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हरियाणा : रेवाड़ी गैंगरेप पीड़िता को परीक्षा देने से रोकने वाले 3 प्रोफेसर सस्पेंड

रेवाड़ी गैंगरेप पीड़िता को अलग कमरे में परीक्षा देने से रोकने और मानसिक प्रताड़ित करने के मामले में हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने तीन प्रोफेसरों को सस्पेंड कर दिया है।

सांकेतिक फोटोसांकेतिक फोटो

रेवाड़ी गैंगरेप पीड़िता को अलग कमरे में परीक्षा देने से रोकने और मानसिक प्रताड़ित करने के मामले में हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने तीन प्रोफेसरों को सस्पेंड कर दिया है। डीसी द्वारा गठित कमेटी ने मामले की जांच की थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। वर्ष 2018 में गैंगरेप की जघन्य घटना के बाद पीड़िता की कोचिंग प्रभावित हुई थी।

काउंसलिंग के बाद कोसली क्षेत्र के नाहड़ सरकारी कॉलेज में बीएससी कोर्स में उसका दाखिला कराया गया था। 18 मई को उसके दूसरे सेमेस्टर के केमेस्ट्री का पेपर होना था। यहां पीड़िता ने कॉलेज से अनुमति लेकर अलग कमरे में पुलिस सुरक्षा के बीच पेपर देने की बात कही थी। मगर बतौर परीक्षा अधीक्षक तैनात सहायक प्रोफेसर सुषमा यादव, उप अधीक्षक जगत सिंह व असिस्टेंट प्रोफेसर अजीत सिंह ने उसे सभी छात्रों के साथ बैठने को मजबूर किया।

पीड़िता ने पहचान छिपाने के लिए कॉलेज से अलग कमरे में पेपर की अनुमति ली थी। तर्क दिया था कि कॉलेज ने नियमित कक्षाओं में भी उसे रियायत दी हुई है। बार-बार मिन्नतें करने पर भी उक्त तीनों प्रोफेसर नहीं माने तो पीड़िता परीक्षा नहीं दे पाई। पीड़िता को पेपर देने से रोकने की शिकायत डीसी यशेंद्र सिंह तक पहुंची तो उन्होंने रेवाड़ी एसडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई, जिसमें डीएसपी व शिक्षा विभाग के भी अधिकारी शामिल थे।

कमेटी ने अपनी जांच में तमाम बयान, कागजात और साक्ष्य जुटाए। इसमें तीनों प्रोफेसरों को दोषी पाया गया और रिपोर्ट डीसी को सौंपी। डीसी ने महीनेभर पहले यह रिपोर्ट उच्चत्तर शिक्षा विभाग चंडीगढ़ को कार्रवाई के लिए भेजी थी। इस पर सोमवार को विभाग ने एक्शन लेते हुए तीनों शिक्षकों केा निलंबित कर दिया। असिस्टेंट प्रोफेसर सुषमा यादव व अजीत सिंह फिलहाल भी नाहड कॉलेज में ही तथा जगत सिंह डेपुटेशन पर कनीना के उन्हानी कॉलेज में कार्यरत है।

डीसी ने वीसी को स्पेशल चांस के लिए लिखा

18 मई की परीक्षा नहीं दे पाने के चलते छात्रा का एक साल खराब होने की नौबत बनी हुई है। इसी को देखते हुए डीसी यशेंद्र सिंह ने छात्रा को स्पेशल चांस देने के लिए संबंधित विश्वविद्यालय के वीसी को पत्र लिखा है।

सितंबर 2018... छात्रा से दरिंदगी की घटना झकझौरने वाली थी

कोसली क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा कोचिंग के लिए कनीना जाती थी। 12 सितंबर 2018 को कनीना से उसका अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। छात्रा से दरिंदगी के इस मामले ने खूब तूल पकड़ा। इसमें 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसमें तीन मुख्य आरोपी थे। दिन-रात छापेमारी कर पुलिस की स्पेशल टीमों ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

शिक्षिका ने पीड़िता से कहा स्पेशल महसूस मत करो

पीड़िता के परिजनों ने शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। उसकी मां ने अधिकारियों को भी बताया कि परीक्षा अधीक्षक के तौर पर कार्यरत शिक्षिका ने तो मेरी बेटी को यहां तक कहा था कि गैंगरेप की तुम अकेली पीडित नहीं हो। स्पेशल महसूस करना बंद करो। परिजनों ने कहा कि परीक्षा अधीक्षक उनके गांव से ही आती है, इसलिए उन्हें संदेह है कि जान बूझकर पीड़िता को जलील करने के लिए ये किया था।

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