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बेगम अख्तर के 103वें जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बना दी श्रद्धांजलि

बेगम अख्तर की संगीतमय विरासत आज भी दिलों में जिंदा है।

बेगम अख्तर के 103वें जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बना दी श्रद्धांजलि

‘‘मल्लिका-ए-गजल' बेगम अख्तर के 103वें जन्मदिन पर सर्च इंजन गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें आज श्रद्धांजलि दी। बेगम अख्तर का जन्म सात अक्तूबर 1914 को उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में हुआ था। डूडल में गायिका हाथ में सितार पकड़े नजर आ रही हैं।

बेगम अख्तर को गजल की मलिका कहा जाता था और आज अगर वो होतीं तो 103 साल की होतीं। 'ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया...' जैसी मशहूर गजल देने वाली बेगम अख्तर की संगीतमय विरासत आज भी दिलों में जिंदा है।
उनकी जिंदगी के कई अनकहे पहलू भी हैं जो बेहद ही दिलचस्प हैं जो उनकी एक अलग और अनोखी शख्सियत से रूबरू कराते हैं। एक बात और गूगल ने भी आज इनकी शान में एक शानदार डूडल बनाया है।
दादरा, ठुमरी और गजल में महारत हासिल करने वाली बेगम अख्तर ‘संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार' के अलावा ‘पद्म श्री' से भी सम्मानित थीं। उन्हें मरणोपरांत ‘पद्म भूषण' भी दिया गया था।‘नसीब का चक्कर', ‘द म्यूजिक रूम', ‘रोटी', ‘दाना-पानी',‘एहसान' आदि कई फिल्मों के गीतों को उन्होंने अपनी आवाज दी। उन्होंने कई नाटकों और फिल्मों में अभिनय भी किया।
वर्ष 1945 में उन्होंने इश्तिआक अहमद अब्बासी से शादी की थी। वह पेशे से वकील थे। गायिका का निधन 60 वर्ष की उम्र में 30 अक्तूबर 1974 को हुआ था।
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