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मैं हीरोइन हूं, ये लड़कियां हीरो हैं : करण वी. ग्रोवर

करण वी. ग्रोवर इन दिनों लाइफ ओके के सीरियल ‘बहू हमारी रजनीकांत’ में नजर आ रहे हैं।

मैं हीरोइन हूं, ये लड़कियां हीरो हैं : करण वी. ग्रोवर
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मुंबई. करण वी. ग्रोवर इन दिनों लाइफ ओके के सीरियल ‘बहू हमारी रजनीकांत’ में नजर आ रहे हैं। कई सीरियल्स और फिल्म में भी काम कर चुके करण इस सीरियल को अन्य शोज से किस तरह अलग मानते हैं? ट्रेडिशनल सोसाइटी में बहुओं को लेकर मौजूद सोच पर करण का क्या मानना है?

टीवी पर अपनी सेकेंड इनिंग शुरू करने के लिए ‘बहू हमारी रजनीकांत’ सीरियल आपको परफेक्ट क्यों लगा?

यह शो मैंने काफी पहले ही साइन कर लिया था। इस शो का कॉन्सेप्ट इतना यूनीक है कि इसे मना करने का सवाल ही नहीं उठता था। दर्शक देख भी रहे होंगे कि यह शो इतना यूनीक क्यों है, इसकी बहू इतनी निराली क्यों है?

इस शो के टाइटल थोड़ा अलग तरह का है, बहू का रजनीकांत से क्या रिलेशन है?

सीरियल में बहू का नाम रजनी है और मेरा नाम शांतनु कांत है। जब वो मुझसे शादी करती है तो वो बन जाती है रजनीकांत।

बेसिकली इस सीरियल की कहानी क्या है?

बेसिकली एक लड़का है, जो मैं हूं। पेशे से वो साइंटिस्ट है लेकिन उसकी सोच जरा अलग है। वो मानता है कि लड़कियों को घर ही संभालना चाहिए, बाहर की जिम्मेदारी पति उठा लेगा। रजनी में भी वो ऐसे ही गुणों की तलाश करता है और वह शुरुआत में उसकी आशाओं के मुताबिक दिखाई देती है। लेकिन बाद में रजनी में किस तरह का डायनेमिक चेंज आते हैं, यही शो में दिखाया गया है।

बहू पर सेंटर्ड इस सीरियल में आपका रोल कितना इंपॉर्टेंट है?

मैं शांतनु कांत बना हूं, जो परिवार में बहू रजनी को लेकर आता है। इस लिहाज से मेरा रोल भी बहुत अहम है। यह कैरेक्टर बहुत ही प्रैक्टिकल है। उसे इमोशंस कुछ समझ में नहीं आते। जहां तक रियालिटी की बात है तो मैं इस कैरेक्टर से खुद को रिलेट नहीं करता हूं।

को-स्टार रिद्धिमा पंडित के साथ केमिस्ट्री कैसी है?

रिद्धिमा बहुत ही क्यूट एक्टर हैं। बहुत ही ईमानदारी से वर्क करती हैं। न्यूकमर होने के बावजूद वो एक्सपीरियंस्ड एक्टर लगती हैं।

आपकी नजर में आदर्श बहू में क्या क्वालिटीज होनी चाहिए?

हर बहू या लड़की का सेल्फ सपोर्ट होना सबसे जरूरी है। यह बहुत इंपॉर्टेंट है कि वह अपने प्रति क्लीयर रहे कि वह जीवन में क्या करना चाहती है? उसे केवल यह नहीं सोचना चाहिए कि उसका पति या परिवार उससे क्या कराना चाहता है? अपनी इच्छाओं और लक्ष्य का भी उसे पूरा ध्यान रखना चाहिए।

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