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बॉलीवुड के विलेन को नही पसंद एक तरह का काम, दिल बहलाने के लिए पेंटिग, नक्काशी, गीत गाते हैं

हिन्दी फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान रखने वाले अभिनेता डैनी डेंगजोंगप्पा ने कहा कि वह फिल्म जगत में किसी ‘एलियन'' की तरह हैं। देश के खूबसूरत राज्य सिकिक्म से ताल्लुक रखने वाले डैनी बालीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं।

बॉलीवुड के विलेन को नही पसंद एक तरह का काम, दिल बहलाने के लिए पेंटिग, नक्काशी, गीत गाते हैं

हिन्दी फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान रखने वाले अभिनेता डैनी डेंगजोंगप्पा ने कहा कि वह फिल्म जगत में किसी ‘एलियन' की तरह हैं। देश के खूबसूरत राज्य सिकिक्म से ताल्लुक रखने वाले डैनी बालीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं।

डैनी हिन्दी फिल्मों में 1971 से सक्रिय हैं और 70 साल की उम्र में भी वह फिल्मों में अपनी अदाकारी दिखा रहे हैं।

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गुरूदेव रवींद्रनाथ ठाकुर की कहानी ‘काबुलीवाला' पर आधारित डैनी की फिल्म ‘बाइस्कोपवाला' रिलीज होने वाली है। इसमें वह मुख्य भूमिका में नजर आयेंगे। डैनी ने साक्षात्कार में बताया, ‘‘मैं फिल्म इंडस्ट्री में एलियन की तरह हूं, क्योंकि मै सुदूरवर्ती प्रदेश सिक्किम से आता हूं। फिल्म उद्योग में होने के बावजूद मैं कभी ‘फिल्मी' व्यक्ति नहीं रहा। मैं अलग रहकर सिर्फ अपना काम करता रहा।'

डैनी का अपने गृह प्रदेश सिक्किम से बेहद लगाव रहा है और जब वह फिल्मों की शूटिंग नहीं कर रहे होते हैं तो अपने फार्महाउस में वक्त बिताते हैं। उन्होंने कहा कि एक ही तरह का काम उन्हें परेशान करता हैं। वह विविधता के लिए पेंटिग, नक्काशी करने, गीत गाने और लिखने की कोशिश करते हैं।

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जब भी उन्हें लगा अभिनय नहीं करना चाहिए तब उन्होंने ऐसा किया। उन्होंने कहा , ‘‘मैं अपने बेटे से कहता हूं कि जब मैं पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट से मुंबई आया था तब मेरे पॉकेट में 1500 रूपये थे। यदि आज सब कुछ खो देता हूं तो मेरे जूते की कीमत इससे अधिक होगी। '

डैनी ने कहा कि ‘‘मै इसका श्रेय अभिभावकों, शिक्षकों और बौद्ध धर्म को देता हूं। इसे आज लोग धर्म कहते हैं लेकिन वास्तव में यह दर्शन है। मैं अपने काम में शांति तलाशने की कोशिश करता हूं। मैं कभी चीजों के पीछे नहीं भागता। ' अभिनेता ने कहा कि वह हैरान है कि लोगों ने उनका अलग रूप, धर्म और भाषा होने के बाद भी उन्हें अपना लिया।

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