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मैं मनी माइंडेड नहीं हूं: इशानी शर्मा

इशानी हिमाचल प्रदेश के छोटे से खूबसूरत शहर मंडी की रहने वाली हैं।

मैं मनी माइंडेड नहीं हूं: इशानी शर्मा
नई दिल्ली. इन दिनों कई चैनल्स पर लवस्टोरी बेस्ड सीरियल्स आ रहे हैं। इसी कड़ी में एक और सीरियल ‘हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें’ स्टार प्लस पर शुरू हुआ है। लेकिन इसमें लव एंगल के साथ ही मेन फीमेल लीड अनोखी की लाइफ को लेकर अप्रोच की भी बहुत अहम है। अनोखी का किरदार, इशानी शर्मा निभा रही हैं। इस सीरियल और अनोखी के रोल के बारे में दिलचस्प बातचीत इशानी शर्मा से।
सुना है आप इंजीनियरिंग की स्टूडेंट थीं फिर ये अचानक एक्टिंग की तरफ कैसे आना हो गया?
अचानक तो नहीं हुआ, क्योंकि मैं कॉलेज टाइम से ही ड्रामा, यूथ फेस्टिवल्स और कल्चरल एक्टिविटीज में पार्टिसिपेट करती थी। मन में बहुत पहले से था कि एक्ट्रेस बनना है, लेकिन मैं अपनी स्टडीज को कंप्लीट करके आना चाहती थी, सो इंजीनियरिंग कंप्लीट कर अब एक्टिंग की फील्ड में आ गई हूं।
इस सीरियल में आप अनोखी का किरदार निभा रही हैं, इसमें अनोखापन क्या है?
अनोखी के किरदार में सबसे अनोखा है उसके बोलने का तरीका और उसकी सोच। उसकी सोच को आप पसंद या नापसंद कर सकते हैं लेकिन इग्नोर नहीं कर सकते हैं। हर बात के पीछे वो सॉलिड लॉजिक देती है। किसी प्रॉब्लम को देखकर वह परेशान नहीं होती, उसका सॉल्यूशन खोजती है। हालांकि उसमें कुछ ग्रे शेड भी हैं लेकिन कुल मिलाकर वह इनोसेंट, प्रैक्टिकल और जुगाड़ू है।
सीरियल का टाइटिल है ‘हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें’, अकसर प्यार होने पर हर किसी के मन में यही सवाल होता है कि हो गया है प्यार अब क्या करें, इस बारे में आप क्या सोचती हैं?
प्यार होने पर सबकी अलग फीलिंग होती है लेकिन जहां तक सीरियल के टाइटिल का सवाल है तो मैं ये कहूंगी कि सीरियल जैसे आगे बढ़ेगा तो दर्शकों को समझ में आएगा कि यह टाइटिल वाला सवाल अनोखी, किसी पर्सन के लिए बोल रही है या पैसे के लिए।
अनोखी तो मानती है कि लाइफ में पैसा सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है। आपकी रियल लाइफ में पैसा कितना मायने रखता है?
मेरी सोच भी इशानी से काफी मैच करती है। मेरे लिए भी लाइफ में पैसा बहुत इंपॉर्टेंट है। मैं इस बात से पूरी तरह एग्री करती हूं कि लाइफ में फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस और स्ट्रेंथ बहुत मायने रखता है। लेकिन मैं बता दूं कि मनी को इंपॉर्टेंट समझना और मनी माइंडेड होने में फर्क है। मैं मनी माइंडेड नहीं हूं।
कहते हैं सक्सेसफुल लाइफ के लिए प्रैक्टिकल अप्रोच जरूरी है लेकिन प्यार करने के लिए इमोशनल होना सबसे जरूरी है। तो क्या प्रैक्टिकल बंदे को प्यार नहीं हो सकता है?
लाइफ में प्रैक्टिकल और इमोशनल अप्रोच का अपना महत्व है। दोनों के साथ पॉजिटिव और नेगेटिव प्वाइंट्स जुड़े हैं। हैप्पी लाइफ के लिए प्रैक्टिकल और इमोशनल अप्रोच के बीच यानी प्यार और पैसे के बीच बैलेंस होना जरूरी है। केवल प्यार से पेट नहीं भरेगा और केवल पैसे के पीछे भागने से लाइफ में हैप्पीनेस को फील नहीं कर सकते हैं।
अनोखी कहती है ‘पैसे से हर खुशी खरीद सकते हैं लेकिन पता होना चाहिए कि खुशी कहां मिलती है,’ इस पर आप क्या सोचती हैं?
मेरा मानना है कि हैप्पीनेस-स्टेट आॅफ माइंड होता है यानी, खुशी एक मानसिक दशा है। हर हाल में हम खुश रह सकते हैं। लेकिन अगर प्रैक्टिकली सोचें तो खुश रहने के लिए पैसा बहुत इंपॉर्टेंट फैक्टर है। हमारे पास जरूरत के अनुसार अगर पैसा नहीं है तो भले ही हम दूसरों से कह लें अपने को बहला लें कि हम खुश हैं लेकिन वास्तव में हम खुश नहीं होते हैं। अपनी ही बात करूं तो एक्टिंग मेरा पैशन है, इसमें खुशी मिलती है लेकिन अगर 12-14 घंटे काम करने के बाद पैसा नहीं मिलेगा तो खुशी कैसे मिलेगी?
याद आता है अपना शहर मंडी
इशानी हिमाचल प्रदेश के छोटे से खूबसूरत शहर मंडी की रहने वाली हैं। लेकिन एक्टिंंग के चलते इन दिनों मुंबई में हैं। तो क्या इस मेट्रो सिटी की चकाचौंध में उन्हें मंडी की याद नहीं आती है? वह तुरंत कहती हैं, ‘बहुत ज्यादा याद आती है। वहां की लाइफ में सुकून और एक खूबसूरती है। मुंबई में तो सब कुछ फटाफट होता है। वहां रात 10 बजे तक सब शांत और मार्केट बंद हो जाती है, यहां तो रात में 10 के बाद लोग एंज्वॉय करने बाहर निकल पड़ते हैं। हां लेकिन मुंबई के लोग बहुत अच्छे और हेल्पिंग नेचर के हैं।’
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