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मिडिल क्लास आज जो सपने देखता है, उसे पूरा भी करता हैः मनोज गोयल

मनोज गोयल का कॉलेज के दिनों में थिएटर की तरफ रुझान हुआ। साइंस स्ट्रीम की पढ़ाई के साथ वह थिएटर प्ले करने लगे। इसके बाद एनएसडी में 1994 से 1997 तक रहे।

मिडिल क्लास आज जो सपने देखता है, उसे पूरा भी करता हैः मनोज गोयल

मनोज गोयल का कॉलेज के दिनों में थिएटर की तरफ रुझान हुआ। साइंस स्ट्रीम की पढ़ाई के साथ वह थिएटर प्ले करने लगे। इसके बाद एनएसडी में 1994 से 1997 तक रहे। थिएटर के साथ-साथ टीवी, फिल्म्स में भी मनोज ने अपने लिए जगह बनाई।

अब तक वह टीवी पर ‘एक चाबी है पड़ोस में’, ‘खिचड़ी’, ‘तू मेरे अगल बगल है’, ‘गोलमाल है भई सब गोलमाल है’, ‘सजन रे झूठ मत बोलो’ जैसे सीरियल में नजर आ चुके हैं।

इसके अलावा ‘कंपनी’, ‘ब्लैक फ्राइडे’, ‘दिल पे मत ले यार’ जैसी फिल्मों का भी हिस्सा रहे हैं। इन दिनों मनोज गोयल सोनी सब के सीरियल ‘बीचवाले : बापू देख रहा है’ में नजर आ रहे हैं। बातचीत मनोज गोयल से।

सीरियल ‘बीचवाले : बापू देख रहा है’ में जो परिवार नजर आ रहा है, उन सबके नाम के पीछे बीचवाले लगा है। यह बीचवाले का क्या माजरा है?

सीरियल में हमारे दादा जी, जो गांधीवादी थे और गांधी जी के साथ भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल थे। वे गांधी जी के ऐसे समर्थक थे, जिन्होंने सबसे ज्यादा लाठियां खार्इं। दादा जी आगे खड़े होते थे तो लाठियां खाकर पीछे चले जाते थे।

जब पीछे पहुंच जाते थे तो पीछे वाले उन्हें धक्का देकर बीच में कर दिया करते थे। एक दिन गांधी जी ने कहा कि अरे वो बीच वाला कहां है, जो सबसे ज्यादा लाठियां खाता है।

गांधी जी ने उनसे पूछा कि भाई आप बीच में क्यों रहते हैं? तो उन्होंने जवाब दिया क्या करूं मैं आगे खड़ा रहता हूं तो लोग आगे नहीं रहने देते, लाठियां मारकर पीछे कर देते हैं, मैं पीछे रहता हूं तो पीछे वाले पीछे नहीं रहने देते, धक्का मारकर बीच में कर देते हैं।

अब मैं क्या करूं? आप ही बताएं बापू? तो बापू भी उनकी परेशानी समझते हैं और सोचते हैं कि सच में मध्यम वर्ग की यही समस्या है। इसलिए वह उन्हें बीचवाले की उपाधि दे देते हैं।

दादा जी खुश होकर उस उपाधि को अपने नाम के साथ सरनेम की तरह लगा लेते हैं। इसके बाद उनके परिवार का हर सदस्य अपने नाम के पीछे बीचवाले शब्द को लगाने लगता है।

आपको इस सीरियल की खास बात क्या लगती है?

‘बीचवाले : बापू देख रहा है’ एक सोशल सटायर है। यह सीरियल मिडिल क्लास की हर दिन की जिंदगी और छोटी-छोटी समस्याओं को बहुत ही खूबसूरती से पेश करता है।

साथ ही यह सीरियल मैसेज देता है कि हमें अपने संस्कारों को नहीं छोड़ना चाहिए। सीरियल में मैं पप्पी बीचवाले का किरदार निभा रहा हूं। यह बहुत कम बोलने वाला इंसान है, लेकिन बहुत ही सभ्य है।

सीरियल में आपका किरदार पप्पी बीचवाले काफी कम बोलता है, क्या यह एक दब्बू शख्स है?

यह किरदार दर्शकों को एक दब्बू किस्म का पति लगेगा लेकिन यह दब्बू नहीं है, बल्कि घर के माहौल को शांत रखने के लिए चुप रहना बेहतर समझता है। पप्पी को भी गुस्सा आता है।

लेकिन वो अपने गुस्से को पीना जानता है। उसके अंदर धैर्य बहुत है। वह गांधी जी के सिद्धांतों पर चलने वाला इंसान है। इस तरह यह किरदार बहुत ही अच्छा है, कई लोग इसे खुद से रिलेट कर पाएंगे।

क्या आप अपने किरदार से रिलेट कर पाते हैं?

कुछ मामलों में खुद को पप्पी से रिलेट कर पाता हूं, जैसे मैं और पप्पी दोनों ही बहुत मेहनती इंसान हैं। इसके अलावा पप्पी, गांधी जी के सिद्धांतों पर चलने वाला इंसान है।

मैं भी गांधी जी के अहिंसा के सिद्धांत को मानता हूं। मेरा भी मानना है कि कोई भी समस्या बातचीत से सुलझाई जा सकती है, उसके लिए हिंसा का सहारा लेने की जरूरत नहीं होती। हिंसा से नुकसान ही ज्यादा होता है।

आपका सीरियल गांधी जी के सिद्धांतों को लेकर है। क्या आपको लगता है कि गांधी जी के सिद्धांतों पर आज भी चला जा सकता है?

मेरा किरदार ऐसा मानता है कि आज भी गांधी जी के सिद्धांतों पर चला जा सकता है। लेकिन मनोज गोयल मानता है कि गांधी जी ने जिस दौर में अपनी बातें और सिद्धांत रखे, उस दौर में जरूर वे बातें मानी जा सकती थीं लेकिन आज समय बहुत बदल गया है।

सभी बातों को नहीं माना जा सकता। जैसे कोई एक गाल पर थप्पड़ मार दे तो आज की तारीख में दूसरा गाल आगे नहीं किया जा सकता बल्कि उससे सवाल किया जाना चाहिए कि क्यों मारा?

यह सीरियल मिडिल क्लास की लाइफ पर है, आपको नहीं लगता है कि अब मिडिल क्लास में बहुत दिखावा आ गया है?

मैं इसे दिखावा तो नहीं कहूंगा बल्कि यह कहूंगा कि अब मिडिल क्लास सपने देखता है तो उसे पूरा भी करना चाहता है। वह अमीरों की तरह खुद को पेश करना चाहता है। हां, कुछ प्रतिशत हो सकता है, जो दिखावा करता हो।

आगे क्या कर रहे हैं?

मैं फिल्म ‘जोया फैक्टर’ कर रहा हूं। इसमें लीड रोल में सोनम कपूर हैं। मेरा किरदार भी इंपॉर्टेंट है। फिल्म ‘जोया फैक्टर’ अगले साल अप्रैल में रिलीज होगी।

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