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Interview : जहीर इकबाल ने बताया सलमान खान ने उन्हें क्या टिप्स दिए

जहीर इकबाल को सलमान खान ने अपने गाने ‘फेविकोल’ पर परफॉर्म करते देखा तो वह बहुत इंप्रेस हुए, उन्होंने इकबाल को फिल्मों में आने की लिए कहा। सलमान ने सबसे पहले उन्हें कई जरूरी ट्रेनिंग्स दिलवाईं, फिल्म की बारीकियां जानने के लिए असिस्टेंट डायरेक्टर बनाया फिर अपनी होम प्रोड्क्शन फिल्म ‘नोटबुक’ के लिए उन्हें साइन किया। अपनी शुरुआती जर्नी और फिल्म के बारे बता रहे हैं जहीर इकबाल।

Interview : जहीर इकबाल ने बताया सलमान खान ने उन्हें क्या टिप्स दिए
आयुष शर्मा के बाद सलमान खान अपने जिगरी दोस्त के बेटे जहीर इकबाल को फिल्म ‘नोटबुक’ से लॉन्च कर रहे हैं। जहीर नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से आए हैं। फिल्म ‘नोटबुक’ कश्मीर बेस्ड एक लव स्टोरी बयां करती है। इस फिल्म में जहीर के अपोजिट एक्टर मोहनीश बहल की बेटी और अभिनेत्री नूतन की पोती प्रनूतन हैं, जो जहीर के साथ फिल्म ‘नोटबुक’ के जरिए बॉलीवुड में डेब्यू कर रही हैं। प्रस्तुत है, जहीर इकबाल से हुई बातचीत के प्रमुख अंश।

फिल्म ‘नोटबुक’ के ट्रेलर को लेकर कैसा रेस्पॉन्स मिल रहा है?

फिल्म के ट्रेलर को बहुत अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है, यह देखकर बहुत खुशी हो रही है। मैंने उम्मीद भी नहीं की थी कि इतना ज्यादा प्यार मिलेगा।

सलमान खान ने आपको फिल्मों में करियर बनाने की सलाह कब और कैसे दी?

बात 2013 की है, मेरी बहन की शादी थी, मैं शादी में सलमान खान के गाने ‘फेविकोल’ पर परफॉर्म कर रहा था। चूंकि सलमान भाई मेरे डैड के फ्रेंड हैं, इसलिए वो भी शादी में आए थे, उन्होंने मुझे गाने पर डांस करते देखा। जब सब कुछ खत्म हो गया, तो उन्होंने डैड से कहकर मुझे बुलवाया और कहा, ‘सुन हीरो, हीरो बनेगा?’ दरअसल, वो बचपन में मुझे हीरो कहते थे, तो मुझे लगा मजाक कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने सीरियसली मेरे डैड से कहा कि वेडिंग फंक्शन जिस दिन खत्म होगा, उसके अगले दिन जहीर को मेरे पास भेज देना।

इंडस्ट्री में आपने शुरुआत कैसे और कहां से की?

जैसा कि मैंने बताया मुझे सलमान खान ने जनवरी, 2013 में मिलने बुलाया फिर उन्होंने अपने ट्रेनर को बुलाकर मुझे ट्रेनिंग देने को कहा। महीने भर बाद मुझे देखकर कहा कि बॉडी तो तूने बना ली, अब चल मेरे साथ। फिर मुझे अपने फार्म हाउस ले गए, जहां फिल्म ‘जय हो’ की शूटिंग होने वाली थी। सोहेल खान से उन्होंने कहा कि इसे बतौर असिस्टेंड डायरेक्टर फिल्म में रखो। इस तरह मेरी शुरुआत एज एन असिस्टेंट डायरेक्टर हुई। उन्होंने उसी फिल्म की शूटिंग के दौरान मुझसे काफी मेहनत करवाई, सुबह पांच बजे उठने को बोलते थे, अपने साथ फार्म हाउस से एक घंटा चलाकर सेट पर ले जाते थे। मुझे जिमनास्टिक, डांस के अलग-अलग फॉर्म्स, मार्शल आर्ट्स सब कुछ सीखने के लिए भी कहा। मैंने कई सालों तक इन सबकी ट्रेनिंग ली। फिर एक दिन उन्होंने मुझे ऐसी बात कही जो मेरे दिल को छू गई, वो बोले, ‘मैं तुम्हें पहली फिल्म के लिए नहीं, आने वाली सौ फिल्म के लिए अभी से ट्रेन करना चाहता हूं। इसलिए सौ चीजें सिखा रहा हूं।’

फिल्म ‘नोटबुक’ में आपका किरदार क्या है?

फिल्म में मैं कबीर का किरदार प्ले कर रहा हूं, जो आर्मी रिटायर ऑफिसर है, कश्मीर के एक रिमोट एरिया के स्कूल में पढ़ाता है। वह बहुत इंट्रोवर्ट है। उसे एक ऐसी लड़की से प्यार हो जाता है, जिसे उसने देखा नहीं है।

क्या यह मुमकिन है कि बिना किसी को देखे, किसी से प्यार हो जाए?

जी ऐसा बिल्कुल मुमकिन है। वैसे मेरे साथ तो अभी तक ऐसा नहीं हुआ है लेकिन मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त के साथ ऐसा हुआ था। वो मेरे सामने एक लड़की, जिसे उसने कभी देखा भी नहीं था, उससे सोशल साइट पर चैट करता था, उससे प्यार भी करने लगा था। मुझे आज भी याद है, वो दिन जब उसने मुझे पहली बार उस लड़की से मिलवाया था, तब वो भी उससे पहली बार ही मिल रहा था, उसी वक्त उसने कहा कि यह तेरी भाभी है। यानी उसका प्यार रियल था। इसके साथ ही ऐसे कई आरजे हैं, जिन्हें कई लोग प्यार करते हैं, जबकि उन्हें वो कभी देख नहीं पाते। सो बिना देखे भी प्यार हो सकता है।

असल जिंदगी में आप खुद को उस किरदार से कितना रिलेट करते हैं?

कबीर और इकबाल दोनों एक दूसरे के आपोजिट हैं। कबीर स्लो बोलता है, मैं फास्ट बोलता हूं। कबीर बहुत कम बोलता है, मैं बहुत बोलता हूं। उसके चलने और मेरे चलने के तरीके में भी बहुत फर्क है, वो अंडरकॉन्फिडेंस है, इसलिए झुककर चलता है, मेरा कॉन्फिडेंस लेवल हाई है, इसलिए मैं हमेशा सीना तानकर चलता हूं। मेरे लिए यह किरदार बहुत ही डिफिकल्ट था लेकिन इसे निभाने में मुझे मजा भी बहुत आया। सच कहूं तो ऐसी एक्टिंग का क्या फायदा, जहां आप खुद को ही प्ले कर रहे हों, मजा तो तब आता है, जब आप किसी और को प्ले करते हैं। मुझे याद है, मैंने कबीर के कैरेक्टर के लिए नोट्स बनाए थे, जिसे मैं रोज अपनी नोटबुक में लिखता था और इस तरह किरदार में एकदम समा गया था।

अपनी को-स्टार प्रनूतन बहल के साथ काम करके कैसा लगा?

शूटिंग के दौरान हमने एकसाथ नौ महीने बिताए हैं। मैं और प्रनूतन बहुत अच्छे दोस्त हैं। वो बहुत ही सपोर्टिव है। हमने पहले दिन से ही मौज-मस्ती शुरू कर दी थी। हम लोग आपस में झगड़ते भी थे और थोड़ी देर बाद बात भी करने लगते थे। हम दोनों के बीच बेस्ट पार्ट है हमारी ऑनेस्टी, हम बिंदास एक-दूसरे की कमियां बोल देते हैं, उसे सुधारने के लिए भी खुलकर चर्चा करते हैं।
आपने सलमान खान के साथ काफी समय बिताया है, आपके अनुसार उनकी कोई बेस्ट क्वालिटी बताइए, जिसे आप खुद में देखना चाहते हैं?
मेरे हिसाब से सलमान खान की सबसे अच्छी क्वालिटी यह है कि वो कभी किसी की हेल्प करने का मौका अपने हाथ से जाने नहीं देते। उनसे जितना और जो बन पड़ता है, उतना वो उसके लिए करते हैं। वो ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ते कि बाद में उन्हें अफसोस हो कि मैं कर सकता था, पर मैंने किया नहीं। उनकी यह हेल्पफुल क्वालिटी मैं डे-वन से देख रहा हूं, जिसमें मुझे कभी कमी नहीं दिखाई दी। वैसे तो उनमें और भी कई क्वालिटीज हैं लेकिन मैं दिल से चाहता हूं कि उनकी यह क्वालिटी मैं अपने अंदर भी ला सकूं।

सलमान भाई से मिली खास टिप्स

जब हमने जहीर इकबाल से पूछा कि सलमान खान से प्रोफेशनल लाइफ को लेकर उन्हें कौन-सी टिप्स मिली हैं, तो उन्होंने बताया, ‘दरअसल, सलमान भाई ने मुझे एक एडवाइस दी है, जिसे मैंने अपने माइंड में भी सेट कर लिया है। उन्होंने एक बार मुझसे कहा था कि कभी सफलता को अपने सिर पर चढ़ने मत देना और कभी अपनी असफलता को दिल पर मत लेना। इन दो बातों का हमेशा ध्यान रखना। सो, मैंने उनकी इस बात को दिमाग में सेट कर लिया है। मेरी फिल्म चल गई तो बहुत अच्छा नहीं चली, तो दोबारा कोशिश करूंगा ।
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