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प्यार में दीवानगी की भी एक हद होती है: इशिता दत्ता

मुझे किसी इंट्रेस्टिंग कैरेक्टर का इंतजार है इशिता दत्ता

प्यार में दीवानगी की भी एक हद होती है: इशिता दत्ता
मुंबई. इशिता दत्ता इन दिनों लाइफ ओके पर लव स्टोरी बेस्ड शो ‘रिश्तों का सौदागर बाजीगर’ में अरुंधति के रोल में नजर आ रही हैं। अरुंधति को उसका प्रेमी बेइंतहा प्यार करता है, उसको लेकर बहुत पजेसिव है। रियल में इशिता का अगर ऐसे प्रेमी का सामना हो जाए तो वह कैसे हैंडिल करेंगी? उनकी नजर में प्यार के क्या मायने हैं, इसमें दीवानगी कितनी सही है? सीरियल के कैरेक्टर और थीम से जुड़े और भी कुछ सवाल इशिता दत्ता से।
करियर की शुरुआत सीरियल ‘एक घर बनाऊंगा’ से की
हाल ही में लाइफ ओके पर शुरू हुए रोमांटिक शो ‘रिश्तों का सौदागर बाजीगर’ में इशिता दत्ता अरुंधति का कैरेक्टर प्ले कर रही हैं। इशिता बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता की छोटी बहन हैं। इशिता ने अपने टीवी करियर की शुरुआत सीरियल ‘एक घर बनाऊंगा’ से की थी। वह 2015 में आई फिल्म ‘दृश्यम’ में भी अजय देवगन की बेटी की भूमिका निभा चुकी हैं। पेश है, इशिता दत्ता से हुई बातचीत के प्रमुख अंश।
सीरियल ‘रिश्तों का सौदागर बाजीगर’में अपका क्या किरदार हैं?
इस सीरियल में मैं लखनऊ की लड़की बनी हूं, जो स्वीट होने के साथ ही काफी सेंसिबल और सेंसिटिव भी है। वह एक स्कूल टीचर है, अपने स्टूडेंट्स को बहुत प्यार करती है। वह ज्वॉइंट फैमिली में रहती है, अपनी फैमिली के बहुत क्लोज है। वह प्यार पर बहुत विश्वास करती है। आरव त्रिवेदी उसे दीवानों की तरह चाहता है, वह भी उससे प्यार करती है।
इशिता और अरुंधति में क्या कुछ कॉमन है?
इशिता और अरुंधति में काफी कुछ कॉमन है। सीरियल में जिस तरह अरुंधति चीजों को हैंडल करती है, ठीक उसी तरह मेरे सामने अगर कोई ऐसी सिचुएशन आ जाए, तो मैं भी वैसे ही हैंडल करती। अरुंधति की तरह मैं भी अपने पैरेंट्स के बहुत क्लोज हूं।
पजेसिव लवर मिल गया तो आप कैसे हैंडल करेंगी?
सीरियसली मुझे नहीं पता, क्योंकि आरव का प्यार इतना ज्यादा है कि कभी-कभी यकीन ही नहीं होता कि वास्तव में कोई किसी को इस हद तक चाह सकता है। मैं तो रियल में बिलीव ही नहीं कर पाऊंगी कि सच में यकीन नहीं कोई किसी को इस हद तक प्यार कर सकता है।
क्या प्यार में दीवानगी होनी चाहिए?
प्यार में दीवानगी होना गलत नहीं है, लेकिन दीवानगी एक हद तक ही सही रहती है।
रियल में प्यार के बारे में आप क्या सोचती हैं?
मेरे लिए प्यार दोस्ती है। हम जिस तरह दोस्ती में अपने दोस्तों के साथ कंफर्टेबल रहते हैं, वैसे ही रिलेशनशिप में भी एक-दूसरे के साथ कंफर्टेबल रहना चाहिए। प्यार में विश्वास बहुत जरूरी होता है। लेकिन आजकल देखा जाता है कि रिलेशनशिप ज्यादा दिन तक नहीं रहती। इसकी वजह है, एक-दूसरे को अच्छी तरह न जानना। इसलिए एक हेल्दी रिलेशनशिप के लिए पहले से ही खुद को अच्छी तरह प्रिपेयर कर लेना चाहिए, बाद में पछताने से कुछ हासिल नहीं होता।
वत्सल सेठ के साथ पहली बार काम करने का एक्सपीरियंस कैसा रहा?
वत्सल के साथ काम कर मैं काफी कंफर्टेबल थी। वह एक अच्छा ह्यूमन बीइंग होने के साथ ही अच्छा एक्टर भी है। हालांकि हमारा सीरियल लव स्टोरी बेस्ड है, लेकिन वत्सल के साथ काम करते हुए मुझे कुछ भी अनकंफर्टेबल फील नहीं हुआ और पहले दिन से ही हमारी केमिस्ट्री अच्छी हो गई थी।
शो के प्रोमोज में अरुंधति को कई सरप्राइजेज मिल रहे हैं?
क्या रियल लाइफ में कभी कोई ऐसा सरप्राइज मिला, जो आज तक याद है?
मैं कॉलेज में थी, तब मेरी सिस्टर तनुश्री ने मुझे आईफोन गिफ्ट किया था। इस बारे में मुझे पहले बिलकुल भी नहीं पता था, तो जब मुझे वह सरप्राइज गिफ्ट मिला मैं काफी हैरान हो गई और साथ ही काफी खुश भी।
फिल्म ‘दृश्यम’ के बाद बॉलीवुड से कोई ऑफर मिला?
एक फिल्म का ऑफर मिला था, लेकिन मैंने एक्सेप्ट नहीं किया। मुझे किसी इंट्रेस्टिंग कैरेक्टर का इंतजार है। इस फिल्म के बाद मुझे इस सीरियल में काम करने का मौका मिला। ‘दृश्यम’ के बाद जब मुझे इस सीरियल में काम करने का मौका मिला तो मैंने तुरंत हां कह दी, क्योंकि इस सीरियल की स्टोरी और मेरा रोल काफी इंट्रेस्टिंग है। मैं भाग्य पर बहुत विश्वास करती हूं मेरा मानना है कि जो अच्छा मेरी किस्मत में लिखा है, वह सही समय आने पर मुझे जरूर मिलेगा।
सबसे पहले पूरी करेंअपनी एजूकेशन
जमशेदपुर से निकलकर इशिता ने एक्टिंग में करियर बनाया? उनसे यह पूछे जाने पर कि स्मॉल टाउन गर्ल्स को वह क्या मैसेज देना चाहेंगी, जो एक्टिंग की दुनिया में आना चाहती हैं? इशिता जवाब देती हैं, ‘एक्टिंग में करियर बनाने की तो मैं पहले ही सोच चुकी थी। लेकिन मैंने डिसाइड किया हुआ था कि मैं सबसे पहले अपनी एजुकेशन कंपलीट करूंगी, क्योंकि फ्यूचर का कुछ नहीं पता होता। अगर एजुकेशन का बैकग्राउंड रहता है तो आगे चलकर ईजी रहता है। मेरा मानना है कि एजुकेशन कंप्लीट करने के बाद ही एक्टिंग में करियर बनाने के बारे में सोचना चाहिए। इसके अलावा खुद को एक लिमिट में रखना चाहिए। इस लिमिट के बीच में अगर कामयाबी मिलती है तो ठीक है, नहीं तो किसी और करियर की तरफ ध्यान देना चाहिए।’
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