो काफी नहीं है। रविंद्र ने बताया कि उन्होंने पांच टीचरों की नियुक्ति के लिए कहा था।
सरकारी स्कूल टीचर नासिर का कहना है कि यहां कई ऐसे स्कूल हैं जहां एक भी टीचर नहीं हैं। हीसा का गांव में एक प्राथमिक स्कूल ऐसा ही एक उदाहरण है। इसी तरह इशाकी सरकारी स्कूल का भी यही हाल है। नासिर का कहना है कि दो पोस्ट में वे अकेले गेस्ट टीचर हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के जिला प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर मुकेश कुमार ने कहा कि 2011 में हुए टीचर भर्ती घोटाले की वजह से सरकार ने जूनियर बेसिक शिक्षकों की भर्ती पर होल्ड लगा दिया गया था। लेकिन अब नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने से उम्मीद है कि जल्द ही स्कूलों में पड़े टीचरों के रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी।
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