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Interview: मनीष गोयल ने समाज में हो रहे बदलाव सहित अपनी को-एक्टर जूही परमार पर रखी अपनी बात

मनीष गोयल ने सीरियल ‘कहानी घर घर की’ से टीवी डेब्यू किया था। अठारह साल के टीवी करियर में वह अलग-अलग जॉनर के सीरियल कर चुके हैं।

Interview: मनीष गोयल ने समाज में हो रहे बदलाव सहित अपनी को-एक्टर जूही परमार पर रखी अपनी बात

मनीष गोयल ने सीरियल ‘कहानी घर घर की’ से टीवी डेब्यू किया था। अठारह साल के टीवी करियर में वह अलग-अलग जॉनर के सीरियल कर चुके हैं। जल्द ही कलर्स चैनल पर शुरू होने वाले सुपर नेचुरल सीरियल ‘तंत्र’ में मनीष गोयल नजर आएंगे।

सीरियल ‘तंत्र’ में आपका रोल किस तरह का है?

इसमें मेरा किरदार एक पिता का है। लेकिन यह सेंट्रल कैरेक्टर है। यह कहानी एक पिता और बेटी की है। मेरे किरदार का नाम पृथ्वी खन्ना है, जो मानता है कि इंसान अपनी किस्मत खुद लिखता भी है और खुद ही बिगाड़ता भी है।

पृथ्वी आस्तिक नहीं है। उसका एक सपना था, अपना ड्रीम हाउस बनाना, जिसे वह बना भी लेता है। इसके बाद पृथ्वी फैसला करता है कि पूरी फैमिली इस ड्रीम हाउस में रहेगी।

बाद में पता चलता है कि पृथ्वी के ड्रीम हाउस पर तंत्र यानी जादू-टोना किया गया है। इसके बाद कहानी में क्या होगा, वह जानने के लिए आपको सीरियल देखना होगा।

आप अपने किरदार से कितना रिलेट कर पाते हैं?

असल जिंदगी में मैं भगवान में आस्था रखने वाला इंसान हूं। यहां मैं अपने किरदार पृथ्वी से अलग हूं। जब भी मैं कहीं शूटिंग के लिए जाता हूं तो अपने रूम में सबसे पहले अपना मंदिर सेट करता हूं। मैं भगवान की मूर्ति को अपने साथ लेकर चलता हूं। पहले पूजा करता हूं, इसके बाद अपना काम शुरू करता हूं।

सीरियल में तंत्र-मंत्र जैसी बातें दिखाई जाएंगी, क्या असल जिंदगी में कभी ऐसी घटना के बारे में सुना है, या देखा है?

मैं दिल्ली से हूं, बचपन से इस तरह की बातें सुनकर बड़ा हुआ हूं। काले जादू की बातें भी हमने खूब सुनी हैं। बचपन में मम्मी कहती थीं कि अगर कहीं मिर्ची और नीबू सड़क पर पड़ा मिले तो उस पर पैर मत रखना।

कहीं चौराहे पर सिंदूर पड़ा हो तो उस पर भी पैर मत रखना। साइड से निकलकर आ जाना। लोगों ने तंत्र किया होता है। जो उस पर पैर रखता है, उस पर तंत्र-मंत्र हो जाता है। इस तरह की बातें, किस्से हमने बचपन में बहुत सुने हैं।

एक रिलेटिव ने मुझे बताया था कि जब उनकी शादी हुई तो किसी ने उन पर टोना-टोटका करने की कोशिश की। एक दिन वो सोई हुई थीं, उनके तकिए के नीचे चाकू रखा हुआ था। एक बार उनके बिस्तर के नीचे मिर्ची और नीबू रखा था।

तंत्र यानी नेगेटिव एनर्जी। इस तरह की नेगेटिव एनर्जी, नेगेटिव थॉट्स से आती है, इससे कैसे उबरा जा सकता है?

मैं यह मानता हूं कि बेशक कितनी ही नेगेटिविटी लाइफ में आ जाए, वह पॉजिटिविटी को खत्म नहीं कर सकती है। हम सभी इस बात को जानते हैं या सुनते हैं कि जो लोग नेगेटिव एनर्जी से परेशान होते हैं यानी तंत्र की वजह से परेशान होते हैं, वह देश में बने कई मंदिरों में जाते हैं।

मंदिर में जाने का मतलब है कि ईश्वर पर विश्वास, पॉजिटिव एनर्जी पर भरोसा। मैंने राजस्थान के एक मंदिर के बारे में सुना है, जहां तंत्र से परेशान लोग जाते हैं और ठीक हो जाते हैं।

इसका मतलब है कि पॉजिटिव पावर्स के सामने नेगेटिव पावर्स टिक नहीं पाती हैं। ईश्वर से बड़ी कोई शक्ति नहीं और अगर आपने भगवान को ही अपना बना लिया तो कोई आपका बुरा नहीं कर सकता।

इन दिनों टीवी पर डायन, नागिन, जादू-तंत्र जैसे कॉन्सेप्ट पर सीरियल बन रहे हैं, इसे आप कैसे देखते हैं?

लगभग पंद्रह साल पहले टीवी पर फैमिली शोज की धूम थी। उसके बाद टाइम आया रियालिटी शोज का। फिर एक प्वाइंट आया, जहां गांवों की कहानियां सीरियल्स में दिखाई जाने लगीं। अब नागिन, चुड़ैल, जैसे कॉन्सेप्ट पर सीरियल आ रहे हैं।

यह सब बस ट्रेंड है। सभी को यह ट्रेंड फॉलो करना होता है। आगे कोई और कॉन्सेप्ट आएगा तो टीवी पर वो दिखाई देगा। वैसे भी ऑडियंस सास-बहू ड्रामा से अब बोर हो गई है, उन्हें नई कहानियां टीवी पर देखनी हैं।

इस सीरियल में आपके साथ जूही परमार भी हैं, उनके साथ वर्किंग एक्सपीरियंस कैसे रहे?

हां, जूही मेरे साथ इस सीरियल में हैं। एक समय था, मेरा सीरियल ‘भाभी’ और जूही का सीरियल ‘कुमकुम’ टीआरपी में आगे-पीछे रहते थे। एक हफ्ते मेरा सीरियल आगे तो दूसरे हफ्ते उनका सीरियल आगे रहता था। कभी हमारे पुराने सीरियल में भी सुपरनेचुरल एलीमेंट दिखाए गए थे। अब सीरियल ‘तंत्र’ में भी सुपरनेचुरल एलीमेंट है।

आपने अलग-अलग तरह का काम किया है, लेकिन माइथोलॉजिकल, हिस्टोरिकल सीरियल नहीं किए। क्या आपको इनसे परहेज है?

हां, यह सच है। मैं इन दोनों जॉनर से दूर भागता हूं। दरअसल, मैं खुद को इन दोनों ही जॉनर में सहज महसूस नहीं करता। एक बार मैंने कोशिश भी की थी लेकिन मुकुट पहनते ही मैं अपने डायलॉग भूल गया।

मुझे इतनी ज्वेलरी और मुकुट पहनना बहुत हैवी लगता है। यही वजह है कि माइथोलॉजिकल, हिस्टोरिकल शोज नहीं किए हैं। वैसे अभी तक मैंने रियालिटी शो ‘बिग बॉस’ भी नहीं किया है।

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