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मैं एक्ट्रेस नहीं पॉलिटिशियन बनना चाहती थी: पूजा बनर्जी

पूजा ने कहा कि मुझे लगता है कि उम्र के साथ काफी कुछ बदल जाता है।

मैं एक्ट्रेस नहीं पॉलिटिशियन बनना चाहती थी: पूजा बनर्जी
मुंबई. पूजा बनर्जी ने सबसे पहले ‘रोडीज’ नाम के एडवेंचर रियालिटी शो में हिस्सा लिया था, इसके जरिए ही वह टीवी पर लाइमलाइट में आई थीं। इसके बाद उन्होंने सीरियल में एक्ट करना शुरू किया। ‘एक-दूसरे से करते हैं प्यार हम’, ‘क्राइम पेट्रोल’, ‘छनछन’, ‘सावधान इंडिया’, ‘द एडवेंचर आॅफ हातिम’ जैसे कई शोज में पूजा नजर आर्इं। इन दिनों वह लाइफ ओके के सीरियल ‘नागार्जुन-एक योद्धा’ में नूरी के रोल में नजर आ रही हैं। इस सीरियल और करियर से जुड़ी बातें पूजा से टेलीफोन पर हुर्इं। पेश है बातचीत के अंश-
सीरियल ‘नागार्जुन-एक योद्धा’ में आप नूरी का लीड कैरेक्टर प्ले कर रही हैं, क्या खास है इस रोल में?
नूरी बहुत ही प्यारी और दिल की साफ लड़की है। नूरी की मां नहीं है। मां न होने की वजह से पापा भी बहुत ओवर प्रोटेक्टिव और स्ट्रिक्ट हो गए थे। ऐसे में नूरी जैसे अपनी लाइफ जीना चाहती थी, कभी जी ही नहीं पाई। फिर उसकी लाइफ में सीरियल के लीड कैरेक्टर अर्जुन की एंट्री होती है, वह उससे प्यार करने लगती है। नूरी को अर्जुन की सादगी बहुत पसंद आती है। वह अर्जुन की असलियत नहीं जानती। उसे नहीं पता कि अर्जुन सिंपल नहीं, बल्कि एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी पर्सन है। फिर नूरी के पापा भी उसकी जिंदगी से दूर चल जाते हैं। ऐसे में नूरी का एक सहारा अर्जुन ही है। वह उसकी जिंदगी है।
‘नागार्जुन-एक योद्धा’ सुपरनेचुरल पावर्स पर बेस्ड सीरियल है। रियल में आप सुपरनेचुरल पावर के बारे में क्या सोचती हैं?
मैं अचानक गायब हो जाऊं या फिर उड़ जाऊं, यह सब रियल लाइफ में मुझे तो बहुत पसंद आएगा। हम बचपन से सुपरहीरो के फैंस रहते हैं, इसलिए सुपरनेचुरल पावर हर कोई पाना चाहता है। किसी की ख्वाहिश कभी न मरने की तो किसी की गायब हो जाने की होती है। लेकिन अगर मुझे सुपरनेचुरल पावर यानी कोई मैजिक मिल जाए तो मैं सबको खुश रखूंगी। इसके लिए मैं एक मैजिक लैंड बनाऊंगी, जहां सब एक साथ प्यार से रहेंगे। वहां किसी को कोई दुख और तकलीफ न हो। सब मिलकर एक साथ रहें।
आप रियालिटी शो ‘रोडीज’ में भी कंटेस्टेंट रह चुकी हैं। क्या आगे किसी और रियालिटी शोज में जाने की इच्छा है?
मैं एडवेंचरस और नेचर के साथ रहने वाली लड़की हूं। मुझे एडवेंचर करने में और नेचर के करीब रहने में बहुत सुकून मिलता है। अगर मुझे ऐसा कोई रियालिटी शो मिलेगा, जिसमें मैं इंडिया में खूब घूम सकूं, तो मैं उस शो का आॅफर तुरंत एक्सेप्ट कर लूंगी। इससे मेरी देश को जानने की और घूमने की इच्छा पूरी हो जाएगी।
‘रोडीज’ की पूजा और ‘नागार्जुन-एक योद्धा’ की नूरी में कितना डिफरेंस फील करती हैं?
मैं अब बड़ी हो गई हूं। शो ‘रोडीज’ में मैं स्कूल से निकली हुई लड़की थी। अब काफी मैच्योरिटी आ गई है। पेशेंस लेवल भी बढ़ गया है। पहले मैं बहुत ज्यादा एडवेंचर से भरे काम करती थी, लेकिन अब उतने नहीं कर पाती हूं। कुछ साल पहले मैं फ्री टाइम में बाइक राइड, रोड ट्रिप, वॉटर फॉल या फिर माउंटेन ट्रिप पर निकल जाती थी। लेकिन अब जब भी एक्टिंग से फुर्सत मिलती है, तो फैमिली के साथ वक्त बिताती हूं। मुझे लगता है कि उम्र के साथ काफी कुछ बदल जाता है।
अपने अब तक के एक्टिंग करियर को किस रूप में देखती हैं?
मैं बहुत ही शॉर्ट टर्म प्लानर हूं। एक्टिंग से पहले मैं स्पोर्ट्स में एक्टिव थी। वैसे मुझे यह भी लगता है कि मैं पॉलिटिशियन बन जाऊं, क्योंकि मैं देश की सेवा के लिए बहुत कुछ करना चाहती हूं, देश में बहुत कुछ बदलने की ख्वाहिश रखती हूं। मेरी ख्वाहिशें बहुत हैं। मैं इंडिया का एक ट्रिप भी करना चाहती हूं, जिससे मैं देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर वहां की प्रॉब्लम सुन सकूं। साथ ही कुछ सॉल्यूशन निकालकर वहां के लोगों की हेल्प कर सकूं और अवेयरनेस फैलाऊं। हो सकता है, आगे चलकर मैं ऐसे काम करूं।
लाइफ का फंडा
मैं एक्टर होने के साथ-साथ एक स्पोर्ट पर्सन भी हूं, इसलिए कभी गिवअप नहीं करती हूंं। पॉजिटिव थिंकिंग में यकीन रखती हूं। साथ ही अपनों के साथ खुशी बांटने में यकीन रखती हूं। मेरा मानना है कि अपनों को खुशी देकर ही आप खुश रह सकते हैं।
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