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'कलंक' मूवी रिव्यु : पुरानी शराब पर नया लेबल है 'कलंक'

करन जौहर की फिल्म 'कलंक' आज रिलीज हो गयी। अपनी जबरदस्त स्टारकास्ट की वजह से ये फिल्म पहले से ही सुर्ख़ियों में है। फिल्म में वरुण धवन, आलिया भट्ट, संजय दत्त, माधुरी दीक्षित, आदित्य रॉय कपूर के साथ सोनाक्षी सिन्हा मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म कलंक का बजट 80 करोड़ रुपए है। जानिए फिल्म 'कलंक' की पूरी रिपोर्ट-

करन जौहर की फिल्म 'कलंक' आज रिलीज हो गई। अपनी जबरदस्त स्टारकास्ट की वजह से ये फिल्म पहले से ही सुर्ख़ियों में है। फिल्म में वरुण धवन, आलिया भट्ट, संजय दत्त, माधुरी दीक्षित, आदित्य रॉय कपूर के साथ सोनाक्षी सिन्हा मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म कलंक का बजट 80 करोड़ रुपए है। जानिए फिल्म 'कलंक' की पूरी रिपोर्ट-

फिल्म की कहानी (Kalank Story)

'कलंक' एक पीरियड हिंदी ड्रामा फिल्म है जो आजादी के पहले के समय को दिखाती है। फिल्म हिन्दू-मुस्लिम प्रेम कहानी है जिसे 'जफर'(वरुण धवन), रूप (आलिया भट्ट) और देव (आदित्य रॉय कपूर) के उलझे हुए रिश्तों के इर्द-गिर्द बुना गया है। फिल्म भारत-पाकिस्तान के बटवारे से पहले के समय पर बेस्ड है जिसमें हुसैनाबाद नाम का शहर दिखाया गया है इस शहर में बलराज चौधरी (संजय दत्त) का परिवार हुसैनाबाद का सबसे अमीर और शक्तिशाली परिवार है। इस परिवार में बलराज चौधरी और उनका बेटा देव शामिल है जो 'डेली न्यूज' नाम का अखबार भी चलाता है।

इस शहर में मुस्लिम आबादी सबसे ज्यादा है। फिल्म में कुछ घटनाक्रम ऐसे बनते है जिनकी वजह से रूप की शादी देव से हो जाती है लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब एक दिन रूप 'बहार बेगम' (माधुरी दीक्षित) से संगीत की शिक्षा लेने जाती है तो उसकी मुलाकात 'जफर' से होती है। कुछ मुलाकातों के बाद दोनों के बीच प्यार हो जाता है। रूप अपने पति को छोड़ नहीं सकती क्यूंकि उनकी शादी पुरे रीती-रिवाज से हुई है और अपने दिल के हाथों भी मजबूर है इन दोनों का प्यार फिल्म के सभी किरदारों की जिंदगी में कई गंभीर मोड़ लाता है।

वैसे तो कहानी में कुछ बेहद खास नहीं है लेकिन करन जौहर की इस फिल्म में कहानी को इसे जिस अंदाज से पेश किया गया है वह दर्शकों को बांधने में कामयाब नजर आती है। क्या होता है रूप और जफर के प्यार का..? क्या देव रूप को तलाक देता है..? क्या है माधुरी और संजय दत्त का रिश्ता..? सोनाक्षी सिन्हा और कुनाल खेमू फिल्म में किस कड़ी का हिस्सा हैं..? इन सब सवालों को जानने के लिए आपको सिनेमाघर तक जाना होगा।

एक्टिंग

फिल्म में कलाकारों की एक्टिंग की बात करे तो वरुण धवन अपने रोल में बेहद दमदार लगे हैं उनकी एक्टिंग में एक अलग जूनून दिखाई देता है। वरुण धवन अपनी टोन्ड बॉडी को 'फ्लॉन्ट' करते हुए भी अपनी भावनाओं को परफेक्शन के साथ डिलिवर करने में सफल हुए। आलिया भट्ट ने अपने रोल के साथ इन्साफ किया है आलिया बेहद खुबसूरत दिखाई दी हैं उनके डांस को एक अलग आयाम देती फिल्म कलंक उनके अब तक उनकी बेस्ट फिल्मों में से एक रहेगी।

संजय दत्त और माधुरी दीक्षित परदे पर काफी सुन्दर लगती है उनके सालों का अनुभव फिल्म में उनकी सहजता से साफ झलकता है। माधुरी दीक्षित के डांस का फिल्म में कोई मुकाबला नहीं है इतनी उम्र में भी इतना बढ़िया डांस केवल माधुरी के बस की बात है। आदित्य रॉय कपूर और सोनाक्षी सिन्हा के गंभीर किरदार फिल्म को अंत तक थामे रखते हैं।

क्यों देखे फिल्म

फिल्म में कलाकारों की एक्टिंग बेहतरीन है। बेहद शानदार फिल्म सेट लगाये हैं जो 1940 के वकत को परदे पर साकार करते नजर आते हैं। फिल्म के डायलॉग से लेकर, किरदारों के बीच की ट्यूनिंग दर्शकों को निराश नहीं करेगी। नफरत और बदले के बीच पनपने वाले प्यार की खूबसूरती आपको एक परी कथा के सामान दिखाई देगी। फिल्म की बड़ी स्टारकास्ट कलंक की असली हाईलाइट जो दर्शकों को सिनेमा तक लाने में कामयाब रहेगी। डायरेक्शन में अभिषेक वर्मा ने संतोषजनक काम किया है।

क्यों न देखे फिल्म

फिल्म का स्क्रीनप्ले कई जगह बोर करता दिखता है जिससे फिल्म बोझिल होने लगती है। फिल्म की एडिटिंग में कई खामिया है। 'श्वेता वेंकट मथ्यु' की एडिटिंग थोड़ी चुस्त होती तो फिल्म और अच्छी हो सकती थी। लगभग 3 घंटे की फिल्म 'कलंक' दर्शकों को कुछ जगहों पर निराश करेगी। फिल्म के संगीत में सिर्फ 2 गाने ही अबतक हिट हो सके हैं बाकि गाने साधारण है जबकि करन जौहर की फिल्मों में गाने एक एहम भूमिका निभाते है जो इस फिल्म में दिखाई नहीं देगा।

गीत-संगीत

फिल्म कलंक का म्यूजिक प्रीतम ने दिया है और बैकग्राउंड म्यूजिक दिया है संचित और अंकित बलहारा ने। टाइटल ट्रैक मिला कर फिल्म में कुल 10 गाने हैं जिनमें घर मोरे परदेसिया, तबाह हो गए और ऐरा-गैरा काफी पॉपुलर हैं। प्रीतम का म्यूजिक बेहद प्रभावशाली है और बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म की असली जान।

दुसरे पहलु

फिल्म 'कलंक' को डायरेक्ट किया है अभिषेक वर्मा ने। अभिषेक वर्मा ने डायरेक्शन में ठीक-ठाक काम किया है। फिल्म की एडिटिंग सुस्त है जिसकी कमान संभाली है 'श्वेता वेंकट मथ्यु' ने। फिल्म की सिनेमाटोग्राफी जबरदस्त है 1940 के समय को जिस आकर्षक अंदाज से दिखाया गया है वो काबिल-ऐ-तारीफ है। फिल्म का हर एक फ्रेम सधा हुआ और एक परी कथा के जैसा लगता है। फिल्म के संवाद असरदार हैं जिन्हें लिखा है हुसैन दलाल ने। खासकर जफर, रूप और बहार बेगम के कुछ संवाद दर्शकों को याद रहेंगे। करन जौहर, साजिद नाडीआडवाला, हीरू यश जौहर और अपूर्व मेहता ने फिल्म को प्रोडूस किया है। फिल्म को देखकर निराशा नहीं होगी।

कुल मिलाकर फिल्म 'कलंक' इस वीकेंड दर्शकों के लिए एक बेहतरीन आप्शन है जिसमें बड़े कलाकारों ने अच्छी मेहनत की है। फिल्म 'कलंक' को 2 दिन पहले रिलीज किया गया है जिस वजह से फिल्म को 5 दिनों का वीकेंड मिलेगा। कलंक देशभर के 4 हजार से भी ज्यादा स्क्रीन्स पैर रिलीज किया गया है जबकि ओवरसीज में फिल्म 1300 स्क्रीन्स पर दिखाई जा रही है। फिल्म का ओपनिंग डे अभी तक साधारण है इसलिए फिल्म की असली रिपोर्ट वीकेंड कलेक्शन से पता चलेगी।

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