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2018 की इन फिल्मों ने साबित किया ''ऊंची दुकान फीका पकवान'' वाला मुहावरा, तीसरी वाली रही बेअसर

बॉलीवुड में साल 2018 में ऐसी कई फिल्में रिलीज हुईं जो बिग बजट वाली फिल्में तो थीं लेकिन दर्शकों ने उन्हें कमजोर कंटेट के बल पर नापसंद कर दिया। उनमें रेस 3, पद्मावत आदि शामिल थी।

2018 की इन फिल्मों ने साबित किया ऊंची दुकान फीका पकवान वाला मुहावरा, तीसरी वाली रही बेअसर
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2017 में आईं 225 फिल्मों के मुकाबले 2018 में 196 फिल्में रिलीज हुईं। अमूमन हर साल कामयाबी का प्रतिशत लगभग 25-26 रहता है लेकिन पिछले साल यह 14 प्रतिशत ही था।

इस साल भी 14-15 प्रतिशत फिल्मों के सिर ही कामयाबी का सेहरा बंधा। हैरत वाली बात यह रही कि इन फिल्मों में ऐसी फिल्मों ने भी मोटी कमाई की, जिनका कंटेंट कमजोर था।

छला इन फिल्मों ने

इसी साल ईद के मौके पर आई ‘रेस 3’ का भी रहा। ऊल-जलूल कहानी वाली इस फिल्म ने ‘रेस’ जैसे ब्रांड की चमक को डुबोने का ही काम किया। 15 अगस्त के मौके पर रिलीज हुई ‘गोल्ड’ ने पैसे भले ही कमाए, लेकिन इसे देखते हुए न मुट्ठियां भिंचीं, न हाथों में पसीना आया, न आंखें नम हुईं।

जब यह सब नहीं हुआ तो मानी बात है ‘गोल्ड’ की चमक फीकी होनी ही थी फिर भी फिल्म ने ठीक-ठाक कमाई की। यही हाल तीसरे नंबर पर आने वाली फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ के साथ हुआ। इस साल की सबसे बड़ी और बड़े सितारों वाली फिल्म थी, इस फिल्म से बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं।

लेकिन जिस किस्म की लचर कहानी, घिसी-पिटी पटकथा और कमजोर निर्देशन इसमें था, उससे इस फिल्म से बड़ी निराशा मिली। दिवाली का मौका और हजारों थिएटरों में बढ़े हुए दामों वाली टिकटों के दम पर इसने जो माल बटोरा उसे कमाई नहीं, एक प्रकार की ठगी ही कही जाएगी।

मराठी वाली ‘सैराट’ के रीमेक के तौर पर आई ‘धड़क’ में ईशान खट्टर और जान्हवी कपूर के मनभावन चेहरों, शानदार लोकेशंस, रंग-बिरंगे सेट, उदयपुर की खूबसूरती ने मिलकर दर्शकों को खींचा, इस तरह यह फिल्म उम्दा कंटेंट की बजाय बढ़िया पैकेजिंग के दम पर चल गई।

‘बागी 2’ में बेअसर प्यार, भावहीन इमोशंस और लचर स्क्रिप्ट के बीच दर्शक को शानदार एक्शन का मसाला जरूर मिला, जो युवाओं के लिए काफी था। यहां तक कि इस साल सबसे ज्यादा कलेक्शन करने वाली फिल्म ‘संजू’ की भी आलोचना हुई।

कहा गया कि राजकुमार हिरानी जैसे सिद्धहस्त निर्देशक ने संजय दत्त की जिंदगी की पूरी सच्चाई नहीं दिखाई। बात भी सही है कि जब आप किसी अभिनेता की बायोपिक बनाएंगे और उसकी जिंदगी आधी-अधूरी दिखाएंगे और उनमें भी उसकी छवि को चमकाएंगे तो ऐसे इल्जाम तो लगेंगे ही।

संजय लीला भंसाली की ‘पद्मावत’ कड़े विरोध प्रदर्शन के बाद रिलीज हुई। भले ही इस फिल्म ने तीन सौ करोड़ का आंकड़ा छुआ लेकिन यह फिल्म दर्शकों को बहुत ज्यादा प्रभावित न कर सकी।

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