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गलत रास्ता अपनाना मुझे बिल्कुल मंजूर नहीं: मृणाल जैन

मृणाल जैन सीरियल ‘नागार्जुन-एक योद्धा’ को लेकर चर्चा में हैं।

गलत रास्ता अपनाना मुझे बिल्कुल मंजूर नहीं: मृणाल जैन
माइथो-मॉडर्न कॉम्बो स्टोरी पर बेस्ड है सीरियल ‘नागार्जुन-एक योद्धा’। इसमें मृणाल जैन एक साथ शंखचूर्ण और राजबीर जैसे दो अलग-अलग मिजाज के कैरेक्टर प्ले कर रहे हैं। ऐसे में इन किरदारों को निभाना उनके लिए कितना चैलेंजिंग है? क्या पॉवर हासिल करने के लिए कोई भी रास्ता अपनाना उचित है? बता रहे हैं, मृणाल जैन।
हालांकि मृणाल जैन पहले भी कई सीरियल्स में अलग-अलग तरह के रोल्स निभा कर अपनी पहचान बना चुके हैं। लेकिन इन दिनों लाइफ ओके पर टेलिकास्ट हो रहे सीरियल ‘नागार्जुन-एक योद्धा’ में पहली बार एक साथ दो कैरेक्टर प्ले कर रहे हैं। इसमें एक है पुलिस आॅफिसर राजबीर का और दूसरा है शंखचूर्ण का। शंखचूर्ण महाबली अस्तिका का बड़ा बेटा है। हालांकि राजबीर और शंखचूर्ण दोनों ही कैरेक्टर काफी इंट्रेस्टिंग हैं, लेकिन एक-दूसरे से बिल्कुल डिफरेंट हैं। ऐसे में इन किरदारों को निभाना मृणाल के लिए कितना चैलेंजिंग है? पूछने पर वह जवाब देते हैं, ‘यह सच है कि मुझे इस सीरियल में पहली बार दो कैरेक्टर एक साथ प्ले करने का मौका मिला है। वास्तव में एक एक्टर को दो रोल एक साथ प्ले करने का चांस बहुत कम मिलता है, इसलिए बतौर एक्टर मेरे लिए यह काफी इंट्रेस्टिंग एक्सपीरियंस है। लेकिन दोनों ही कैरेक्टर मेरे लिए काफी चैलेंजिंग हैं। राजबीर एक आइपीएस आॅफिसर का नेगेटिव कैरेक्टर है। यह मेरे लिए इसलिए चैलेंजिंग है, क्योंकि मैं पहली बार नेगेटिव कैरेक्टर में हूं। वहीं, शंखचूर्ण का कैरेक्टर नेगेटिव तो है ही साथ ही इसमें कॉस्ट्यूम ड्रामा भी है। इसमें मुझे दाढ़ी और विग भी लगाना पड़ता है। एक साथ पूरा गेटअप चेंज करना पड़ता है।’
इस सीरियल में सुपरनेचुरल पॉवर्स के कारनामे भी दिख रहे हैं। शंखचूर्ण के पास ऐसी पॉवर्स हैं, जिससे वह कोई भी मनचाहा रूप धारण कर सकता है। क्या मृणाल ऐसी सुपरनेचुरल पॉवर्स पर बिलीव करते हैं? वह तुरंत कहते हैं, ‘अब तक तो पर्सनली सुपरनेचुरल पॉवर्स का एक्सपीरियंस नहीं हुआ है लेकिन कई लोगों से इस बारे में काफी कुछ सुना है। मानना न मानना एक्सपीरियंस पर डिपेंड करता है।’
लेकिन अगर सच में ऐसी कोई पॉवर मृणाल को मिल जाए तो वह इस पॉवर का इस्तेमाल कैसे करेंगे? इस पर वह उत्साहित होकर कहते हैं, ‘अगर सच में मुझे ऐसी कोई सुपर पॉवर मिल जाए तो मैं तो बहुत कुछ करना चाहूंगा। ऐसी पॉवर मिलने के बाद मुझमें हाई स्पीड आ जाएगी, तो मैं सबसे पहले ओलंपिक में भाग लेना चाहूंगा। डांस का शौक है तो डांस में भी हाथ आजमाना चाहूंगा। इसके अलावा खतरों से खेलने वाले काम भी करना चाहूंगा। इतना ही नहीं, मेरी विश लिस्ट बहुत लंबी है।’
सीरियल में दिखाया जा रहा है कि शंखचूर्ण के छोटे भाई अर्जुन के पास एक मणि है, जिसे वह किसी भी कीमत पर पाना चाहता है। सवाल उठता है कि पॉवर के लिए अपनों को ही दुश्मन समझना कितना सही है? इसके जवाब में मृणाल साफ कहते हैं, ‘बिल्कुल सही नहीं है। जहां तक मेरी अपनी बात है, मैं केवल मेहनत करने पर यकीन करता हूं। मैं आज तक न कभी गलत रास्ते पर चला हूं और न ही फ्यूचर में कभी भी चलूंगा। बेशक मुझे सक्सेस कम मिले, लेकिन गलत रास्ता अपनाना मुझे बिल्कुल मंजूर नहीं है।’
सीरियल में दिखाया जा रहा है कि राजबीर अपने पिता के सामने खुद को साबित करने की कोशिश करता रहता है। लेकिन क्या रियल लाइफ में बच्चों को अपने पैरेंट्स के सामने खुद को साबित करने की जरूरत होनी चाहिए? इस पर मृणाल थोड़ा ठहरकर जवाब देते हैं, ‘रियल लाइफ की बात करूं तो सभी पैरेंट्स चाहते हैं कि वे अपने बच्चों पर गर्व कर सकें। उनके बच्चे हमेशा सबसे आगे रहें। इसलिए अधिकतर बच्चों की भी ख्वाहिश होती है कि वह कुछ ऐसा करें या बनें जिस पर उसके पैरेंट्स को गर्व हो सके। तो पैरेंट्स के आगे खुद को साबित करने को अगर मैं गर्व के रूप में कहूं तो ज्यादा सही होगा। इसमें कुछ गलत नहीं है।’
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