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Taapsee Pannu Exclusive Interview: उसने मुझे रोका और करीबन दस मिनट तक.....

तापसी पन्नू ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दक्षिण भारतीय फिल्मों से की थी। दो साल बाद हिंदी फिल्मों में कदम रखा, लेकिन उनकी फिल्म ‘चश्मेबद्दूर’ को बहुत अच्छा रेस्पॉन्स नहीं मिला।

Taapsee Pannu Exclusive Interview: उसने मुझे रोका और करीबन दस मिनट तक.....

तापसी पन्नू ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में दक्षिण भारतीय फिल्मों से की थी। दो साल बाद हिंदी फिल्मों में कदम रखा, लेकिन उनकी फिल्म ‘चश्मेबद्दूर’ को बहुत अच्छा रेस्पॉन्स नहीं मिला।

इसके बाद वह साउथ की फिल्में करती रहीं, अचानक हिंदी फिल्म ‘बेबी’ में तापसी छोटे से किरदार में नजर आईं। इसके बाद तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह लगातार ‘पिंक’, ‘नाम शबाना’ और ‘मुल्क’ जैसी फिल्मों में दमदार किरदारों में नजर आईं।

आज तापसी बॉलीवुड में स्टार बन गई हैं। इन दिनों तापसी पन्नू, आनंद एल राय प्रोड्यूस और अनुराग कश्यप डायरेक्टेड लव ट्राइएंगल फिल्म ‘मनमर्जियां’ को लेकर चर्चा में हैं। इसके अलावा वह अमिताभ बच्चन के साथ ‘पिंक’ के बाद ‘बदला’ में दोबारा एक्टिंग कर रही हैं।

आप अपने करियर को लेकर कितना खुश हैं?

काफी खुश हूं। मैंने अपने करियर को लेकर जो सोचा था, उसी तरह की सफलता मिल रही है। फिल्म ‘पिंक’ के आते ही लोगों को अचानक लगा कि तापसी तो अच्छी एक्टिंग कर सकती है। यह मेरे करियर का टर्निंग प्वाइंट था।

लेकिन मेरे करियर का सबसे बेहतरीन साल 2018 ही साबित हो रहा है। फिल्म ‘मुल्क’ के बाद मुझ पर दर्शकों का यकीन कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। अब लोगों को लगने लगा है कि तापसी हर किरदार को कुछ अलग ढंग से पर्दे पर निभाना जानती है।

‘मुल्क’ के रिलीज होने के बाद किस तरह का रेस्पॉन्स मिला?

इस फिल्म की रिलीज को एक माह होने वाला है, लेकिन अभी भी इसे बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है, जबकि हमारी फिल्म ‘मुल्क’ के बाद दो बड़े बजट की फिल्में रिलीज हो चुकी हैं।

आज भी ‘मुल्क’ तीन सौ थिएटरों में चल रही है, सारे शो हाउसफुल हैं। दो दिन पहले जब मैं अपनी बिल्डिंग से उतर रही थी, तो एक मुस्लिम महिला मिली, उसने मुझे रोका और करीबन दस मिनट तक फिल्म ‘मुल्क’ को लेकर ही बात की, साथ ही इस फिल्म को करने के लिए मुझे थैंक्यू कहा। ‘पिंक’ के समय भी मुझे इसी तरह के कमेंट मिले थे, अब फिर मिल रहे हैं। एक एक्टर के तौर पर मेरे लिए यह बड़ी बात है।

फिल्म ‘मनमर्जियां’ के डायरेक्टर अनुराग कश्यप की गिनती डार्क फिल्म बनाने वालों में होती है। उनके साथ काम करने से पहले कोई हिचक नहीं हुई?

नहीं, हिचक कैसी। बात भरोसे की है। अनुराग कश्यप डार्क फिल्म बनाने वाले और फिल्म के प्रोड्यूसर आनंद एल राय रोमांटिक और संजीदा फिल्म बनाने में परफेक्ट माने जाते हैं। इन दोनों का कॉम्बिनेशन बहुत रोचक हो सकता है, इसी सोच के साथ मैंने यह फिल्म की।

दूसरी बात जब मैंने फिल्म की कहानी सुनी तो मेरी समझ में आ गया कि मुझे यह फिल्म क्यों ऑफर की गई। वैसे भी अनुराग कश्यप कहते हैं कि फिल्म ‘मनमर्जियां’ की रूमी मैं ही हूं।

क्या आप रियल लाइफ में अपने किरदार रूमी जैसी हैं?

जी नहीं। रूमी का किरदार मुझसे काफी अलग है। रूमी कुछ ज्यादा ही कंफ्यूज है, जबकि मैं अपनी जिंदगी को लेकर कंफ्यूज नहीं हूं। मुझे पता है कि क्या चाहिए और क्या नहीं चाहिए? मुझे रूमी जैसा बात करने का लहजा भी नहीं चाहिए।

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