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हम सुपरनेचुरल बातों को नजरअंदाज नहीं कर सकते: वंदना पाठक

आज भी दर्शकों को कॉमिक सीरियल ‘हम पांच’ याद है। इस सीरियल में जितने भी कलाकार थे, सभी को टीवी वर्ल्ड में नेम-फेम मिला। सीरियल ‘हम पांच’ में वंदना पाठक ने भी मीनाक्षी का किरदार निभाया था।

हम सुपरनेचुरल बातों को नजरअंदाज नहीं कर सकते: वंदना पाठक

आज भी दर्शकों को कॉमिक सीरियल ‘हम पांच’ याद है। इस सीरियल में जितने भी कलाकार थे, सभी को टीवी वर्ल्ड में नेम-फेम मिला। सीरियल ‘हम पांच’ में वंदना पाठक ने भी मीनाक्षी का किरदार निभाया था।

इस सीरियल के बाद वह कई कॉमिक, डेली सोप का हिस्सा बनीं। इन दिनों वंदना जीटीवी के नए सीरियल ‘मनमोहिनी’ में नजर आ रही हैं। सुपरनेचुरल स्टोरी पर बेस्ड सीरियल मनमोहिनी के बारे में वंदना बताती हैं, ‘सीरियल ‘मनमोहिनी’ का कॉन्सेप्ट मुझे भा गया।

यह सास-बहू ड्रामा से अलग सीरियल है। इसमें मनमोहिनी नाम की डायन है, वो एक अतृप्त आत्मा है, जो अपने प्रेमी राणा सा से मिलने के लिए पांच सालों से भटक रही है। आज के समय में उसके प्रेमी का पुनर्जन्म राम नाम के सामान्य आदमी के रूप में हुआ है, जिसकी सिया नाम की पत्नी भी है।

राम और सिया एक-दूसरे को बहुत प्यार करते हैं। लेकिन मोहिनी इनकी जिंदगी में आकर उथल-पुथल मचा देती है। वह राम को पाना चाहती है, जो पहले जन्म में उसका प्रेमी था।

इस तरह हमारे सीरियल की कहानी निस्वार्थ लड़की सिया और एक जिद्दी रूह मनमोहिनी के बीच अपने प्यार को हासिल करने की है। मेरा किरदार सीरियल में सिया का साथ दे रहा है।’

सुपरनेचुरल स्टोरी पर बेस्ड सीरियल में अपने किरदार को निभाने के लिए वंदना को एक्सट्रा एफर्ट भी करने पड़े। वह बताती हैं, ‘मैंने इस तरह का किरदार पहले नहीं किया था। ज्यादा तो कॉमेडी रोल ही किए हैं।

सीरियल ‘मनमोहिनी’ में राजस्थान का बैकड्रॉप है तो सबसे पहले राजस्थानी लहजे में डायलॉग बोलना सीखना पड़ा। साथ ही मैंने राजस्थानी कल्चर को समझने की कोशिश भी की।

मेरा लुक भी सीरियल में काफी अलग है, उस पर टीम के साथ वर्कआउट किया। इस तरह अपने किरदार को निभाने के लिए एक्सट्रा एफर्ट तो करने ही पड़े, तभी किरदार दर्शकों को हटकर लग रहा है।’

सीरियल ‘मनमोहिनी’ की स्टोरी सुपरनेचुरल है। असल जिंदगी में इस तरह की बातों पर यकीन करने की वजह वंदना के पास है। वह कहती हैं, ‘मैं तंत्र या नकारात्मक ऊर्जा पर भरोसा तो नहीं करती हूं, मेरी आस्था ईश्वर में हैं।

लेकिन सुपरनेचुरल बातों का वर्णन हमारे भारतीय ग्रंथों, पुराणों में है, इनमें राक्षसों, भूतों का जिक्र है। रावण के बारह सिर थे, उसकी सेना भी राक्षसों से भरी थी। ऐसे में विज्ञान युग में रहकर भी हम इन बातों को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।’

कॉमेडी, सास-बहू ड्रामा जैसे जॉनर में वंदना पाठक ने अपने लिए एक अलग जगह बनाई है। इस पहचान का क्रेडिट वह अपने पॉपुलर कॉमेडी सीरियल ‘हम पांच’ को देती हैं। वंदना कहती हैं, ‘मेरी एक्टिंग जर्नी बहुत दिलचस्प रही, मैंने हर सीरियल को एंज्वॉय किया।

मुझे अपने टीवी करियर में बेहतरीन किरदार मिले लेकिन यह सब कुछ शुरुआती कॉमेडी सीरियल ‘हम पांच’ की वजह से मुमकिन हुआ। इस सीरियल ने बताया कि फैमिली कॉमेडी क्या होती है?

साथ ही कॉमेडी जॉनर के लिए टीवी के दरवाजे खोले। मुझे भी कॉमेडी सीरियल ‘हम पांच’ में निभाए मीनाक्षी माथुर के किरदार ने बड़ी पहचान दी। इसके बाद मैंने ‘एक महल हो सपनों का’, ‘मैं सास कब बनूंगी’, ‘साथ निभाना साथिया’ और ‘खिचड़ी’ जैसे हिट सीरियल किए।’

अपने करियर से संतुष्ट वंदना टीवी के बदलते वर्किंग स्टाइल से खुश नहीं हैं। वह कहती हैं, ‘अब किसी के पास वक्त ही नहीं है, वह अपने किरदारों पर मेहनत करे। रिसर्च, रीडिंग का टाइम ही नहीं किसी के पास।

लेकिन मैं उस दौर की हूं, जब कोई भी किरदार सतही तौर पर करना अच्छा नहीं समझा जाता था, वह आदत आज भी बरकरार है। आज के एक्टर्स खूब स्मार्ट हैं, उन्हें सब पता है, मेकअप से लेकर टेक्नीकल नॉलेज तक। लेकिन कुछ बताने जाएं तो उनका एटीट्यूड सही नहीं होता। मुझे यह बात, यह बदलाव अच्छा नहीं लगा है।’

एक्टिंग के साथ-साथ वंदना पाठक ने अपने दो बच्चों की परवरिश भी बखूबी की है। किस तरह सब कुछ मैनेज किया। पूछने पर वह बताती हैं, ‘मेरे पति नीरज पाठक फिल्म लेखक, निर्देशक हैं।

मेरा बेटा अब आईपीएल के लिए सेलेक्ट हो चुका है। मेरी बेटी बारहवीं में पढ़ रही है। मैंने और पति ने मिलकर परिवार की जिम्मेदारी निभाई है। साथ ही करियर बनाने में सभी फैमिली मेंबर्स का सपोर्ट मिला।’

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