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छोटे पर्दे पर काम मांगने के लिए स्ट्रगल कभी नहीं करना पड़ाः टीना दत्ता

टीना दत्ता ने बांग्ला टीवी सिरियल से अपने करियर की शुरुआत की थी। बाद में उन्हें हिंदी सीरियल ‘उतरन’ में टीना को इच्छा के रोल से पॉपुलैरिटी मिली।

छोटे पर्दे पर काम मांगने के लिए स्ट्रगल कभी नहीं करना पड़ाः टीना दत्ता

टीना दत्ता ने बांग्ला टीवी सीरियल से अपने करियर की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने हिंदी टीवी सीरियल की तरफ कदम बढ़ाया। हिंदी सीरियल ‘उतरन’ में टीना को इच्छा के रोल से पॉपुलैरिटी मिली।

इसके बाद भी वह कई टीवी सीरियल्स में लीड रोल निभाती नजर आईं। आज रात से एंड टीवी पर शुरू हो रहे सुपरनेचुरल, हॉरर सीरियल ‘डायन’ में वह नजर आएंगी। इस सीरियल और करियर से जुड़ी बातचीत टीना दत्ता से।

आपके नए सीरियल का नाम ‘डायन’ है। आज के समय में आप क्या डायन, भूत- प्रेतों पर विश्वास करती हैं?

देखिए, मैं पर्सनली भूत-प्रेत, डायन जैसी बातों पर विश्वास नहीं करती हूं। लेकिन यह जरूर मानती हूं कि बुराई पर अच्छाई की हमेशा जीत होती है।

आपको नहीं लगता है कि ‘डायन’ जैसे सीरियल्स अंधविश्वास फैलाते हैं?

दर्शक एक जैसे शोज देखकर बोरियत महसूस करने लगते हैं। एक जमाने में टीवी पर सास-बहू के शोज का बोलबाला था लेकिन अब वह दौर खत्म हो गया है। अब लोग लव स्टोरीज से लेकर हिस्टोरिकल स्टोरीज वाले सीरियल देखना पसंद करते हैं। विदेश में इस तरह के सुपर नेचुरल जॉनर की फिल्म्स, टीवी शोज का एक बड़ा दर्शक वर्ग है। हमारे शो को भी सिर्फ मनोरंजन के नजरिए से देखना चाहिए।

आपके सीरियल ‘डायन’ की कहानी क्या है?

मैंने इस सीरियल में जान्हवी नाम की लड़की का रोल किया है। जान्हवी एक स्मार्ट लड़की है। वह एक छोटे से शहर में रहती है, अपने परिवार से बेहद प्यार करती है। जान्हवी परिवार की खुशी के लिए सबकुछ करती है। जब वह अपनी भाभी की गोदभराई के लिए उज्जैन आती है तो उसे एक डायन के काले कारनामों के बारे में पता चलता है। अब जान्हवी ठान लेती है कि वह डायन का पर्दाफाश करके रहेगी। किस तरह से जान्हवी इस मुश्किल काम को अंजाम देती है, यही सीरियल की कहानी है।

‘डायन’ यानी डर, क्या आप भी किसी बात से डरती हैं?

इस समय मेरे दिल में किसी बात या इंसान का डर नहीं है। मैं पूजा-पाठ करने वाली, पॉजिटिव एनर्जी से भरी लड़की हूं। एक दौर में मैं सांप से बहुत डरा करती थी, लेकिन मैंने रियालिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में हिस्सा लिया, यहां मुझ पर बहुत सारे सांप छोड़े गए, उस वक्त बहुत डरी थी लेकिन बाद में सांपों को लेकर मन से डर चला गया।

सीरियल ‘उतरन’ जितनी पॉपुलैरिटी दिलाने वाला रोल बाद में आपको नहीं मिला। इस पर क्या कहना है?

मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि मुझे और भी यादगार किरदार मिलते रहें। हां, ‘उतरन’ सीरियल में इच्छा का किरदार अब भी दर्शकों के दिल में बसा है। मैं पिछले साल माता की चौकी के लिए दिल्ली गई थी, वहां किसी ने मुझे कहा-‘मेरी ईश्वर से प्रार्थना है कि मेरे लड़की हो और वह इच्छा जैसी हो ।’ अपनी होने वाली संतान का नाम लोगों ने इच्छा रखना शुरू किया। एक आदर्श बेटी, पत्नी, बहू, दोस्त और एक इंसान, हर रूप में इच्छा खरी उतरी है। मुझे भी इच्छा के किरदार से गहरा लगाव है।

आप अब तक की अपनी जर्नी को कैसे देखती हैं?

आप लोगों के सामने मेरी जर्नी रही है। मैं खुद को बेहद खुशकिस्मत मानती हूं कि मेहनत, टैलेंट के बलबूते पर नाम कमाया, टीवी वर्ल्ड में अपनी जगह बनाई। मैंने बांग्ला टीवी से शुरुआत की थी। हिंदी में मुझे मौका दिया एकता कपूर के बालाजी टेलीफिल्म्स ने, उस शो का नाम था ‘कोई आने को है।’ सीरियल ‘उतरन’ ने मुझे स्टार का दर्जा दिया। फिर सीरियल ‘कर्मफल दाता शनि’ ने मेरी पहचान को और पुख्ता कर दिया। मुझे छोटे पर्दे पर काम मांगने के लिए स्ट्रगल कभी नहीं करना पड़ा, लगातार काम मिलता रहा। इस तरह अपनी अब तक की जर्नी से खुश हूं।

छोटे पर्दे की कई एक्ट्रेसेस बॉलीवुड में कदम रख चुकी हैं। क्या आप फिल्मों में जाना चाहेंगी?

मुझे भी फिल्मों में मौका मिल जाए, यह दुआ कीजिए। लेकिन फिल्मों में कंगना रनोट जैसे चैलेंजिंग रोल मिले तो मजा आ जाएगा वरना छोटा पर्दा मेरे लिए अच्छा है।

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