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जब विनोद खन्ना ने कहा था "मुझे भी औरों की तरह है सेक्स की जरूरत, मैं कोई संत नहीं"

हिंदी सिनेमा में अपने डैशिंग लुक और हैंडसम पर्सनैलिटी के साथ विनोद खन्ना हर एक दिल की धड़कन हुआ करते थे। अपनी एक्टिंग के जादू के साथ वह सिल्वर स्क्रीन पर छाए रहते थे। 6 अक्टूबर 1946 को जन्मे विनोद खन्ना ने अपनी दमदार एक्टिंग के जरिए दर्शकों का प्यार और आलोचकों की सराहना भी हासिल की थी। आज बुधवार को उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर उस बोल्ड एक्टर के बारे में बात करेंगे।

जब विनोद खन्ना ने कहा था मुझे भी औरों की तरह है सेक्स की जरूरत, मैं कोई संत नहीं
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हिंदी सिनेमा में अपने डैशिंग लुक और हैंडसम पर्सनैलिटी के साथ विनोद खन्ना (Vinod Khanna) हर एक दिल की धड़कन हुआ करते थे। अपनी एक्टिंग के जादू के साथ वह सिल्वर स्क्रीन पर छाए रहते थे। 6 अक्टूबर 1946 को जन्में विनोद खन्ना ने अपनी दमदार एक्टिंग के जरिए दर्शकों का प्यार और आलोचकों की सराहना भी हासिल की थी। 27 अप्रैल 2017 को कैंसर से लड़ते हुए विनोद ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। आज बुधवार को उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर उस बोल्ड एक्टर के बारें में बात करते हैं जो ओशो (Osho) के साथ स्प्रिट्युलिटी के रास्ते पर जाने से पहले सेक्स (Vinod Khanna on Sex) पर अपने विचारों को जाहिर करने से नहीं कतराते थे।

इस समय सोशल मीडिया पर विनोद खन्ना के एक पुराने इंटरव्यू के क्लिप काफी वायरल हो रही है। इस वीडियो में दिवंगत एक्टर सिग्रेट के कश लगाते हुए विनोद बड़ी ही सरलता के साथ सेक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसके साथ ही वह ये भी बात करते हुए नजर आ रहें कि लोगों को उनके महिलाओं के साथ होने पर ऐतराज नहीं होना चाहिए। वीडियो में विनोद कहते हैं, 'मैं बैचलर था और जहां तक महिलाओं की बात है तो मैं कोई संत नहीं हूं। मुझे सेक्स की उतनी ही जरूरत है जितनी किसी और को। महिलाओं के बिना हम यहां नहीं होते, सेक्स के बिना हम यहां नहीं होते, तो किसी को मेरे महिलाओं के साथ होने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। "


दिवंगत एक्टर विनोद खन्ना का जन्म पेशावर में हुआ था। उनके जन्म के कुछ ही समय बाद भारत- पाकिस्तान का बंटवारा हो गया और उनका परिवार पेशावर से मुंबई शिफ्ट हो गया। विनोद ने अपनी पढ़ाई नासिक के बोर्डिंग स्कूल में की थी। उन्होंने कॉमर्स साइड में बैचलर्स की डिग्री लेने के बाद एक्टिंग की ओर रुख किया। उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत साल 1968 में आई सुनील दत्त (Sunil Dutt) की फिल्म 'मन का मीत' (Man Ka Meet) के साथ की थी, जिसमें विनोद ने विलन का किरदार निभाया था। इसके बाद विनोद 'पूरब और पश्चिम', 'सच्चा झूठा', 'आन मिलो सजना' और 'मस्ताना' जैसी कई फिल्मों में नजर आए। इसके बाद वह 'अमर अकबर एंथनी', 'मुक्कदर का सिकंदर' और आप की खातिर जैसी कई फिल्मों में बतौर हीरो नजर आए थे। विनोद साल 1968 से लेकर के 2015 तक फिल्मों में एक्टिव थे। इसके अलावा साल 1997 में वह 'भारतीय जनता पार्टी' (Bhartiya Janta Party) में शामिल हो गए। वह बीजेपी के कार्यकाल में कई बार मंत्री के पद पर भी रहे थे।


अगर बात करें विनोद खन्ना की पर्सनल लाइफ की तो एक्टर ने दो शादियां की थी, जिससे उन्हें कुल 4 बच्चे थे। 3 लड़के और 1 लड़की। विनोद ने अपनी पहली शादी गीतांजलि तल्यारखान के साथ की थी। एक्टर गीतांजलि तल्यारखान (Gitanjali Taleyarkhan) से कॉलेज में मिले थे। जिसके बाद साल 1971 में खन्ना ने गीतांजलि से शादी की और उनके दो बेटे हुए राहुल और अक्षय। साल 1975 में, वे ओशो के शिष्य बन गए और 1980 के दशक की शुरुआत में, रजनीशपुरम चले गए। साल 1985 में खन्ना और गीतांजलि ने तलाक के लिए समझौता किया। इसके बाद साल 1990 में भारत लौटने पर खन्ना ने उद्योगपति शरयू दफ्तरी की बेटी कविता दफ्तरी (Kavita Daftary) से शादी की। इस शादी से उन्हें एक बेटा साक्षी और एक बेटी श्रद्धा हुए थे।

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