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2018 में इन कलाकारों ने बॉक्स ऑफिस पर चलाया जादू, तो किसी की अदाकारी से दर्शक हुए निराश

2018 में बॉलीवुड कलाकार कार्तिक आर्यन, सिद्धार्थ मल्होत्रा, अर्जुन कपूर इन सभी ने अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा। इस सभी ने फिल्मों में अपने शानदार प्रदर्शन से लोगों को अपना दीवाना बनाया है।

2018 में इन कलाकारों ने बॉक्स ऑफिस पर चलाया जादू, तो किसी की अदाकारी से दर्शक हुए निराश

बॉलीवुड में साल 2018 में कई फिल्में रिलीज हुई जिसमें कई कलाकार कार्तिक आर्यन, अर्जुन कपूर, दिलजीत दोसांझ आदि ने अपनी अदाकारी से लोगों पर अलग छाप छोड़ी लेकिन कई एक्टर्स ने अपनी फिल्मों में उम्दा प्रदर्शन नहीं किया जैसे हर्षवर्धन कपूर, बॉबी देओल आदि।

2018 में इन पर भी टिकी नजर

बॉलीवुड में कुछ एक्टर ऐसे हैं, जो बड़े सितारों में नहीं गिने जाते, न ही ये ऑफबीट फिल्मों के हीरो हैं। लेकिन मीडियम बजट की फिल्में यही संभालते हैं। कभी ये लोग अच्छा तो कभी खराब काम करते हैं।

‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ में कार्तिक आर्यन और सन्नी सिंह ने अपने किरदारों को बखूबी निभाया और कामयाबी भी हासिल की। ‘रेड’ में अमित स्याल, ‘गोल्ड’ में कुणाल कपूर, अमित साध, सन्नी कौशल और विनीत कुमार सिंह का काम काबिल-ए-तारीफ रहा।

विनीत ने तो इस साल ‘मुक्काबाज’ में गहरा असर छोड़ा और ‘दास देव’ में भी। ‘तुम्बाड’ में सोहम शाह अपने किरदार में पूरी तरह से समाए हुए दिखे। दिलजीत दोसांझ ‘वेलकम टू न्यूयॉर्क’ में तो नहीं जंचे लेकिन ‘सूरमा’ में उनकी मेहनत साफ नजर आई।

‘सूरमा’ में उनके बड़े भाई के रोल में अंगद बेदी का काम भी सराहनीय रहा। सिद्धार्थ मल्होत्रा से ‘अय्यारी’ में उम्मीदें काफी की गईं लेकिन वह कुछ खास न कर सके। ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ में दिव्येंदु शर्मा जब तक दिखे, सब पर भारी पड़े।

‘काशी’ और ‘3 स्टोरीज’ में शरमन जोशी, ‘हैप्पी फिर भाग जाएगी’ में अली फजल और जस्सी गिल का काम ठीक-ठाक ही रहा। ‘दास देव’ में देव बने राहुल भट्ट हालांकि फिल्म में सबसे कमजोर रहे लेकिन अपनी तरफ से वह भरपूर कोशिशें करते नजर आए।

अर्जुन कपूर ‘नमस्ते इंगलैंड’ में बस औसत लगे। ‘हाईजैक’ और ‘वीरे दी वेडिंग’ में आए सुमित व्यास के काम को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता।

नहीं दिखा इनके काम में दम

कुछ एक्टर्स को देख कर तो लगता है कि इन्हें अब संन्यास ले लेना चाहिए। न इन्हें कायदे के रोल मिलते हैं और न ही ये अपनी तरफ से कुछ जोर लगाते हैं। बॉबी देओल को ‘रेस 3’ और ‘यमला पगला दीवाना फिर से’ में देखकर कुछ ऐसा ही लगा।

राज बब्बर और स्मिता पाटिल की संतान प्रतीक बब्बर अब बहुत निराश करने लगे हैं। उन्हें ‘मुल्क’, ‘बागी- 2’ और ‘मित्रों’ में देखकर लगा कि एक्टिंग छोड़ कर उन्हें किसी और पेशे में चले जाना चाहिए। अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन कपूर ‘मिर्जिया’ के बाद ‘भावेश जोशी सुपर हीरो’ में भी बेअसर रहे।

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