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Bhumika Gurung Interview: मेरे अंदर 70 प्रतिशत निमकी मुखिया की क्वालिटीज

भूमिका गुरुंग को टीवी वर्ल्ड में अलग पहचान सीरियल निमकी मुखिया से मिली, अब वह निमकी विधायक के जरिए दर्शकों के सामने हैं, लेखिका आरती सक्सेना ने इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा कि इस बार सीरियल में क्या नया दर्शकों को देखने को मिलेगा? वह अपने किरदार से कितना रिलेट करती हैं? क्या भूमिका राजनीति में जाने की इच्छा रखती हैं?

Bhumika Gurung Interview: मेरे अंदर 70 प्रतिशत निमकी मुखिया की क्वालिटीज

स्टार भारत का सीरियल निमकी मुखिया भी एक लड़की के गांव के मुखिया बनने और उसके संघर्ष की कहानी को अलग तरह से पेश करता है। अब यह सीरियल निमकी विधायक के नाम से एक नए अंदाज में दर्शकों के सामने है। सीरियल में अब निमकी के विधायक बनने की यात्रा शुरू होगी। इस सीरियल में निमकी का रोल निभाने वालीं भूमिका गुरुंग इस चेंज से काफी खुश हैं। इस सीरियल और करियर से जुड़ी बातचीत, भूमिका गुरुंग से।

आपको सीरियल 'निमकी मुखिया' में काफी पसंद किया गया। अब आप 'निमकी विधायक' में नजर आ रही हैं। इस बार दर्शकों को क्या नया सीरियल में देखने को मिलेगा?

सीरियल 'निमकी मुखिया' से टीवी वर्ल्ड में मेरी अच्छी खासी पहचान बन गई। दर्शकों ने मुझे निमकी मुखिया के रोल में काफी पसंद किया। अब 'निमकी विधायक' आ गया है तो पूरी उम्मीद है कि दर्शकों का पहले जैसा ही प्यार मिलेगा।

जहां तक सीरियल 'निमकी विधायक' की बात है तो दर्शकों को काफी कुछ नया देखने को मिलेगा। अब निमकी लाल बत्ती वाली गाड़ी में, बॉडी गार्ड के साथ नजर आएगी। उसका लुक भी काफी चेंज होगा। साथ ही उसका मकसद जनता की भलाई करना होगा। हम पॉलिटिकल गेम्स भी दिखाएंगे लेकिन कॉमेडी टच के साथ। इससे दर्शक कहानी से ज्यादा कनेक्ट कर पाएंगे।

आपको अगर निमकी की तरह लाल बत्ती और बॉडी गार्ड मिल जाएं तो कैसा फील करेंगी?

कुछ दिन यह सब अच्छा लगेगा। लेकिन फिर कैद जैसा महसूस होगा। मैं आजादी से अपनी जिंदगी जीने वाली लड़की हूं। सादगी में विश्वास करती हूं। मेरे पैरेंट्स ने सिखाया है कि साधारण भोजन करो, सच्ची जिंदगी जियो और रात को चैन की नींद सो जाओ। लेकिन जब पावर आती है तो ऐसा करना नामुमकिन हो जाता है।

आपके अंदर निमकी की कुछ क्वालिटीज तो जरूर होंगी?

हां, मैं निमकी की तरह 70 प्रतिशत हूं। उसकी तरह ही अपनी बात को बिना किसी डर के कहती हूं। लेकिन मैं निमकी की तरह अपने इमोशंस को छिपा नहीं सकती हूं। मेरा दुख, टेंशन सब कुछ चेहरे पर नजर आ जाता है।

आप 'निमकी मुखिया' में बिहारी लैग्वेंज के डायलॉग बहुत ही सहजता से बोलती थीं। अब तो इसमें परफेक्ट हो गई हैं, लेकिन बिहारी लैंग्वेज पर आपने वर्क कैसे किया?

जब मुझे इस सीरियल का ऑफर आया और बताया गया कि बिहारी लैंग्वेज बोलनी है तो मैं थोड़ा घबरा गई थी। मुझे तो यह लैंग्वेज बिल्कुल नहीं आती थी। लिहाजा मैं ऑडिशन देने से भी कतरा रही थी। लेकिन जब मेरा सेलेक्शन हो ही गया तो मैंने इस लैंग्वेज पर वर्क करना शुरू किया। मैंने पटना की कॉलेज की लड़कियों के बोलने के ढंग पर गौर किया। इसी सीरियल में मेरे को-एक्टर रमन सिंह बिहार से हैं तो उनकी भी हेल्प ली। हमारे राइटर साहब जमाल और डायरेक्टर भी बिहार से हैं, लिहाजा उन्होंने मुझे डायलॉग बोलने में बहुत मदद की। मैंने भी बहुत प्रैक्टिस की, अब तो मैंने बिहारी लैंग्वेज के कई शब्दों को, टोन को अच्छे से जान लिया है।

आपका सीरियल महिलाओं को राजनीति में आने के लिए मोटिवेट करता है। आज भी महिलाएं राजनीति में काफी कम हैं। क्या आप खुद एक्टिव पॉलिटिक्स में जाना चाहेंगी?

नहीं, मैं कभी राजनीति में नहीं जाना चाहूंगी। मुझे अभिनय से प्यार है और मैं इसी फील्ड में ठीक हूं। मुझे कुछ पार्टियों से राजनीति में आने के ऑफर भी आए थे लेकिन मैंने मना कर दिया। जहां तक महिलाओं के राजनीति में कम होने की बात है तो इस सिचुएशन में भी अब धीरे-धीरे बदलाव आ रहा है। राजनीति में कई महिलाएं अच्छा काम कर रही हैं। पॉलिटिकल पार्टिंयां भी अब महिलाओं को खूब मौके दे रही हैं। मेरा मानना है कि जैसे-जैसे ज्यादा महिलाएं शिक्षित होंगी, तो ज्यादा महिलाएं राजनीति में आएंगी और बदलाव के लिए काम करेंगी।

पहले निमकी मुखिया थी, अब विधायक बनी है, आगे क्या सांसद, मंत्री भी बनेगी?

यह तो आप लोगों के प्यार पर निर्भर करेगा। जितना सीरियल पॉपुलर होगा, उतना आगे बढ़ेगा।

टीवी के बाद क्या आप फिल्मों में भी जाना चाहेंगी?

आपको बता दूं कि मैंने नाना पाटेकर की एक फिल्म 'वेडिंग एनिवर्सरी' की थी। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई धमाल नहीं मचा सकी। मुझे इस फिल्म से कोई फायदा या नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद मुझे जिन फिल्मों के ऑफर आए, वह अच्छे नहीं लगे। हां, आगे कोई अच्छा ऑफर आया तो जरूर करना चाहूंगी। हर एक्टर तरक्की करना चाहता है, टीवी से फिल्म वर्ल्ड में जाना चाहता है।

फैमिली मेरा सपोर्ट सिस्टम है

आज भूमिका का एक सक्सेसफुल करियर है। इसका क्रेडिट वह अपनी फैमिली को देती हैं। भूमिका बताती हैं, 'पापा मेरे सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम हैं, आज जो हूं उनकी वजह से हूं। मेरी एक बड़ी बहन है और दो छोटे भाई हैं। मां हाउस वाइफ हैं। पूरी फैमिली ने मेरे स्ट्रगल में बहुत साथ दिया, हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया। अपने दोनों भाइयों के लिए तो मैं सुपर स्टार हूं। वो मेरी कामयाबी देखकर बेहद खुश होते हैं। पहले हम दिल्ली में रहते थे, 17 साल पहले मुंबई में आए। अब मेरे मॉम-डैड पूना में रहते हैं मै यहां मुंबई में रहती हूं। कभी बड़ी बहन तो कभी मॉम मेरे साथ रहती हैं।'

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