Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

रक्षाबंधन स्पेशल- कुछ इस तरह टीवी जगत के सितारें मनाएंगे राखी

मेरी अपनी कोई सगी बहन नहीं है, लेकिन एक कजिन सिस्टर हैं, जिनका नाम रोहिणी है। वह मेरे दिल के बहुत करीब हैं। जब मैं 19 साल का था, तभी मेरे पापा की डेथ हो गई थी, उस समय रोहिणी ने मेरी बहुत मदद की थी।

रक्षाबंधन स्पेशल- कुछ इस तरह टीवी जगत के सितारें मनाएंगे राखी
X

अर्जुन बिजलानी

मेरी अपनी कोई सगी बहन नहीं है, लेकिन एक कजिन सिस्टर हैं, जिनका नाम रोहिणी है। वह मेरे दिल के बहुत करीब हैं। जब मैं 19 साल का था, तभी मेरे पापा की डेथ हो गई थी, उस समय रोहिणी ने मेरी बहुत मदद की थी।

वह हमेशा मेरा सपोर्ट सिस्टम बनकर साथ खड़ी रही हैं। उन्होंने मेरी लाइफ में बहुत अहम रोल निभाया। आज मैं जो कुछ हूं, उसमें रोहिणी का बहुत बड़ा योगदान है। मुझे खुशी है कि मुझसे और उनसे शुरू हुआ ये प्यारा सा रिश्ता एक जेनरेशन और आगे बढ़ गया है, क्योंकि अब उनकी बेटी, मेरे बेटे को राखी बांधने लगी है।

हर साल की तरह अबकी बार भी रक्षाबंधन के दिन बहन रोहिणी हमारे घर आएगी और हम इस त्योहार को हंसी-खुशी मनाएंगे। हर बार की तरह इस बार भी मेरी कोशिश उन्हें कोई बेहतरीन गिफ्ट देने की है। सभी को हैप्पी रक्षाबंधन।

शशांक व्यास

मेरी एक ही रियल सिस्टर हैं। वह मुझसे बड़ी हैं, बिल्कुल मां के जैसा मेरा ख्याल रखती हैं। उनके दो बच्चे हैं, दीदी मुझे भी अपने बेटे की तरह ट्रीट करती हैं। वह जब भी बॉम्बे आती हैं, किचेन की बागडोर अपने हाथ में ले लेती हैं।

रोज मेरी पसंद का खाना बनाती हैं। बचपन में राखी का त्योहार याद करता हूं तो बहुत हंसी आती है। दरअसल, राखी के दिन छुट्टी होने की वजह से मैं अपने बेस्ट फ्रेंड के साथ मूवी देखने चला जाता था, तीन-चार बार ऐसा ही हुआ।

जिससे राखी का मुहूर्त निकल जाता और फिर दीदी डांटकर राखी बांधती थीं। वैसे तो मेरी कोशिश हमेशा से उन्हें अच्छा तोहफा देने की रही है, लेकिन मेरे लिए उन्हें दिया सबसे यादगार तोहफा एक क्लच बैग था, जो मैंने 10 दिन एक मॉल में कमाकर अपनी कमाई से खरीदा था।

अभी तो दीदी जोधपुर में हैं, इसलिए इस राखी बॉम्बे नहीं आ पाईं। हां, लेकिन उनकी राखी मुझे पोस्ट से मिल गई है और मैंने भी उन्हें ऑनलाइन आर्डर करके प्यारा सा गिफ्ट भेज दिया है। लेकिन मैंने सोचा है कि जब भी शूटिंग से फुर्सत मिलेगी, दीदी के पास जरूर जाऊंगा।

रश्मि देसाई

मेरे पांच भाई हैं, सभी बहुत प्यारे और अच्छे हैं। सभी मेरा बहुत ख्याल रखते हैं। जो मेरा सबसे छोटा भाई है, मुझसे भी छोटा, वह तो इस कदर मेरा ध्यान रखता है कि मुझे लगता है जैसे मैं उससे भी छोटी हूं। मुझे लेकर सभी भाई बहुत ज्यादा पजेसिव हैं।

जहां तक राखी के दिन भाइयों से तोहफा मिलने की बात है तो यह बात मेरे लिए ज्यादा मायने नहीं रखती, मुझे लगता है कि रक्षाबंधन के दिन हम सबका मिलना, हंसना-बोलना, साथ में खाना-पीना ही बहुत है, क्योंकि आज के बिजी लाइफ में सबका एक साथ होना ही बहुत बड़ी बात है।

इस बार राखी पर मेरी भाभियां अपने-अपने मायके चली गई हैं, अपने भाइयों को राखी बांधने। भाभियों के लौटकर आने के बाद मैं अपने भाइयों को राखी बांधने जाऊंगी। दरअसल, मैं चाहती हूं जब भी मैं अपने भाइयों से मिलूं तो उनकी पूरी फैमिली के साथ एंज्वॉय करूं। ऐसे मौके तो बस त्योहारों पर ही मिलते हैं।

जन्नत रहमानी

अयान (चाइल्ड आर्टिस्ट, जन्नत का सगा भाई) मेरी ही नहीं, बल्कि हमारी पूरी फैमिली की जान है। वह घर का सबसे छोटा और प्यारा बच्चा है। चूंकि अयान मुझसे छोटा है, इसलिए मैं उसका पूरा ख्याल रखती हूं। मैं हर बार उसके लिए स्पाइडर मैन, छोटा भीम जैसे कार्टून कैरेक्टर्स वाली राखी खरीदती हूं।

लेकिन इस बार उसने मुझे कह दिया है कि अब वह बड़ा हो गया है, इसलिए इस बार कार्टून वाली राखी नहीं चलेगी। जहां तक तोहफे की बात है, मेरे लिए उससे मिला हर एक तोहफा खास होता है।

अयान बहुत ही क्रिएटिव है, वह हर बार यू-ट्यूब से देखकर मेरे लिए खुद अपने हाथों से कुछ ना कुछ बनाकर तोहफा के रूप में देता है, जैसे फोटोफ्रेम, ब्रेसलेट। इस राखी मेरी और अयान दोनों की छुट्टी है, हम रक्षाबंधन का त्योहार धूम-धाम से मनाएंगे।

मोनालिसा

मेरा भाई मुझसे सिर्फ एक साल आठ महीने बड़ा है। वह सिर्फ मेरा भाई ही नहीं बल्कि मेरा बहुत अच्छा दोस्त भी है। बचपन में मैं सब कुछ उससे शेयर करती थी और खूब लड़ाई भी करती थी। पिलो फाइट हमारे बीच कॉमन बात थी, जिसमें मेरी हार तय रहती थी।

सचमुच बचपन के दिनों को याद करके बहुत अच्छा लगता है। उस समय हमारी फाइनेंशियल कंडीशन बहुत अच्छी नहीं थी, हम सिंपल तरीके से रक्षाबंधन मनाते थे। मैं उसे बांधने के लिए बड़े फूल वाली राखी लाती थी और भाई भी मुझे तोहफे के रूप में टॉफी या सोहन पापड़ी देता था।

लेकिन जब उसने कमाना शुरू किया तब मुझे ऐसी ड्रेस लाकर दी, जो मैं हमेशा से खरीदना और पहनना चाहती थी। आज भी मैंने वो ड्रेस संभालकर रखी है। कोशिश है कि इस बार मैं कलकत्ता जाकर अपने भाई के साथ रक्षाबंधन मनाऊं, उसकी कलाई पर राखी बांधू।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story