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मुश्किलों में प्यार और बढ़ जाता है: पर्ल वी पुरी

पर्ल वी पुरी इन दिनों टीवी सीरियल ‘मेरी सासू मां’ को लेकर चर्चा में हैं।

मुश्किलों में प्यार और बढ़ जाता है: पर्ल वी पुरी
नई दिल्ली. पर्ल वी पुरी आजकल जीटीवी के सीरियल ‘मेरी सासू मां’ में सत्येंद्र ऊर्फ सत्तू के कैरेक्टर में नजर आ रहे हैं। सत्तू एक ऐसा बेटा है, जो अपनी मां और पत्नी के बीच बड़ा ही प्यारा-अनोखा रिश्ता बनाकर रखता है। क्या रियल लाइफ में ऐसा मुमकिन है? सीरियल में यह भी दिखाया जा रहा है कि सत्तू और उसकी वाइफ की लव लाइफ में हमेशा ही प्रॉब्लम्स बनी रहती हैं, रियल लाइफ में ऐसी सिचुएशन में क्या हसबैंड-वाइफ के बीच प्यार बना रह सकता है? सीरियल से जुड़े कुछ और सवाल पर्ल वी पुरी से।
सीरियल में आपके कैरेक्टर का मेकओवर हो गया है, न्यू लुक के साथ क्या कैरेक्टर में भी चेंज देखने को मिलेगा?
हां, अब सत्तू यानी सत्येंद्र टी-शर्ट-जींस पहनने लगा है, पहले वह धोती-कुर्ता पहनता था। अब वह कॉलेज भी जाने लगा है। पहले किसी कारण से उसकी पढ़ाई छूट गई थी। जब उसकी वाइफ परी ने उसे समझाया, तो वह अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए फिर से तैयार हो गया। लेकिन कहानी में ट्विस्ट यह है कि जिस कॉलेज में सत्तू पढ़ने जाता है, वहीं परी पढ़ाती है यानी परी उसकी टीचर है। लेकिन कॉलेज में किसी को नहीं पता कि दोनों का रिलेशन क्या है। जहां तक किरदार की बात है, तो सत्तू वैसा ही है, जैसा पहले था, एक प्यारा इंसान।
जिस कॉलेज में परी (हीबा नवाब) सत्तू की पत्नी पढ़ाती है, सत्येंद्र वहीं स्टूडेंट है। अगर रियल लाइफ में ऐसा हो कि एक ही आर्गेनाइजेशन में वाइफ सीनियर लेवल पर हो और हसबैंड उसके गाइडेंस को फॉलो करें, तो इस सिचुएशन को पॉजिटिवली कैसे लिया जा सकता है?
(थोड़ा मुस्कुराते हुए) घर में तो वाइफ ही सीनियर लेवल पर होती है। अगर किसी ऑर्गेनाइजेशन की बात हो, तो भी इस बात को पॉजिटिवली लिया जाना चाहिए। अगर आपको अपने ही पार्टनर से कुछ सीखने को मिल रहा है, तो इसमें बुरा फील करना ही नहीं चाहिए। अब सीरियल में ही सत्तू को देखिए, उसकी वाइफ उसी कॉलेज में टीचर है, तो वह एक टीचर की तरह उससे बिहेव करता है, खूब लगन से पढ़ता है। इससे उसकी ही लाइफ में चेंज आ रहा है। मेरा मानना है कि हर किसी को ऐसा ही करना चाहिए। सीरियल में परी-सत्येंद्र की लव लाइफ में हमेशा प्रॉब्लम आती है। लेकिन वह उसे पार कर ही जाते हैं।
क्या इससे प्यार में कमी आती है या प्यार बरकरार रहता है?
जिंदगी में मुश्किलें आती रहती हैं, इससे हमारे रिश्ते भी प्रभावित होते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि मुश्किलों में प्यार और बढ़ जाता है, क्योंकि इस स्थिति में दोनों एक-दूसरे का साथ देते हैं, इससे रिश्ता मजबूत होता है। यह बात हर रिश्ते पर लागू होती है। अगर असल जिंदगी में मेरे सामने कोई प्रॉब्लम आएगी, तो मैं अपने पार्टनर के साथ मिलकर उसे सॉल्व करूंगा, लेकिन अपना रिश्ता प्रभावित नहीं होने दूंगा।
सीरियल में सत्तू अपनी मां और वाइफ के बीच बहुत प्यारा और अनोखा रिश्ता बनाकर रखता है। क्या असल जिंदगी में ऐसा पॉसिबल है?
हां, बिल्कुल पॉसिबल है। सास-बहू के रिश्ते को सहेजने का काम घर के पुरुष को भी करना चाहिए। आखिर उसका रिश्ता दोनों लोगों से है, इसलिए उसे मां और पत्नी के बीच ऐसा बैलेंस बनाकर रखना चाहिए कि दोनों का रिश्ता खुशहाल बने। मां की पत्नी के सामने और पत्नी की मां के सामने अच्छी इमेज बनाकर रखे। चाहे इसके लिए उसे थोड़ा एडजस्टमेंट ही क्यों न करना पड़े।
हीबा और आपके बीच काफी अच्छी बॉन्डिंग है?
अगर दो लोगों के बीच अच्छी बॉन्डिंग नहीं होगी, तो वह एक-दूसरे के साथ काम कैसे कर पाएंगे। हीबा बहुत अच्छी एक्ट्रेस हैं, एक प्यारी इंसान भी हैं। उनके साथ बहुत कंफर्ट फील होता है। इससे स्क्रीन पर हमारी केमिस्ट्री भी अच्छी नजर आती है।
फिल्मों में जाने का इरादा है?
मैंने अभी इस बारे में कुछ सोचा नहीं। अभी टीवी पर अपनी पहचान बनाने की राह पर हूं। यहां काफी बिजी भी हूं।
पैरेंट्स को हमेशा रेस्पेक्ट-प्यार दीजिए
सत्तू अपनी मां को सीरियल में बहुत मानता है, उनकी खुशी का ख्याल रखता है। असल जिंदगी में भी क्या पर्ल वी पुरी ऐसी ही सोच रखते हैं, पूछने पर वह जवाब देते हैं, ‘अपनों को हमेशा खुश रखें, क्योंकि उनसे ही आपकी खुशियां जुड़ी हैं। खासकर अपने पैरेंट्स को हमेशा रेस्पेक्ट और प्यार दीजिए। मेरा मानना है कि हमने भगवान को नहीं देखा है, लेकिन माता-पिता उनके रूप में हमारे सामने हैं। इसलिए हमेशा उनका साथ निभाएं।’
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