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Interview: जब मुंबई की लोकल ट्रेन में एक शक्स ने पीछे से बाल पकड़े और फिर....

बिजल जोशी ने अपने करियर की शुरुआत वीडियो एडिटर के तौर पर की, इसके बाद असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। फिर बिजल एक्टिंग में आ गईं। कई गुजराती सीरियलों और हिंदी, गुजराती फिल्मों में एक्टिंग भी की।

Interview: जब मुंबई की लोकल ट्रेन में एक शक्स ने पीछे से बाल पकड़े और फिर....

बिजल जोशी ने अपने करियर की शुरुआत वीडियो एडिटर के तौर पर की, इसके बाद असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। फिर बिजल एक्टिंग में आ गईं। कई गुजराती सीरियलों और हिंदी, गुजराती फिल्मों में एक्टिंग भी की।

इस बीच प्रोड्यूसर भी बनीं। हाल ही में सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर शुरू हुए सीरियल ‘लेडीज स्पेशल’ सीजन-2 से बिजल ने हिंदी टीवी सीरियल्स में कदम रखा है। इसमें वह एक सेंट्रल कैरेक्टर निभा रही हैं। पेश है बिजल जोशी से बातचीत।

अकसर लोग एक्टिंग से डायरेक्शन में आते हैं, आप डायरेक्शन से एक्टिंग में आईं। इसकी कोई खास वजह?

मैं कुछ भी प्लान नहीं करती हूं, गो विद द फ्लो में यकीन करती हूं। मेरे दिल को जो छू जाता है उस काम को करती हूं। इसके बाद मैं दूसरी बातों पर ध्यान नहीं देती हूं।

सीरियल ‘लेडीज स्पेशल’ के पहले सीजन की कहानी चार महिलाओं की लाइफ पर बेस्ड थी। इस बार ‘लेडीज स्पेशल’ सीजन- 2 में क्या अलग देखने को मिलेगा?

‘लेडीज स्पेशल’ सीजन- 2 लाइटर वर्जन है। इसमें हल्की-फुल्की सिचुएशन है। सीजन वन में सभी एक्ट्रेस लीजेंड थीं। लेकिन मुझे विश्वास है कि ऑडियंस के दिल में हम भी अपनी जगह बनाएंगे।

हिंदी टीवी सीरियल में डेब्यू के लिए ‘लेडी स्पेशल’ को एक्सेप्ट करने की क्या वजह रही?

पहली बार में ही बिंदु देसाई का किरदार मेरे दिल को छू गया। पहले मेरा सपना था कि एक दिन फिल्म ‘जब वी मेट’ वाला करीना कपूर का गीत का किरदार निभाऊंगी। लेकिन सीरियल ‘लेडीज स्पेशल’ सीजन- 2 की बिंदु, गीत से ज्यादा चुलबुली, बातूनी और मासूम है।

ऐसा किरदार भला कौन नहीं करना चाहेगा। इसमें बिंदु के अलावा भी दो महिला किरदार हैं। इस तरह सीरियल में तीन महिलाओं की कहानी है, जो कामकाजी हैं और घर भी संभाल रही हैं।

सीरियल के अपने कैरेक्टर के बारे में डिटेल में बताइए, क्या इससे रिलेट करती हैं?

सीरियल में मैं बिंदु का किरदार निभा रही हूं, जो गुजरात से है, शादी के बाद मुंबई में रहती है। वह बचपन से ही बहुत पॉजिटिव है, चुलबुली लड़की है। लोग हर सिचुएशन को अपने एंगल से देखते हैं लेकिन बिंदु खुद को सामने वाली की जगह रखकर देखती है।

मैं भी बिंदु के इस नेचर को अपनाना चाहूंगी। जहां तक बिंदु से रिलेट करने की बात है तो मैं भी उसकी तरह हमेशा मुस्कुराती रहती हूं। मुझे भी अनजान लोगों से बात करना पसंद है। लेकिन मैं बिंदु जितनी पॉजिटिव नहीं हूं, उस जैसा पॉजिटिव इंसान मैंने आज तक नहीं देखा है।

आपके सीरियल में कामकाजी महिलाओं की कहानी है। महिलाओं का एक बड़ा प्रतिशत कामकाजी है, इन पर घर की, बच्चों की भी जिम्मेदारी होती है। इस दौरान उनके सामने कई चुनौतियों आती हैं, इनका सामना वे कैसे करें कि स्ट्रेस फ्री रहें?

देखिए, महिलाएं मल्टीटास्कर होती हैं। सुबह जल्दी उठकर घर के सारे काम निपटाकर ऑफिस जाती हैं। ऑफिस से घर आकर फिर घर आकर सभी काम निपटाती हैं। लेकिन वे भी इंसान हैं, इस बात को हमें भूलना नहीं चाहिए।

मेरा मानना है कि अगर हसबैंड अपनी वाइफ की हेल्प करे, घर के छोटे-छोटे कामों में साथ दे तो महिलाएं ज्यादा अच्छे से अपनी जिम्मेदारियां निभा सकती हैं। इस तरह अगर हसबैंड और ससुराल वालों का भी वर्किंग वूमेन को सपोर्ट मिलेगा तो उनकी लाइफ ईजी, स्ट्रेस फ्री हो जाएगी।

सीरियल की कहानी में मुंबई की लेडीज स्पेशल ट्रेन एक अहम हिस्सा है। पर्सनल लाइफ में मुंबई की लोकल ट्रेन जर्नी का पहला एक्सपीरियंस कैसा रहा है?

पहला एक्सपीरियंस बहुत डरावना था। ट्रेन में अंदर जाते समय पीछे वाली महिला को चढ़ने के लिए सपोर्ट नहीं मिला तो उसने मेरे बाल पकड़ लिए थे, उस समय काफी तकलीफ हुई। लेकिन आगे अच्छे एक्सपीरियंस भी रहे।एक बार लोकल ट्रेन में ट्रैवल के दौरान मेरा मोबाइल चोरी हो गया था, मैं बहुत घबरा गई।

तब एक महिला मेरे पास आई, मुझे घर पर कॉन्टेक्ट करने के लिए अपना मोबाइल दिया, अगले स्टेशन पर मेरे साथ उतरी, पुलिस को सूचना दी और रिलेटिव्स के आने तक मेरे साथ रही। हालांकि मैं उस महिला से दोबारा नहीं मिल पाई लेकिन वह मेरे जेहन में हमेशा रहेगी।

महिलाओं को ट्रैवल करने के दौरान पुरुषों के बुरे व्यवहार का शिकार भी होना पड़ता है। इस सिचुएशन को कैसे हैंडल किया जा सकता है?

पुरुषों से कहूंगी कि जैसे आपके सपने होते हैं, हमारे भी सपने हैं। आप वैसे ही हर लेडी को रेस्पेक्ट दें, जैसी अपने घर की लेडीज को देते हैं। महिलाओं को भी कहूंगी कि खुद को प्रोटेक्ट करने के लिए सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग लें। मेरी फैमिली ने मुझे बचपन से कराटे की ट्रेनिंग दिलवाई है, मैं इस वजह से बिना डर के ट्रैवल कर लेती हूं।

आगे क्या कर रही हैं?

अभी इस सीरियल में बिजी हूं। मैंने पहले दो शो प्रोड्यूस किए हैं, उनके आने का इंतजार है। आगे देखती हूं कि किस्मत मुझे कहां ले जाती है।

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