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Kangana Ranaut Interview : अपनी इस टेंशन को भगवान भरोसे छोड़ चैन की नींद सो रही है ''मणिकर्णिका''

कंगना रनोट अपनी अपकमिंग फिल्म ‘मणिकर्णिका-द क्वीन ऑफ झांसी’ को लेकर बहुत उत्साहित हैं। इस फिल्म में वह रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका में हैं। अपने किरदार को निभाने के लिए उन्होंने क्या खास तैयारियां कीं? बता रही हैं कंगना रनौत।

Kangana Ranaut Interview : अपनी इस टेंशन को भगवान भरोसे छोड़ चैन की नींद सो रही है
कंगना रनोट के एक्टिंग टैलेंट से फिल्ममेकर्स, दर्शक अच्छे से वाकिफ हैं। ‘तनु वेड्स मनु’ सीरीज और ‘क्वीन’ के बाद तो वह बॉलीवुड की क्वीन बन गईं। लेकिन पिछले साल उनका जादू नहीं चला, फिल्म ‘रंगून’ और ‘सिमरन’ में उनकी एक्टिंग को सराहा जरूर गया लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इन फिल्मों ने निराश किया।
अब नए साल की शुरुआत में कंगना अपने क्वीन के तमगे को वापस पाने की कोशिश में हैं। जल्द ही वह वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर बनीं फिल्म ‘मणिकर्णिका-द क्वीन ऑफ झांसी’ में नजर आएंगी।
इस फिल्म के ट्रेलर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब पसंद किया जा रहा है। कंगना के लिए यह फिल्म इसलिए भी खास है, क्योंकि इसका कुछ हिस्सा उन्होंने डायरेक्ट भी किया है। फिल्म ‘मणिकर्णिका-द क्वीन ऑफ झांसी’ और करियर से जुड़ी बातचीत कंगना रनोट से।

आपकी मेगा बजट फिल्म ‘मणिकर्णिका-द क्वीन ऑफ झांसी’ जल्द ही रिलीज होने वाली है। आपके लिए यह फिल्म कितनी खास है?

एक कलाकार के तौर पर मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मुझे रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका को पर्दे पर निभाने का मौका मिला। हम सभी ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की कहानी सुनी है, उनकी कहानी ने हर भारतीय को गर्व करने का मौका दिया, प्रेरणा दी है। ब्रिटिश शासन के खिलाफ, गुलामी से मुक्ति के लिए रानी ने आजादी की हुंकार भरी थी। जबकि उनके समय में महिलाएं घर से बाहर भी नहीं निकलती थीं, लेकिन रानी लक्ष्मीबाई ने अपने राज्य की, अपने लोगों की रक्षा के लिए अंग्रेजों से युद्ध किया। रानी लक्ष्मीबाई से हमें यही प्रेरणा मिलती है कि अगर स्त्री अपनी शक्ति को पहचान ले तो असंभव को भी संभव कर सकती है।

सुना है फिल्म को जब बनने में देरी हुई तो डायरेक्टर कृष ने इसे बीच में ही छोड़ दिया। ऐसे में आपने फिल्म का बाकी हिस्सा डायरेक्ट किया?

हां, फिल्म बनने में कुछ वजहों से देरी हो रही थी, फिर डायरेक्टर कृष के आगे भी कुछ कमिटमेंट्स थे, जो हमारी फिल्म की देरी की वजह से अटक रहे थे। लिहाजा डायरेक्टर को फिल्म बीच में छोड़नी पड़ी। यह सच है कि फिल्म का कुछ हिस्सा मैंने डायरेक्ट किया है लेकिन इसका क्रेडिट मैं नहीं लेना चाहूंगी। इस फिल्म में सभी ने बहुत मेहनत की है, खासतौर पर क्रिएटिव राइटर्स ने।

आपने न्यूयॉर्क जाकर डायरेक्शन, राइटिंग का कोर्स किया था। फिल्म ‘मणिकर्णिका-द क्वीन ऑफ झांसी’ का कुछ हिस्सा शूट करके आपको डायरेक्शन का एक्सपीरियंस भी हो गया। क्या फ्यूचर में आप फिल्में डायरेक्ट करेंगी?

अभी तो मेरी ऐसी कोई प्लानिंग नहीं है। मेरा ध्यान सिर्फ एक्टिंग पर है। एक्टिंग ही मेरा पैशन है। मैं एक्टिंग को साइड करके डायरेक्शन नहीं करना चाहती। अगर फ्यूचर में कोई प्लानिंग होगी तो जरूर बताऊंगी।

आगे की स्लाइड्स में पढ़िए कंगना का फुल इंटरव्यू....

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