Vikram Bhatt out of jail: फिल्ममेकर विक्रम भट्ट करीब ढाई महीने जेल में बिताने के बाद शुक्रवार को रिहा हो गए। उन्हें और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को दिसंबर में कथित धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। 19 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आखिरकार वह जेल से बाहर आए। रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में विक्रम भट्ट ने कहा कि अब उन्हें “भगवान कृष्ण की तरह एक नई लड़ाई लड़नी है।”
आरोपों पर दी सफाई
जेल से बाहर आने के बाद विक्रम भट्ट ने कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। उन्होंने बताया कि जेल में बिताए समय ने उन्हें मानसिक रूप से और मजबूत बनाया। उन्होंने कहा, “मैंने ढाई महीने जेल में बिताए। मुझे पूरा विश्वास था कि कानून और व्यवस्था के तहत सच सामने आएगा। जेल में मेरी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई, जिसने मुझे मेवाड़ की मिट्टी के बारे में बताया। उसने कहा कि यहां सच परेशान हो सकता है, लेकिन हार नहीं सकता। मैं उसी मिट्टी का तिलक लगाकर जा रहा हूं।”
'भगवान कृष्ण जैसे संघर्ष किया'
जब उनसे जेल के अनुभव के बारे में पूछा गया तो विक्रम भट्ट ने खुद को भगवान कृष्ण का भक्त बताया। उन्होंने कहा, “मैं भगवान कृष्ण का भक्त हूं। मैं उस स्थान पर रहा हूं जहां उनका जन्म हुआ था। समझिए कि मैं पहले से दोगुनी ताकत के साथ बाहर आ रहा हूं। जैसे भगवान कृष्ण ने संघर्ष किया, वैसे ही मुझे भी अब नई लड़ाई लड़नी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि वह कानून-व्यवस्था पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते, क्योंकि उन्हें देश की न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है।
क्या है मामला?
यह मामला डॉक्टर अजय मुर्डिया द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। उनका दावा है कि अपनी दिवंगत पत्नी पर बनने वाली बायोपिक के लिए उन्होंने करीब 30 करोड़ रुपये निवेश किए थे, लेकिन यह राशि कथित तौर पर फर्जी बिल और रसीदों के जरिए हड़प ली गई। इसी आरोप के तहत विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया था।
गौरतलब है कि विक्रम भट्ट ने पिछले साल फिल्म ‘तुमको मेरी कसम’ का निर्देशन किया था, जिसमें अनुपम खेर, ईश्वाक सिंह, अदा शर्मा और ईशा देओल मुख्य भूमिकाओं में थे। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर पाई थी।