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''ख्वाबीदा'' के जरिए जसविंदर सिंह ने वेस्टर्न सिंगिग की दुनिया में गजलों को दिलाई नई पहचान

पिछले दिनों मुंबई के भवंस कॉलेज में कंपोजर, सिंगर जसविंदर सिंह का गजल अलबम ‘ख्वाबीदा’ लॉन्च हुआ। अलबम की गजलों को लिखा है, राजीव राणा ने। इस मौके पर जसविंदर ने लाइव परफॉर्मेंस भी दी।

पिछले दिनों मुंबई के भवंस कॉलेज में कंपोजर, सिंगर जसविंदर सिंह का गजल अलबम ‘ख्वाबीदा’ लॉन्च हुआ। अलबम की गजलों को लिखा है, राजीव राणा ने। इस मौके पर जसविंदर ने लाइव परफॉर्मेंस भी दी।

गजल अलबम को टाइम्स म्यूजिक ने जारी किया है। इस अलबम लॉन्च के मौके पर विशाल भारद्वाज, रेखा भारद्वाज, कविता सेठ, अनूप जलोटा, अल्का याग्निक, तोची रैना और सिंगर जसविंदर के पिता और संगीतकार कुलदीप सिंह भी मौजूद थे।

जसविंदर सिंह अपनी गजल अलबम के बारे में बताते हैं, ‘मैंने अपने पिता कुलदीप सिंह जी से ही संगीत और गाना सीखा है। उन्होंने ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता…’ जैसे कई बेहतरीन गीत कंपोज किए हैं।

पिता जी से ही मुझे कंपोजर बनने की प्रेरणा मिली। मेरे अलबम ‘ख्वाबीदा’ में छह गजलें हैं, जिन्हें राजीव राणा ने लिखा है। सभी गजलें मैंने ही कंपोज की हैं, इनको गाया भी है। अलबम की गजलें रोमांटिक हैं, लेकिन मूड सबका अलग-अलग है। अभी दो गजलों का वीडियो भी बनाया है।’

गजल अलबम का नाम ‘ख्वाबीदा’ है, आज की पीढ़ी को ऐसे नाम वाला अलबम कितना पसंद आएगा? पूछने पर जसविंदर कहते हैं, ‘देखिए, मैं नहीं समझता कि ‘ख्वाबीदा’ कोई भारी लफ्ज है।

खासकर गजलों के शौकीन लोगों के लिए तो यह एक अच्छा टाइटल हो सकता है। ख्वाब लफ्ज तो सभी जानते हैं, उसी से बना शब्द है, ख्वाबीदा (ख्वाब जैसा)। मैंने इस गजल अलबम का ख्वाब देखा और इसका नतीजा सबके सामने है।

जसविंदर आगे कहते हैं, ‘मैं बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं कि विशाल भारद्वाज जैसे सीनियर फिल्ममेकर, अनूप जलोटा, अलका याग्निक, दुर्गा जसराज, रेखा भारद्वाज जैसी हस्तियां मेरे अलबम को लॉन्च करने आईं और मुझे आशीर्वाद दिया। हम उनके बहुत शुक्रगुजार हैं।’

आज के फास्ट म्यूजिक और डांस नंबर के दौर में गजल बहुत कम आ रही हैं, ऐसी एक धारणा है। लेकिन जसविंदर इस बात से सहमत नहीं हैं। वह बताते हैं, ‘मुझे लगता है कि गजल को चाहने वाले, उसे सुनने वाले अब भी मौजूद हैं। गजल श्रोताओं के दिलोदिमाग से होते हुए उनकी रूह तक पहुंच जाती है। यही अहसास गजल को हमेशा जिंदा रखने के लिए काफी है।’

अलबम ‘ख्वाबीदा’ की सभी गजलों को लिखने वाले राजीव राणा भी काफी खुश हैं। वह कहते हैं, ‘जसविदर सिंह के साथ कई बार मीटिंग हुई, जिसके बाद मैंने इन गजलों को लिखा। कई बार हमारी बातचीत हुई, एक-दूसरे से कई आइडियाज शेयर किए। तब जाकर यह अलबम तैयार हुआ।’

गजल अलबम के लॉन्च के मौके पर भजन गायक अनूप जलोटा ने भी जसविंदर सिंह की आवाज की तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘हम सालों से एक गाना सुनते आ रहे हैं ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता…’, उस गीत के कंपोजर कुलदीप सिंह हैं।

उनके बेटे जसविंदर सिंह भी कमाल का गाते हैं। उनकी आवाज में जादू है। ईश्वर ने उन पर बहुत करम किया है। मैंने जसविंदर सिंह की दो गजलें सुनीं, बहुत ही अच्छी लगीं।’

डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने भी जसविंदर सिंह की गजलों को खूब पसंद किया। विशाल भारद्वाज कहते हैं, ‘जसविंदर सिंह ने बहुत सरलता के साथ गजलों को गाया है, जो मुश्किल होता है। टाइम्स म्यूजिक का शुक्रिया कि गजल को जिंदा रखने के लिए इस तरह के अलबम को रिलीज किया है।’

अलका याग्निक को भी जसविंदर सिंह की आवाज में एक कशिश महसूस होती है। उन्होंने इस बात की भी तारीफ की कि जसविंदर सिंह ने आज के फास्ट म्यूजिक के दौर में गजल गायकी को चुना।

अलका याग्निक कहती हैं, ‘जसविंदर एक गुणी पिता के गुणी पुत्र हैं, बहुत मीठा गाते हैं। बहुत ठहराव से गाते हैं। मैं उनको बहुत शुभकामनाएं देना चाहूंगी।’रेखा भारद्वाज और कविता सेठ ने भी जसविंदर की आवाज की तारीफ की। तोची रैना और दुर्गा जसराज ने भी जसविंदर सिंह की गायकी को एक अलग किस्म की गायकी बताया।

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