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Yashpal Sharma Interview: काम की तलाश और ''विकास'' का पैगाम लिए यशपाल शर्मा पहुंचे हरियाणा, गाएंगे लोक गीत

यशपाल शर्मा ‘हजार चौरासी की मां’, ‘लगान’, ‘अपहरण’, ‘अब तक छप्पन’, ‘गंगाजल’, ‘धूप’, ‘ट्यूबलाइट’, ‘करीम मोहम्मद’ जैसी बेहतरीन बॉलीवुड फिल्मों का हिस्सा रहे हैं।

Yashpal Sharma Interview: काम की तलाश और

आपको नहीं लगता इन दिनों बायोपिक फिल्में हावी हो रही हैं और फिक्शन कहीं पीछे छूट गया है?

जी नहीं, फिक्शन जॉनर पीछे नहीं छूटा है। लेकिन फिल्मों में दक्षिण भारतीय स्टाइल का फिक्शन ज्यादा दिख रहा है। अब ‘दबंग’,‘राउडी राठौड़’ और ‘सिंघम’ जैसी फिल्में बन रही हैं।

लेकिन ये फिल्में रियल नहीं हैं। इसके बावजूद दर्शकों की वजह से सिनेमा बदल रहा है। यूं तो ‘बैंडिट क्वीन’ से सिनेमा में सबसे बड़ा बदलाव आया था। ‘सत्या’,‘कंपनी’,‘भेजा फ्राय’,‘ए वेडनेस्डे’ के अलावा कई रियलिस्टिक फिल्में बनीं। अब तो आमिर खान, सलमान खान और अक्षय कुमार भी रियलिस्टिक सिनेमा करने लगे हैं।

इनकी फिल्में भी अब मुद्दों पर बन रही हैं। अब सलमान खान भी ‘बजरंगी भाईजान’ और ‘ट्यूबलाइट’ जैसी फिल्में करने लगे हैं। अब हर स्टार कंटेंट पर ध्यान देने लगा है। पहले ऐसा नहीं था।

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