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मैं दूसरों की तरह 100 करोड़ी क्लब वाला एक्टर नहीं हूं: सुदेश बेरी

टीवी-फिल्म में सुदेश बेरी ने अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिल में एक खास जगह बनाई है। लंबे समय से वह टीवी सीरियल ‘शक्ति-अस्तित्व के अहसास की’ में एक नेगेटिव कैरेक्टर हड़क सिंह के रोल में नजर आ रहे हैं।

मैं दूसरों की तरह 100 करोड़ी क्लब वाला एक्टर नहीं हूं: सुदेश बेरी

सुदेश बेरी ने अपने करियर की शुरुआत सुपरहिट फिल्म ‘खतरों के खिलाड़ी’ से की थी। उसके बाद वह कई बड़ी और हिट फिल्मों का हिस्सा बने। साथ ही टीवी पर भी ‘महाभारत’, ‘मुस्कान’,‘अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो’ जैसे कई हिट सीरियल्स कर चुके हैं। इन दिनों सुदेश बेरी कलर्स चैनल के सीरियल ‘शक्ति-अस्तित्व के अहसास की’ में हड़क सिंह का रोल कर रहे हैं।

सीरियल ‘शक्ति-अस्तित्व के अहसास की’ में एक किन्नर की कहानी है, जो हड़क सिंह के घर की बहू बनती है। आखिर इस सीरियल का मोटिव क्या है?

हमारा मकसद किन्नर समाज के लिए लोगों में इज्जत की भावना पैदा करना है। मैंने भी यह सीरियल इसलिए ही स्वीकार किया। कुदरत ने किसी को जैसा भी बनाया है, उन्हें समाज में इज्जत मिलनी चाहिए।

मैं तो अलग-अलग मंच से कई बार यह बात बोल चुका हूं हड़क सिंह के रूप में भी और सुदेश बेरी के रूप में भी। यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम किन्नर समाज को भी सम्मान दें।

उनके साथ हंसकर, खुश होकर बात करें। उन्हें रोजगार के मौके दें। जिससे वे लोग भी आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। उनके पास भी कुछ करने के लिए काम हो। हमें बस इस बात के लिए समाज को एजुकेट करना है।

किन्नरों की समस्या को आप किस तरह देखते हैं?

देश में ही नहीं विदेशों में भी किन्नर हैं। लेकिन विदेश में सरकारों ने कानूनी रूप से यह तय किया हुआ है कि उन्हें अलग-अलग जगहों पर रोजगार मिले। यही वजह है कि वहां के किन्नर मेन स्ट्रीम में काम कर रहे हैं।

विदेशों में कोई इनमें भेदभाव नहीं है। जबकि हमारे यहां उन्हें कोई सम्मान नहीं मिला। उनके लिए कोई रोजगार नहीं है। हमें उन्हें रोजगार के अवसर देने चाहिए।

क्या आपको लगता है कि आपके सीरियल के जरिए समाज में किन्नरों को लेकर लोगों की सोच बदली है?

बहुत हद तक इस सीरियल ने लोगों की मानसिकता को बदला है, यह सच है। समाज में किन्नरों को लेकर जागरुकता आई है। उनके प्रति लोगों में सहानुभूति बढ़ी है। उनकी तकलीफों और दर्द को लोगों ने सीरियल के माध्यम से समझा है। संविधान ने, कानून ने तो ट्रांसजेंडर्स को अधिकार दिए ही हैं। बदलाव तो धीरे-धीरे ही आएगा।

टीवी पर अलग-अलग तरह का कंटेंट आ रहा है। आप किस तरह का कंटेंट टीवी पर देखना चाहते हैं या दिखाना चाहते हैं?

मेरा सपना है कि मैं एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करूं, जिसका नाम होगा मनोरंजन का गुरुद्वारा। ऐसा मनोरंजन पेश करो जिसके साथ शिक्षा हो। आप कोई सीरियल देखें आपको बहुत मजा आए, साथ ही आप सोचो कि यह सीरियल बहुत ही मजेदार था और मुझे एक सीख भी देकर गया।

इन दिनों और क्या-क्या प्रोजेक्ट चल रहे हैं?

अभी तो हड़क सिंह का किरदार कर रहा हूं। इसके अलावा एक और सीरियल ‘मुस्कान’ भी कर रहा हूं। एक ही स्टूडियो में दोनों सीरियल्स की शूटिंग चल रही है इसलिए मैनेज हो पा रहा है।

आप खुद को कैसा एक्टर मानते हैं?

मैं जितने भी लोगों से जुड़ा हूं मैंने कभी किसी से अपने काम के पैसे नहीं मांगे, मुझे मेरा मेहनताना खुद ही मिल जाता है। मैं टीवी पर 100 करोड़ क्लब वाला एक्टर हूं, यह बात प्रूफ के साथ कह सकता हूं। दरअसल, यह बात मैं अपनी कुंडली में लिखवाकर आया हूं।

मैं यकीन करता हूं कि अगर हवा सच है तो हवा ही भगवान है। पेड़-पौधे खड़े हैं, पृथ्वी पर अपनी जड़ों के सहारे तो जड़ें भगवान हैं। अदृश्य शक्ति जो इस पूरी दुनिया को चला रही है, वह भावना ही भगवान है।

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