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हैदर काजमी ने ''जेहाद'' के जरिए अयोध्या में प्रेम और भाईचारा का संदेश दिया

हैदर काजमी ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत मशहूर अभिनेता, निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार के सीरियल ‘भारत के शहीद’ से की थी। इन दिनों वह आतंकवाद पर आधारित फिल्म ‘जेहाद’ को लेकर चर्चा में हैं।

हैदर काजमी ने

हैदर काजमी ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत मशहूर अभिनेता, निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार के सीरियल ‘भारत के शहीद’ से की थी। इन दिनों वह आतंकवाद पर आधारित फिल्म ‘जेहाद’ को लेकर चर्चा में हैं।

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इस फिल्म को ‘कॉन्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ और ‘टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ सहित 17 इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अवार्ड्स मिल चुके हैं। फिल्म का आइडिया हैदर काजमी का ही है, इसे प्रोड्यूस भी उन्होंने ही किया और इसमें लीड रोल भी हैदर ने निभाया है। फिल्म के डायरेक्टर राकेश परमार हैं।

ऐसे आया फिल्म का आइडिया

मेरे दिमाग में आया कि आज लोगों ने ‘जेहाद’ का मतलब आतंकवाद मान लिया है। ‘जेहाद’ का मतलब किसी को गोली से उड़ा देना हो गया है। लेकिन हकीकत में जेहाद के यह मायने हैं ही नहीं। तब मैंने सोचा कि सिर्फ भारत ही नहीं, पूरे विश्व के हर इंसान को खासकर मुसलमानों को जेहाद का मतलब याद दिलाना चाहिए।

इसके बाद इस विषय पर रिसर्च की गई। लेखकों की पूरी टीम को दो साल के लिए कश्मीर में बैठाया। वहीं पर स्क्रिप्ट लिखी गई। लेखकों की टीम में हमने स्थानीय कश्मीरी यानी कि वहां के मशहूर रंगकर्मी भवानी बशीर यासिर साहब को शामिल किया।

कहानी और मेरा किरदार

फिल्म ‘जेहाद’ की कहानी आतंकवादी अल्ताफ की है। वह किस तरह से आतंकवादी बना? उसके लिए ‘जेहाद’ क्या है? फिर आतंकवादी घटनाओं में लिप्त होने के बावजूद उसे कैसे जेहाद का सही मतलब समझ में आता है।

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मैंने ही फिल्म में अल्ताफ का रोल किया है। फिल्म में अल्ताफ के बचपन की घटना है, उसके गांव में सेना आती है और कुछ लोगों को पकड़ कर ले जाती है। तभी से उसके मन में सेना के प्रति गुस्सा भर जाता है। वह बड़ा होकर हकीकत और सच को समझ पाए, उससे पहले ही बरगलाने वाले उसे अपने शिकंजे में फंसा लेते हैं।

इसके बाद अल्ताफ आतंकवादी बन जाता है। फिर कैसे उसे पता चलता है कि जेहाद का असली मतलब क्या है? वह कैसे बदलने का प्रयास करता है। इसमें हमने रेडियो, रंगमंच के चालीस कश्मीरियों को भी लिया है। कश्मीरी पंडित भावना के किरदार में आल्फिया नाम की एक्ट्रेस हैं। फिल्म की शूटिंग भी कश्मीर में हुई है।

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