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Mona Singh Interview : आप एक्सट्रा मैरिटल अफेयर को कैसे देखती हैं?

मोना सिंह टीवी, फिल्मों के अलावा अब वेब सीरीज में भी एक्टिव हो गई हैं। उनका मानना है कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए उन्हें मनचाहे, चैलेंजिंग रोल करने को मिल रहे हैं। इन दिनों उनकी एक वेब सीरीज ‘कहने को हमसफर है’ का दूसरा पार्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शक पसंद कर रहे हैं। इस वेब सीरीज और आगे के प्रोजेक्ट्स से जुड़ी बातें मोना सिंह से।

Mona Singh Interview : आप एक्सट्रा मैरिटल अफेयर को कैसे देखती हैं?

अपने करियर की शुरुआत मोना सिंह ने सीरियल 'जस्सी जैसी कोई नहीं' से की थी। पहले ही सीरियल में उन्हें अपने उम्दा अभिनय से खूब नेम-फेम मिला। इसके बाद मोना ने जो सीरियल या टीवी प्रोजेक्ट किए, सभी को दर्शकों ने पसंद किया। बतौर होस्ट भी रियालिटी, टीवी शोज मोना करती रहती हैं। अब वह वेब सीरीज भी कर रही हैं। पिछले साल उनकी दो वेब सीरीज 'कहने को हमसफर है' और 'ये मेरी फैमिली' को दर्शकों ने खूब पसंद किया। 'कहने को हमसफर है' की पॉपुलैरिटी इतनी रही कि अब इसका सेकेंड पार्ट भी दर्शकों को एंटरटेन कर रहा है। यह वेब सीरीज अल्ट बालाजी पर टेलीकास्ट हो चुकी है। वेब सीरीज 'कहने को हमसफर है' और करियर से जुड़ी बातचीत मोना सिंह से।

वेब सीरीज 'कहने को हमसफर है' का सेकेंड पार्ट भी दर्शकों को एंटरटेन कर रहा है। फर्स्ट पार्ट से दूसरा पार्ट कितना अलग है?

पहले पार्ट में दिखाया गया था कि 35 साल की अनन्या एक आत्मनिर्भर महिला है। वह इंटीरियर डिजाइनर है। जिंदगी को लेकर उसकी सोच है कि एक ऐसा लाइफ पाटर्नर होना चाहिए, जिसके साथ वो जिंदगी प्यार से गुजारे। घूमे-फिरे और दोनों एक-दूसरे को इज्जत दें। फिर अनन्या को एक शादी-शुदा आदमी से प्यार हो जाता है। वह आदमी अनन्या से कहता है कि उसकी शादी खत्म हो चुकी है। फिर दोनों में प्यार होता है। शुरू में अनन्या थोड़ा हिचकिचाती है, क्योंकि यह रिश्ता निभाना उसके लिए आसान नहीं है। फिर भी दोनों का तीन साल रिश्ता चलता है और उसके बाद वे शादी कर लेते हैं। अब शादी के बाद की जो समस्याएं हैं, वो सीजन टू में शुरू हुई हैं। सीजन टू में अनन्या और उसके पति के वजूद का सवाल है, दोनों की इंडिपेंडेंट ग्रोथ का सवाल है। अनन्या फिर से अपना करियर बनाना चाहती है। लेकिन प्रॉब्लम्स आने लगती हैं, इसके बाद अनन्या अपने पति से अलग रहने लगती है।

'कहने को हमसफर है' के सीजन टू में अनन्या और उसका पति फिर मिलेंगे, क्या इस सीजन में लोगों को दोनों के बीच रोमांस दिखाई देगा?

सीजन टू का बहुत सारा हिस्सा कतर में शूट हुआ है। कतर वाले सींस में तो रोमांस है, उसके बाद ड्रामा है। आपसी समझ है और आखिरी एपिसोड बहुत ही सुंदर है।

क्या अनन्या के मन में यह दुविधा नहीं थी कि जो आदमी पहली बीवी को छोड़ सकता है, वह दूसरी बीवी को भी छोड़ सकता है?

इस तरह के ख्याल आना नेचुरल है। लेकिन हम जिंदगी को एक चांस तो देते ही हैं न, यह चांस आप देना चाहते हैं या नहीं, यह आपकी च्वाइस होती है। लेकिन रिश्तों में प्यार, समझ और इज्जत होना बहुत जरूरी है, तभी वे आगे चल पाते हैं।

आप एक्सट्रा मैरिटल अफेयर को कैसे देखती हैं?

मोना सिंह के रूप में मैं एक्सट्रा मैरिटल अफेयर की वकालत नहीं करती। मैं जिंदगी को बहुत ही सरल तरीके से जीती हूं और वैसे ही जीना चाहूंगी। यह बहुत बड़ी दुविधा की स्थिति होती है, जो कोई भी इंसान अपनी लाइफ में नहीं चाहेगा। मैं ऐसे रिश्तों से दूर रहूंगी। कई बार देखा जाता है कि पति-पत्नी में बिल्कुल जम नहीं रही और वो दोनों आम सहमति से अलग हो जाते हैं।

लेकिन हम यह भी देखते हैं कि पति-पत्नी में बिल्कुल नहीं जम रही है तब भी वे परिवार-समाज के लिए साथ हैं, अपने जिंदगी को दुख से भर देते हैं, आपकी इस पर क्या राय है?

मुझे लगता है कि पति-पत्नी जिंदगी की जो सच्ची खुशी है, उसी को महसूस नहीं कर पा रहे हैं तो क्यों साथ रहें? क्यों इतने तनाव में रहें? एक-दूसरे की आत्मनिर्भरता, आजादी देकर अकेले पूरी इज्जत के साथ रहें। जब आपसी समझ और इज्जत रिश्तों में खत्म हो जाती है तो समझिए रिश्ता खत्म हो चुका है। ऐसे रिश्ते को निभाने का कोई फायदा नहीं। साथ ही आप समाज के लिए न जिएं, खुद के लिए जिएं। इस वेब सीरीज में इन्हीं मुद्दों को दिखाया गया है। 'कहने को हमसफर है' की कहानी बहुत ही इंस्पायर करने वाली है। मुझे लगता है कि इसे सभी को देखना चाहिए।

टीवी, फिल्म के बाद आप वेब सीरीज में एक्टिंग कर रही हैं। क्या डिफरेंस फील करती हैं?

टीवी इंडस्ट्री पता नहीं क्यों कलाकारों को टाइपकास्ट कर देती है। हम एक्टर्स हैं, आप हमें अलग-अलग तरह के रोल दो और हम अपने किरदारों को चुनौती के साथ स्वीकार करेंगे। कल को अगर कोई मुझे सीरियल किलर का किरदार देगा तो भी मैं कर लूंगी। लेकिन टीवी पर मुझे एक हाउसवाइफ के रूप में ही टाइपकास्ट कर दिया जाता है। अब मैं बहुत खुश हूं कि वेब सीरीज में मुझे अलग-अलग तरह के किरदार करने को मिल रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म के जरिए एक्टर्स को अपनी एक्टिंग रेंज, स्किल्स बढ़ाने का मौका मिल रहा है, अच्छा काम करने का मौका मिल रहा है।

आगे किन प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं?

अभी मैंने तीन शॉर्ट फिल्में पूरी की हैं। जिसमें से एक वूट प्लेटफॉर्म के लिए है। एक फिल्म का नाम है 'लुत्फ', जो कि विनय पाठक के साथ है, यह फिल्म कई फिल्म फेस्टिवल में भी जा रही है। एक और फिल्म की है, जिसका नाम अभी बता नहीं सकती।

लेखिका - रेणु खंतवाल

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