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फिल्म के पोस्टर मेंं काली मां को दिखाया सिगरेट फूंकते, लताड़ते हुए डायरेक्टर के पीछे पड़े लोग

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कई ऐसी फिल्में होती हैं जिन्हें रिलीज से पहले काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। इस बीच सोशल मीडिया पर हैशटैग #arrestleenamanimekalai के साथ एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का पोस्टर ट्रेंड कर रहा है। कई लोगों ने दावा किया कि पोस्टर ने हिंदू अनुयायियों की धार्मिक संवेदनाओं को आहत किया है।

फिल्म के पोस्टर मेंं काली मां को दिखाया सिगरेट फूंकते, लताड़ते हुए डायरेक्टर के पीछे पड़े लोग
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एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कई ऐसी फिल्में होती हैं जिन्हें रिलीज से पहले काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। कई फिल्मों को धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप झेलनी पड़ती है। इस सब का असर बॉक्स ऑफिस बिजनेस और मूवी टाइटल पर भी पड़ती है। इस बीच सोशल मीडिया पर हैशटैग #arrestleenamanimekalai के साथ एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का पोस्टर ट्रेंड कर रहा है। कई लोगों ने दावा किया कि पोस्टर ने हिंदू अनुयायियों की धार्मिक संवेदनाओं को आहत किया है। यह देखा जा सकता है कि फिल्ममेकर लीना मणिमेकलाई (Leena Manimekalai) ने पोस्टर पर हिंदू देवी मां काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया है।

पोस्टर को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए निर्देशक ने लिखा, "आज आगा खान संग्रहालय में अपनी हालिया फिल्म के लॉन्च को साझा करते हुए बेहद रोमांचित हूं। फिल्म का 6 मिनट का एक अंश, "काली" आज आगा खान संग्रहालय के कनाडा फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा।"

वहीं इस पोस्टर को देख एक यूजर ने आगा खान म्यूजियम से फिल्म हटाने की गुहार लगाई। यूजर ने लिखा, "यह ईशनिंदा है और हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।" वहीं एक और यूजर ने लिखा, "हर दिन हिंदू धर्म का मजाक उड़ाया जाता है, क्या सरकार हमारे धैर्य की परीक्षा ले रही है?" उन्होंने आगे गृह मंत्री अमित शाह और पीएमओ इंडिया से कार्रवाई करने की अपील की। एक अन्य यूजर ने कहा, "कृपया यह न भूलें कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए हमसे कैसे पूछताछ की गई और आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।" वहीं एक अन्य ने लिखा, "आप पर शर्म आती है ... मां काली आपको आपके कृत्य के लिए दंडित करेगी। देवी का मजाक उड़ाने के लिए आपको माफ नहीं किया जाएगा।"

बता दें कि लीना मणिमेकलाई ने पांच प्रकाशित कविता संकलनों के अलावा, वृत्तचित्र, कथा और प्रयोगात्मक कविता फिल्मों सहित विभिन्न शैलियों में एक दर्जन फिल्मों का निर्माण किया। उन्हें भागीदारी, उल्लेख और सर्वश्रेष्ठ चित्र पुरस्कारों के माध्यम से कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में पहचान मिली है।

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