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राजनीति में मुझे सही रिजल्ट नहीं मिला: नितीश भारद्वाज

फिल्म मोहनजोदाड़ो में नजर आएंगे बीआर चोपड़ा के कृष्ण नितीश भारद्वाज

राजनीति में मुझे सही रिजल्ट नहीं मिला: नितीश भारद्वाज
मुंबई. राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाने के बाद नितीश भारद्वाज एक बार फिर अभिनय की दुनिया में लौट आए हैं। वह आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘मोहनजोदाड़ो’ में एक अहम रोल में नजर आएंगे। इस फिल्म के अलावा नितिश एकाध और फिल्में भी कर रहे हैं। वह एक फिल्म का निर्देशन भी करेंगे। आखिर नितीश राजनीति से फिल्मों में क्या सोचकर वापस लौट आए हैं? क्या राजनीति से उन्होंने पूरी तरह संन्यास लेने का मन बना लिया है?
जब भी बी. आर. चोपड़ा के मेगा सीरियल ‘महाभारत’ का जिक्र आता है, लोग श्रीकृष्ण की भूमिका में नितीश भारद्वाज को जरूर याद करते हैं। ‘महाभारत’ के प्रसारण के समय श्रीकृष्ण की प्रभावशाली-गरिमामय भूमिका में नितीश जन-जन में छा गए थे। वह तब जहां भी जाते थे, लोग उनमें श्रीकृष्ण का साक्षात रूप देखते थे। अगाध भक्ति-भाव उनके प्रति प्रकट करते थे। बाद में उन्होंने कई हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया। नितीश ने एक मराठी फिल्म ‘पितुरून’ भी निर्देशित की।
इस फिल्म के लिए उन्हें कई पुरस्कार भी मिले। बाद में उन्होंने राजनीति का रुख किया। बीजेपी के टिकट पर वह लोकसभा सदस्य भी चुने गए। अब बरसों बाद नितीश एक बार फिर अभिनय की दुनिया में लौट आए हैं। वह आशुतोष गोवारिकर की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘मोहनजोदाड़ो’ में रितिक रोशन के चाचा की भूमिका में नजर आएंगे। बातचीत नितीश भारद्वाज से।
क्या राजनीति से अब मोह भंग हो गया है, इसलिए बॉलीवुड में वापसी कर रहे हैं?
मैंने अपना काफी वक्त राजनीति में दिया। अपने निर्वाचन क्षेत्र में बहुत लगन से काम किया। लेकिन मुझे उसका सही रिजल्ट नहीं मिला। मुझे लगा कि मैं राजनीति में अपना वक्त बर्बाद कर रहा हूं। लिहाजा मैं बॉलीवुड में लौट आया हूं। मैं साफ करना चाहूंगा कि मैंने पैसा कमाने के लिए राजनीति कभी नहीं की। मैं भाजपा नहीं छोड़ रहा हूं, लेकिन अब मेरा ध्यान फिर से बॉलीवुड पर है। डायरेक्टर आशुतोष जैसे मित्रों ने मेरा मनोबल बढ़ाया है।
आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘मोहनजोदाड़ो’ के लिए आपका सेलेक्शन कैसे हुआ? क्या आप भी आॅडिशन की प्रोसेस से गुजरे?
मैं पिछले पचीस वर्षों से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ हूं। अभिनय-निर्माण-निर्देशन-लेखन कर चुका हूं। मेरी राय में अब मैं आॅडिशन के मापदंड के बाहर निकल चुका हूं। वैसे भी डायरेक्टर आशुतोष मेरे पुराने दोस्त भी हैं। वो जानते हैं कि किस कलाकार की क्या रेंज है। किस पर कौन-सा कैरेक्टर फिट बैठेगा।
अपने रोल के बारे में कुछ बताइए?
‘मोहनजोदाड़ो’ एक पीरियड फिल्म है। इसमें मैं रितिक रोशन के चाचा का रोल प्ले कर रहा हूं। रितिक के कैरेक्टर का नाम सरमन है और मेरे कैरेक्टर का दुर्जन। दुर्जन की देख-रेख में ही सरमन पला-बड़ा है। दुर्जन का किरदार रहस्यमय है। इस इंसान में काफी शेड्स और लेयर हैं। उसने अपने भतीजे सरमन से काफी बातें छुपाकर रखी हैं। बावजूद इसके इन दोनों में एक अलग ही रिश्ता है।
अपने कैरेक्टर को निभाने के लिए आपको किस तरह की तैयारी करनी पड़ी?
यह फिल्म हजारों साल पुराने दौर की है। इसलिए हम सभी कलाकारों को खूब मेहनत करनी पड़ी। कैरेक्टर को पकड़ने के लिए आशुतोष ने मुझे पूरा नैरेशन दिया था। मैंने भी अपनी ओर से अपने कैरेक्टर पर काम किया। मशहूर मेकअप आर्टिस्ट विक्रम गायकवाड़ ने मेरा लुक पूरी तरह बदल दिया। मैं धूप में काम करने वाला 55 वर्षीय किसान लग सकूं, इसके लिए उन्होंने मुझ पर टैन लुक (सांवली रंगत) चढ़ाई।
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