logo
Breaking

राजेश कुमार मानते हैं हमारे आस-पास कई भगवान दास मिल जाएंगे

जानिए राजेश को भगवान दास चौबे का कैरेक्टर कैसे मिला

राजेश कुमार मानते हैं हमारे आस-पास कई भगवान दास मिल जाएंगे
राजेश कुमार छोटे पर्दे के जाने-माने चेहरे हैं। वह ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’, ‘देश में निकला होगा चांद’, ‘एक महल हो सपनों का’, ‘बा बहू और बेबी’, ‘मिस्टर एंड मिसेज शर्मा इलाहाबाद वाले’, ‘चिंटू चिंकी और एक बड़ी सी लव स्टोरी’, ‘तू मेरे अगल बगल है’ जैसे कई सीरियल्स में काम कर चुके है। इन दिनों वह जीटीवी के पॉपुलर शो ‘नीली छतरी वाले’ में यशपाल शर्मा की जगह भगवान दास चौबे का रोल निभाते नजर आ रहे हैं। राजेश को भगवान दास चौबे का कैरेक्टर कैसे मिला? भगवान दास के कैरेक्टर को समझना कितना आसान और कितना मुश्किल रहा? बता रहे हैं, राजेश शर्मा।

भगवान दास चौबे का कैरेक्टर आपको कैसे मिला?
दरअसल, मैं डिजनी का एक शो ‘जिंदगी खट्टी मीठी’ कर रहा था। इस शो का सेट जहां लगा हुआ था वहीं पास में ही ‘नीली छतरी वाले’ का सेट भी लगा था। यशपाल जी शो छोड़ रहे थे। शायद तभी शो के निर्माता की मुझ पर नजर पड़ी होगी, उन्होंने मुझे इस रोल के लिए अप्रोच किया। भगवान दास का कैरेक्टर है ही बहुत बढ़िया इसलिए मैंने भी फौरन हां कर दी।

भगवान दास के कैरेक्टर को समझना कितना आसान और कितना मुश्किल रहा?
मैं कई सालों से एक्टिंग कर रहा हूं, कई तरह के रोल निभा चुका हूं, इसलिए किसी नए कैरेक्टर में घुसना मेरे लिए ज्यादा प्रॉब्लम की बात नहीं है। यह सच है कि यशपाल जी ने इस कैरेक्टर को बहुत अच्छे से निभाया, इसलिए मेरी भी जिम्मेदारी बनती है कि मैं इस कैरेक्टर के साथ पूरा न्याय करूं। वैसे भी यह कैरेक्टर इतनी अच्छी तरह लिखा गया है कि अपने आस-पास कई भगवान दास आसानी से देखने को मिल जाएंगे। इसलिए मेरी जगह कोई दूसरा आर्टिस्ट भी यदि इस चरित्र को करता तो वह भी इसमें ढल ही जाता, जैसे मैं इस छोटे से समय में ढल चुका हूं।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, पूरा इंटरव्यू -
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलो करें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Share it
Top