Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

राहत इंदौरी को श्रद्धांजलि देने साथ आए 9 स्वतंत्र संगीतकार और 9 विजुअल आर्टिस्ट

उत्कृष्ट संगीतकारों ने डॉ. राहत इंदौरी लिखित 9 प्रसिद्ध गजल/कविताओं को कंपोज किया है। साथ ही भारत के 9 सर्वश्रेष्ठ कलाकारों ने राहत साहब द्वारा लिखी गजलों और संगीतकारों द्वारा बनाई गई रचनाओं से प्रेरित चित्र बनाए हैं।

राहत इंदौरी को श्रद्धांजलि देने साथ आए 9 स्वतंत्र संगीतकार और 9 विजुअल आर्टिस्ट
X

सॉन्गड्यू ने इस पीढ़ी के सबसे बड़े कवियों में से एक डॉ. राहत इंदौरी को सबसे बड़ी संगीत और कला श्रद्धांजलि अर्पित की है। 'डॉ. राहत इंदौरी, एक अलग पहचान' के नाम से इस श्रद्धांजलि के लिए 9 उत्कृष्ट संगीतकारों ने डॉ. राहत इंदौरी लिखित 9 प्रसिद्ध गजल/कविताओं को कंपोज किया है। साथ ही भारत के 9 सर्वश्रेष्ठ कलाकारों ने राहत साहब द्वारा लिखी गजलों और संगीतकारों द्वारा बनाई गई रचनाओं से प्रेरित चित्र बनाए हैं। यह अनूठी पेशकश राहत साहब के लाखों प्रशंसकों के लिए किसी अनमोल उपहार से कम नहीं होगी।

डॉ. राहत इंदौरी के लेखन से प्रेरित पेंटिंग बनाने वाले 9 कलाकारों में गोगी सरोज पाल, संजय भट्टाचार्य, असित पटनायक, जगन्नाथ पॉल, लक्ष्मण ऐले, पार्थ भट्टाचार्जी, सोनी खन्ना, सिद्धार्थ और मुकेश साह शामिल हैं। वहीं जिन संगीतकारों ने डॉ. इंदौरी की गजलों को कंपोज किया है, उनमें ओशो जैन, फिडेलक्राफ्ट, बावरी बसंती, मनसिमरन-हर्षित, द तापी प्रोजेक्ट, हरप्रीत सिंह, रूपम भूयन, प्रतीक गांधी और आश्रन महाजन शामिल हैं।

सॉन्गड्यू के संस्थापक सुनील खन्ना ने कहा कि इंदौरी शब्दों और अभिव्यक्ति की निडरता के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने हमारे लिए बहुत सारे खजाने छोड़े हैं। हम उनकी जिंदगी का जश्न कुछ इस तरह से मनाना चाहते थे, जो उनके कद के अनुरूप हो। इन संगीतकारों और कलाकारों को एक साथ आते देखना और शानदार रचनाओं और चित्रों का निर्माण चौंका देने वाला है। हमें यकीन है कि इस पहल से राहत साहब के लाखों प्रशंसकों के मन में उनही यादें फिर ताजा हो जाएंगी। अपनी कालातीत लेखनी से राहत साहब आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

सॉन्गड्यू ने डॉ. राहत इंदौरी एक अलग पहचान के नाम से अपनी तरह की पहली संगीत पुस्तक भी प्रकाशित की है। इस पुस्तक में संगीतकारों द्वारा कंपोज की गई डॉ. राहत इंदौरी की रचनाएं व कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग तथा सभी कंपोजिंग के क्यूआर कोड शामिल हैं। इस पुस्तक को सभी प्रमुख बुक स्टोर और ऑनलाइन स्टोर पर उपलब्ध कराया जाएगा।

फैसल राहत ने इस मौके पर कहा मैं सुनील खन्ना और सॉन्गड्यू की पूरी टीम को राहत साहब के जीवन का अहम अंग रहे कविता, संगीत और कला को एक साथ पिरोने की इस अनूठी अवधारणा के लिए बधाई देता हूं।

Next Story