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खुद को खत्म करने पर मजबूर करती है मायानगरी?

उतरन धारावाहिक की टीना दत्ता ने कहा, मुंबई में खुद को संभालना आसान नहीं होता।

खुद को खत्म करने पर मजबूर करती है मायानगरी?
मुंबई. एक छोटे से शहर से चलकर मायानगरी कहलाने वाली मुंबई पहुंचकर अल्पकाल में ही सफलता की बुलंदियों को छू लेने वाली अभिनेत्री प्रत्युषा बैनर्जी ने अपने आप को खत्म कर लिया। जिया खान, नफीसा जोसेफ, विवेका बाबाजी, कुलजीत रंधावा और कुणाल सिंह जैसे कलाकार और मॉडल्स की आत्महत्या आज भी सवालों के घेरे में है।
उनसे पहले परवीन बॉबी, दिव्या भारती, गुरु दत्त और सिल्क स्मिता जैसी हस्तियों ने भी मौत को गले लगाया। ग्लैमर की चकाचौंध के पीछे का यह अंधेरा शायद बहुत सारे कलाकारों को कभी ना कभी, अपनी ओर खींचने की कोशिश करता है। लेकिन कुछ लोग हैं जिन्होंने अपने आप को ऐसे हालात में संभाला है। हाल ही में एक मीडिया समूह ने बात की ऐसे कुछ कलाकारों से जिन्होंने ऐसे दौर में मौत और निराशा को मात दी है।
उतरन धारावाहिक से जाना माना चहेरा बनी टीना दत्ता ने कहा, बड़े शहर में जब आप अकेले रहकर काम कर रहे होते हैं और करियर में उतार चढ़ाव आते हैं, तब खुद को संभालना आसान नहीं होता। जब मुझे लगा की मैं डिप्रेशन की ओर खिंची जा रही हूं, तब मैंने हमेशा ऐसे मित्रों के साथ व़क्त बिताया जो सकारात्मक हों। वो बताती हैं, सबसे जरुरी है ऐसे सपोर्ट की जो आपकी भावनाओं को समझे और आप का प्रोत्साहन बना रहे। जिंदगी में जो भी हो उसे स्वीकार करना चाहिए, जरुरी नहीं कि सब वैसा ही हो जैसा आपने चाहा है।
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा के भांजे और एक्ट्रेस रागिनी खन्ना के भाई अमित खन्ना पांच साल पहले टीवी पर अपनी जगह बना चुके थे। लेकिन हालात कुछ ऐसे हुए की उन्होंने अभिनय छोड़ कर एक बीपीओ में नौकरी शुरू कर दी। अब वो फिर से टीवी पर दिखने लगे हैं और विषकन्या धारावाहिक में अहम किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने बताया, एक ऐसा वक्त था, जब घर में परेशानियां चल रही थीं। पिताजी के पैसे एक फिल्म में डूब गए, नानी का देहांत हो गया।
चेक बाउन्स होने की वजह से पिताजी को जेल हो गई और तनाव बहुत बढ़ गया। फिर मम्मी और पिताजी अलग हो गए। वो कहते हैं, वैसे तब मैं छोटा नहीं था, लेकिन मुझ पर इन सब बातों का बहुत असर हुआ। मैं फोकस नहीं कर पाता था और काम मिलना बंद हो गया। वो आगे बताते हैं, अगर मैं सिर्फ खुद के बारे में सोचता तो शायद कुछ गलत कर बैठता, लेकिन मैंने अपनी गलतियों को सुधारना शुरु किया। जिंदगी ने छोटी उम्र में बहुत कुछ सिखा दिया, लेकिन मैंने अपने लिए जिंदगी का सही रास्ता ढूंढने की कोशिश की। मैं समझ गया था कि जो सोचते हैं, वही नहीं होता, लेकिन आप को आगे बढ़ना जरुरी है।
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