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कैंटीन वाले का उधार चुकाने के लिए किशोर कुमार को करना पड़ा था ये काम, सदाबहार गानों से चुराया लोगों का दिल

सिंगर किशोर कुमार आज तो हमारे बीच नहीं हैं लेकिन वह अपने सदाबहार गानों के लिए लोगों के बीच जाने जाते हैं। उनके गाने आज भी यंग जेनरेशन के बीच काफी मशहूर हैं।

कैंटीन वाले का उधार चुकाने के लिए किशोर कुमार को करना पड़ा था ये काम, सदाबहार गानों से चुराया लोगों का दिल

सिंगर किशोर कुमार आज तो हमारे बीच नहीं हैं लेकिन वह अपने सदाबहार गानों के लिए लोगों के बीच जाने जाते हैं। उनके गाने आज भी यंग जेनरेशन के बीच काफी मशहूर हैं।

किशोर कुमार ने 1946 में आई फिल्म 'शिकारी' में अभिनय किया था। इस फिल्म में उनके भाई अशोक कुमार लीड रोल में थे। लेकिन यह मूवी फिल्मी 'बाजार' पर सही से नहीं चल पाई।

किशोर कुमार ने फिल्म 'जिद्दी' से गायकी की दुनिया में कदम रखा। उनकी पहला गाना 'मरने की दुआएं क्यों मांगू' था। इसके बाद से ही किशोर कुमार ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन गाने दिए।

बता दें कि किशोर कुमार ने हिंदी के अलावा मराठी, हिंदी, असमी, गुजराती, कन्नड़, भोजपुरी, मलयालम आदि। किशोर कुमार को फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर मेल सिंगर के लिए 8 बार नवाजा जा चुका है।

किशोर कुमार ने अपनी शिक्षा मध्यप्रदेश के इंदौर से की थी। उनके साथ कैंटीन में ऐसा वाक्या हुआ जिसमें थोड़ा मजा-पन था। बता दें कि किशोर कुमार ने एक बार कैंटीन से उधार लेकर खाना खाया। लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे।

उन पर पास पांच रूपया बारह आने का उधार हो गया था। जिसके बाद उन्होंने कैंटीन के गिलास, चम्मच बजा के 'पांच रूपया बारह आना' के नाम से गाना बना दिया। जिसे लोगों से काफी प्यार मिला था।

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