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रोमांस मेरा फेवरेट जॉनर है: सोनारिका भदौरिया

सोनारिका ने कहा कि मैं एक्शन फिल्म भी करना चाहती हूं।

रोमांस मेरा फेवरेट जॉनर है: सोनारिका भदौरिया
मुंबई. टीवी से फिल्मों में आर्इं सोनारिका भदौरिया की पहली बॉलीवुड फिल्म ‘सांसें : द लास्ट ब्रीथ’ सस्सेंस-थ्रीलर जरूर है, लेकिन उनकी पसंद रोमांटिक फिल्में ज्यादा है, वह भी ऐसी फिल्म, जिसमें प्रेमी-प्रेमिका आपस में मिल नहीं पाते। वैसे सोनारिका एक्शन फिल्में भी करना चाहती हैं, वह फिल्मों में सुपर वूमेन बनकर हीरो को बचाना चाहती हैं। इस फिल्म और करियर से जुड़ी बातचीत सोनारिका भदौरिया से...
सबसे पहले आप अपने एक्टिंग करियर के बारे में कुछ बताइए?
सीरियल ‘तुम देना साथ मेरा’ से मेरा एक्टिंग करियर शुरू हुआ। इसके बाद मैंने सीरियल ‘देवो के देव-महादेव’ में मां पार्वती की भूमिका निभाई। फिर मैंने साउथ की तीन फिल्में कीं, अब बॉलीवुड भी कदम रख दिए हैं। मुझे तो अपनी यह जर्नी ग्रेट लगती है।
साउथ और बॉलीवुड में काम के ढंग में क्या बड़ा अंतर है?
मुझे लगता है कि लैंग्वेज के अलावा कोई ज्यादा अंतर नहीं है। हां, वहां डिसीप्लिन अधिक है। वक्त का बहुत ख्याल रखा जाता है, इसलिए काम जल्दी हो जाता है। यही वजह है कि मैंने एक साल में वहां तीन फिल्में कर ली हंै। हां, मुझे वहां लैंग्वेज की बहुत दिक्कत आई। जब मुझे फिल्म ‘सांसें’ मिली तो मेरी सांस में सांस आई कि चलो, अब हिंदी में डायलॉग बोलने होंगे, सेट पर भी अपनी भाषा हिंदी में बात हो सकेगी।
क्या इस फिल्म के लिए आपको आॅडिशन देना पड़ा?
जी नहीं। दरअसल, फिल्म के डायरेक्टर मेरे टीवी सीरियल्स और मेरी साउथ फिल्में देख रखी थीं। इसलिए उन्होंने मेरा आॅडिशन या लुक टेस्ट नहीं लिया। उन्होंने मुझे फिल्म की कहानी और मेरा किरदार सुनाया। मुझे बॉलीवुड में एंट्री के लिए यह एक बेहतरीन अवसर दिखा, मैंने तुरंत हां कह दी।
फिल्म में आपका रोल क्या है?
मैं इस फिल्म में आज के दौर की एक लड़की शीरीन का रोल प्ले कर रही हूं, जो अनाथ है। उसकी एक छोटी बहन है, जिससे वह बहुत प्यार करती है, जिसके लिए वह कुछ भी कर सकती है। लेकिन शीरीन का एक अतीत है, जो उसे परेशान कर रहा है। शीरीन एक क्लब में गाती है। हर कोई उससे मिलना चाहता है। वह भी लोगों से मिलती है। एक दिन वह अभय (रजनीश दुग्गल) से मिलती है। बस यही से उसकी जिंदगी में एक मोड़ आता है। चूंकि फिल्म सस्पेंस-थ्रिलर और हॉरर है, इसलिए मैं ज्यादा डिटेल में कहानी या किरदार के बारे में नहीं बता पाऊंगी।
आखिर फिल्म कहना क्या चाहती है?
फिल्म यही कहना चाहती है कि इंसान मर तो जरूर जाता है, लेकिन उसके दिल की ख्वाहिशें या उसके जज्बात कभी नहीं मरते, वे हमेशा जिंदा रहते हैं।
एक हॉरर फिल्म को शूट करने के दौरान सबसे ज्यादा चैलेंजिंग आपको क्या लगा?
मेरे लिए सबसे ज्यादा चैलेंजिंग भूत को इमेजिन करके डरना था। क्योंकि रियल में तो घोस्ट नहीं होते, लेकिन कैमरे के सामने आपको घोस्ट देखकर डरे हुए इंसान की अदाकारी करनी पड़ती है। यही दिखाना सबसे ज्यादा चैलेंजिंग लगा।
फिल्म में अपने को-स्टार्स के साथ काम करने के एक्सपीरियंस कैसा रहा?
इस फिल्म में मेरे साथ रजनीश दुग्गल, हितेन तेजवानी और नीता शेट्टी हैं। रजनीश कमाल के को-स्टार हैं, हालांकि वे काफी फिल्में कर चुके हैं, सीनियर हैं लेकिन उनका नेचर बड़ा फ्रेंडली है। हितेन और नीता मेरी तरह टीवी से फिल्मों में आए हैं। इसलिए सबके साथ काम करने का एक्सीरियंस अच्छा रहा।
आप आगे किस प्रकार की फिल्में और रोल करना चाहती हैं?
रोमांटिक फिल्में करना चाहती हूं। क्योंकि रोमांस मेरा फेवरेट जॉनर है। ‘गोलियों की रासलीला- राम लीला’ टाइप की फिल्म करना चाहूंगी, जिसमें प्रेमी मिल नहीं पाते। मैं एक्शन फिल्मों की भी दीवानी हूं। बचपन से ही मारधाड़ वाली फिल्में और सुपर हीरो वाली मूवीज देखती आ रही हूं। मैं सुपर वूमेन बनना चाहती हूं, हीरो को बचाना चाहती हूं। इसलिए मैं एक्शन फिल्म भी करना चाहती हूं।
बॉलीवुड में किस एक्टर की दीवानी हैं?
अमिताभ बच्चन, मैं उनकी बहुत बड़ी फैन हूं। अगर उनके साथ मुझे दो सेकेंंड के लिए भी किसी फिल्म में काम करने को मिल जाए, तो मैं खुद को बहुत लकी मानूंगी। नए हीरोज में मुझे रणवीर सिंह और रणबीर कपूर पसंद हैं।
भूत-प्रेत में कितना विश्वास रखती हैं आप ?
सोनारिका भदौरिया का क्या कभी रियल लाइफ में भूत से वास्ता पड़ा है? वह भूत-प्रेत में विश्वास रखती हैं? पूछने पर वह बताती हैं,‘रियल लाइफ में ऐसा एक्सपीरियंस कभी नहीं हुआ, लेकिन फिल्म का क्लाइमेक्स हम जहां मॉरिशस में शूट कर रहे थे, वह एक सूनसान इलाका था। इस जगह पर बड़े-बड़े खंडहर थे। यहां शूटिंग करते समय थोड़ा डर लगता था। रात में कभी-कभी हमें लगता था कि छत पर जैसे कोई सरक-सरक कर चल रहा है। चूंकि साथ में बहुत से लोग थे, इसलिए ज्यादा डर नहीं लगा। मुझे रियल लाइफ में भूत से बहुत डर लगता है। हम सब अपने दादा-दादी, नाना-नानी से भूत-प्रेत की कहानियां जरूर सुने रहते हैं। मुझे लगता है कि बुरी शक्तियां भी होती हैं, लेकिन मेरी मां ने एक बात कहती हैं, जिस पर मेरा पूरा विश्वास है कि अगर आपने कुछ बुरा नहीं किया है तो आपके साथ भी कुछ बुरा नहीं होगा।
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