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''शहीद-ए-आजम भगत सिंह'' से लेकर ''रंग दे बंसती'' तक इन फिल्मों मे दिखी है भगत सिंह की जिंदगी की दास्तान

वैसे तो आजादी के नायकों पर कई बॉलीवुड फिल्‍में बनी हैं, मगर सबसे ज्‍यादा जिस नायक पर फिल्‍में बनी हैं, वो हैं भगत सिंह, जो देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी पर चढ़ गए थे।

'मेरी कलम भी वाकिफ है मेरे जज्बातों से, मैं इश्क भी लिखना चाहूं तो इंकलाब लिखा जाता है'। ये शब्द महान क्रांतिकारी शहीदे-आजम-भगत सिंह की कलम से लिखे गए हैं। वो भगत सिंह जिसने देश को गुलामी से आजाद कराने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की।

भगत सिंह एक ऐसे क्रांतिकारी थी जिन पर क्रांति का रंग सिर चढ़कर बोलता था। वो भगत सिंह, जो आशिक तो था, लेकिन उसकी आशिकी देश के लिए थी। इस महान क्रांतिकारी ने 23 मार्च 1931 को हंसते-हंसते फांसी के फंदे को अपने गले से लगा लिया था।
वैसे तो आजदी के नायकों पर बॉलीवुड में कई फिल्में बनी हैं। मगर सबसे ज्यादा जिस नायक पर फिल्में बनी हैं वो कोई और नहीं भगत सिंह है जिन्होंने देश की आजादी के लिए महज 23 साल की उम्र में फांसी के फंदे को गले लगा लिया था।
आइए एक नजर डालते हैं इस महान क्रांतिकारी पर बनी कुछ यादगार फिल्मों पर-
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