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Interview: जानिए क्यों ‘पागलपंती कर रहें है आजकल जॉन अब्राहम

फिल्म ‘रोमियो अकबर वाल्टर’ यानी ‘रॉ’ में जॉन अब्राहम एक स्पाय के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में जॉन के अट्ठारह लुक देखने को मिलेंगे। इस फिल्म में उनका किरदार दूसरी स्पाय फिल्मों से कितना अलग है? क्या इस फिल्म से दर्शक अपने आपको रिलेट कर पाएंगे?यह फिल्म भी जल्द रिलीज होगी। हाल ही में जॉन अब्राहम से अपकमिंग फिल्म ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’ और करियर को लेकर लंबी बातचीत हुई। पेश है, बातचीत के चुनिंदा अंश-

Interview: जानिए क्यों ‘पागलपंती कर रहें है आजकल जॉन अब्राहम

एक एक्टर के तौर पर जॉन अब्राहम ने अलग-अलग जॉनर की फिल्में की हैं। साथ ही बतौर प्रोड्यूसर भी वह उम्दा फिल्में बनाते रहे हैं। जॉन चाहते हैं कि प्रोड्यूसर के तौर पर वह रियल लाइफ बेस्ड फिल्में ही बनाएं। इन दिनों वह फिल्म ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’ की वजह से चर्चा में हैं। इसके अलावा उन्होंने 2008 में दिल्ली में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर पर फिल्म ‘बाटला हाउस’ का निर्माण भी किया है, इसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है। यह फिल्म भी जल्द रिलीज होगी। हाल ही में जॉन अब्राहम से अपकमिंग फिल्म ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’ और करियर को लेकर लंबी बातचीत हुई। पेश है, बातचीत के चुनिंदा अंश-

‘परमाणु’, ‘सत्यमेव जयते’ के बाद अब ‘रॉ’ ये तीनों ही फिल्में देशप्रेम की बातें करती हैं। तो क्या अब आप एक खास तरह की फिल्में ही करना चाहते हैं?

मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है। जब मेरे पास कोई अच्छी स्क्रिप्ट आती है, मेरा कलाकार मन लालचवश उसे छोड़ना नहीं चाहता। मेरा मकसद अच्छी, साफ-सुथरी और महत्वपूर्ण कहानी लोगों को सुनाना है। यह महज संयोग है कि ‘परमाणु’, ‘सत्यमेव जयते’ के बाद ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’ ये तीनों फिल्में देशप्रेम की बातें करती हैं। ‘रोमियो अकबर वॉल्टर’ एक ऐसी फिल्म है, जिसे मैं हर हाल में करना चाहता था। जब इसके निर्देशक रॉबी ग्रेवाल मेरे पास इसकी स्क्रिप्ट लेकर आए तो मैं इंकार न कर सका।

यानी कि ‘रोमियो अकबर वाल्टर’ की स्क्रिप्ट सुनते ही आपने आंख मूंदकर हामी भर दी?

ऐसा नहीं हुआ। पहली बात तो मैं इतिहास बहुत पढ़ता रहा हूं। मुझे इतिहास के साथ-साथ राजनीतिक हालत की अच्छी जानकारी है। मुझे पता है कि भारत ही नहीं, सीरिया सहित दूसरे देशों में किस तरह के राजनीतिक हालात हैं, इसलिए स्क्रिप्ट सुनने के बाद मैंने रॉबी ग्रेवाल से सैकड़ों सवाल किए, उसने हर सवाल का तथ्यों के साथ जवाब दिया। आखिर वह भी आर्मी के बैकड्रॉप से है। उसके बाद मना करने का सवाल ही नहीं उठा।

पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद जिस तरह भारतीय वायुसेना के विमानों ने पाक के आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया, उसमें भी रॉ की अहम भूमिका रही। आपकी फिल्म ‘रॉ’ भी 1971 भारत पाक युद्ध के दौरान रॉ की भूमिका की बात करती है?

मैं मानता हूं कि 1971 में भारत और पाक के बीच जिस तरह के तनाव की कहानी ‘रोमियो अकबर वाल्टर’ की है, उसी तरह का तनाव इन दिनों पुलवामा पर आतंकवादी हमले के बाद है। लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि आतंकवाद का सफाया बहुत जरूरी है। जहां तक फिल्म का सवाल है तो इस पर रॉबी ग्रेवाल पिछले सात सालों से काम कर रहे थे। दूसरी बात मैंने इस फिल्म की शूटिंग 2018 में उस वक्त की थी, जब पुलवामा की घटना नहीं हुई थी। हमारी फिल्म एक स्पाय की कहानी है, हमारी फिल्म पड़ोसी देश के साथ युद्ध करने की बात नहीं करती है। लेकिन अब जो हालात पैदा हुए हैं, उसके चलते दर्शक फिल्म के साथ रिलेट जरूर करेंगे। फिल्म के निर्देशक रॉबी ग्रेवाल के पिता आर्मी में रहे हैं तो हमारी फिल्म में बहुत कुछ रियल है।

फिल्म ‘रॉ’ के किरदार को लेकर क्या कहेंगे?

मैंने इसमें एक भारतीय स्पाय का किरदार निभाया है। इस किरदार में मेरे एक दो नहीं पूरे 18 लुक हैं। इन लुक्स की वजह से मैं कहीं भी आसानी से घूम सकता था और लोग मुझे पहचान नहीं पा रहे थे।

‘रोमियो अकबर वाल्टर’ में पहले स्पाय का किरदार सुशांत सिंह राजपूत निभा रहे थे। उनके मना करने के बाद आपको जोड़ा गया?

मैं लकी हूं कि मेरे पास यह फिल्म आ गई। मैं खुद को इनसिक्योर महसूस नहीं करता। हर कलाकार को तय करना होता है कि उसे क्या करना है। मेरे पास जिस तरह की फिल्में आ रही हैं, उससे मैं खुश हूं।

गंभीर किस्म की फिल्में करने के बाद अब आप अचानक अनीस बज्मी की कॉमेडी फिल्म ‘पागलपंती’ कर रहे हैं?

जी हां, मैं हल्की-फुल्की फिल्म ‘पागलपंती’ कर रहा हूं। यह भी बताना चाहूंगा कि मैं तो अनीस बज्मी का बहुत बड़ा फैन हूं। मैं उनके साथ एक ऐसी फिल्म करना चाहता था, जिसे पूरा परिवार देखकर एंज्वॉय कर सके। हम फिल्म ‘पागलपंती’ को लंदन में शूट कर रहे हैं।

‘सरफरोश-2’ और ‘फोर्स-3’ भी आप कर रहे थे, इन फिल्मों की क्या स्थिति है?

‘सरफरोश-2’ की कहानी पर अभी तक काम हो रहा है। आप भी जानते हैं कि किसी भी फिल्म की स्क्रिप्ट को अंतिम रूप देने में मेरी तरफ से काफी समय लगता है। जहां तक ‘फोर्स-3’ का सवाल है तो मेरा मानना है कि इस तरह की एक्शन फिल्म को बनना चाहिए लेकिन अभी तक इस बारे में विपुल शाह से मेरी बात नहीं हुई है।

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