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टीवी का छोटा पर्दा आज बन गया बड़ा, जानें ''तारा'' से ''बिग बॉस'' तक का सफर

15 सितंबर 1959 को दिल्ली में टेरेस्ट्रियल टेलीविजन की शुरुआत हुई थी।

टीवी का छोटा पर्दा आज बन गया बड़ा, जानें

भारत में टेलीविजन की शुरुआत इतनी दिलचस्प है कि किसी कहानी से कम नहीं लगती है। 15 सितंबर, 1959 को दिल्ली में टेरेस्ट्रियल टेलीविजन की शुरुआत हुई, लेकिन रेगुलर ट्रांसमिशन की शुरुआत 1965 में ऑल इंडिया रेडियो के साथ मिलकर की गई।

1976 आते-आते टेलीविजन सेवा को रेडियो सेवा से अलग कर दिया गया। इस साल शुरू हुई कोशिशें 1982 में रंग लाईं और राष्ट्रीय प्रसारण की शुरुआत हुई।

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इसी साल देश में कलर टीवी भी आया,लेकिन 1991 में उदारवाद के कदम रखने के साथ ही केबल टीवी का पदार्पण हुआ और टीवी की पूरी दुनिया ही बदल गई।

निश्चित समय पर आने वाला टीवी 24 घंटे का हो गया था। मात्र 100-150 रु. में मनोरंजन की पूरी दुनिया हमारे सामने थी, और रिमोट के एक इशारे पर म्यूजिक चैनल से लेकर धार्मिक प्रवचन तक कुछ भी सुना जा सकता था।

इस टीवी क्रांति में एकता कपूर ने अहम भूमिका निभाई और उन्होंने सास-बहू के इतने सीरियल दिए कि दर्शकों को कुछ और सोचने का मौका नहीं मिला। उनका टीवी पर कब्जा बदस्तूर जारी है।
आज टेलीविजन सेट टॉप बॉक्स और निजी डिश तक पहुंच गया है, और एंटरटेनमेंट से लेकर इंफोटेनमेंट तक के क्षेत्र में ढेरों चैनल मौजूद हैं।
नजर डालते हैं केबल टीवी के सात सबसे लोकप्रिय शो पर
तारा, 1993 - यह सीरियल नए दौर की औरत पर था, जो आत्मनिर्भर थी और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना चाहती थी। यह लगभग पांच साल (1993-97) तक टीवी पर चला था। नवनीत निशान और आलोक नाथ इसके प्रमुख एक्टर थे।
सीआईडी, 1998 - करमचंद, बैरिस्टर विनोद जैसे शो ने दूरदर्शन के जमाने में जासूसी की डोज को पूरा किया तो सीआईडी ने केबल टीवी की दुनिया में भारतीय दर्शकों के लिए रहस्य-रोमांच की नई दुनिया खोली। दया का दरवाजा तोड़ने के करोड़ों फैन हैं, और 20 साल से शो बदस्तूर जारी है।
सा रे गा मा पा, 1995 -
बाथरूम सिंगर्स से लेकर बॉलीवुड में अपना नाम रोशन करने वालों के लिए यह एक ऐसा मंच निकला, जिसने आने वाले समय में इस तरह के रियलिटी शो के लिए लंबी राह खोल दी। इसके शुरुआती एंकर सोनू निगम थे और इससे श्रेया घोषाल जैसी सिंगर निकलीं।
कौन बनेगा करोड़पति, 2000 - एक करोड़ रु. की राशि और अमिताभ बच्चन का स्टाइल इतना पॉपुलर हुआ कि टीआरपी की दौड़ में इस सीरियल ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। बिग बी का यह कहना कि कंप्यूटर जी लॉक किया जाए, हर किसी की जुबान पर था। इस शो के लिए लोगों ने जनरल नॉलेज के लिए काफी मेहनत की, और आम आदमी को अपनी नॉलेज पर एक करोड़ रु. कमाने का सपना दिया।

क्योंकि सास भी कभी बहू थी, 2000 - यह सीरियल 2 जुलाई, 2000 में शुरू हुआ था और 6 नवंबर, 2008 में खत्म हुआ. इस सीरियल में स्मृति ईरानी लीड में थीं। उनका कैरेक्टर इतना फेमस हुआ कि वे घर-घर में पहचाना नाम बन गईं। उन्होंने कई बार चुनाव लड़े और आज वे केंद्रीय मंत्री भी हैं।
जस्सी जैसी कोई नहीं, 2003 - टीवी और फिल्म मतलब खूबसूरत चेहरे, लेकिन पहली बार टीवी पर एक ऐसी लड़की नजर आई जो कहीं से भी खूबसूरत नहीं दिखती थी। मोना सिंह ने इस सीरियल से दर्शकों का दिल जीता और 2003 से लेकर 2007 तक यह शो चला।
बिग बॉस, 2006 - अरशद वारसी ने 3 नवंबर, 2006 में इसकी एंकरिंग की थी, और वे इसके पहले एंकर थे। उसके बाद संजय दत्त, अमिताभ बच्चन और शिल्पा शेट्टी ने इसकी एंकरिंग लेकिन 2010 में सलमान खान के आने के बाद से शो काफी लोकप्रिय हो गया।
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